बलौदाबाजार। खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिले में कीटनाशक विक्रय केंद्रों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को जिले के विभिन्न विकासखंडों में संचालित 13 कृषि केंद्रों का सघन निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 6 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 7 से 10 दिनों के लिए विक्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पलारी विकासखंड के कीटनाशक निरीक्षक सुचिन कुमार वर्मा ने ग्राम अमेरा स्थित पटेल कृषि सेवा केंद्र, जय दुर्गा कृषि केंद्र, शिवराम कृषि सेवा केंद्र तथा ग्राम छेरकापुर स्थित वर्मा कृषि केंद्र एवं साहू कृषि केंद्र का निरीक्षण किया। वहीं सिमगा विकासखंड के कीटनाशक निरीक्षक ऑलिव मेरी कुजूर ने हिरमी स्थित कमल कृषि सेवा केंद्र, भाटापारा विकासखंड के निरीक्षक अवधेश उपाध्याय ने सिंगारपुर स्थित नंदिनी कृषि केंद्र तथा कसडोल विकासखंड के निरीक्षक धनेश्वर साय ने कटगी स्थित श्रीराम ट्रेडर्स और विनोद कृषि सेवा केंद्र एवं छांछी स्थित देवांगन कृषि केंद्र का निरीक्षण किया।
इसके अलावा बलौदाबाजार विकासखंड के निरीक्षक लोकनाथ दीवान द्वारा बलौदाबाजार स्थित जोगी कृषि केंद्र तथा लवन स्थित रूपेश कृषि केंद्र एवं सिद्धिविनायक कृषि सेवा केंद्र की जांच की गई।
इन केंद्रों पर मिली अनियमितताएं
जांच के दौरान पटेल कृषि सेवा केंद्र, जय दुर्गा कृषि केंद्र, शिवराम कृषि केंद्र अमेरा, वर्मा कृषि केंद्र छेरकापुर, साहू कृषि केंद्र छेरकापुर और कमल कृषि केंद्र हिरमी में विभिन्न अनियमितताएं सामने आईं। इनमें किसानों को निर्धारित प्रारूप में देयक उपलब्ध नहीं कराना, स्टॉक रजिस्टर का नियमित संधारण नहीं करना, पीसी जमा नहीं करना तथा प्रतिष्ठान में मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना जैसी कमियां शामिल हैं।
जांच के दौरान पटेल कृषि सेवा केंद्र, जय दुर्गा कृषि केंद्र, शिवराम कृषि केंद्र अमेरा, वर्मा कृषि केंद्र छेरकापुर, साहू कृषि केंद्र छेरकापुर और कमल कृषि केंद्र हिरमी में विभिन्न अनियमितताएं सामने आईं। इनमें किसानों को निर्धारित प्रारूप में देयक उपलब्ध नहीं कराना, स्टॉक रजिस्टर का नियमित संधारण नहीं करना, पीसी जमा नहीं करना तथा प्रतिष्ठान में मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना जैसी कमियां शामिल हैं।
कृषि विभाग ने इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित फर्मों को कीटनाशी अधिनियम, 1968 की धारा 10(डी), 10(4)(ए), 15, 8(3) एवं 35(1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही संबंधित कृषि केंद्रों में 7 से 10 दिनों के लिए कीटनाशकों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।
सभी संबंधित विक्रेताओं को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयावधि में जवाब नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में संबंधित कृषि केंद्रों के कीटनाशी लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
अभिलेखों का नियमित संधारण जरूरी
उप संचालक कृषि दीपक नायक ने जिले के सभी कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि उर्वरक, बीज, कीटनाशक सहित अन्य कृषि आदान सामग्री के भंडारण और विक्रय से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेखों का नियमित रूप से संधारण करें। स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक में प्रत्येक आवक एवं विक्रय का सही और अद्यतन विवरण दर्ज करना अनिवार्य है।
उप संचालक कृषि दीपक नायक ने जिले के सभी कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि उर्वरक, बीज, कीटनाशक सहित अन्य कृषि आदान सामग्री के भंडारण और विक्रय से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेखों का नियमित रूप से संधारण करें। स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक में प्रत्येक आवक एवं विक्रय का सही और अद्यतन विवरण दर्ज करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि कृषि आदान विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का कड़ाई से पालन करना होगा। विभाग द्वारा कृषि आदान सामग्री के भंडारण एवं विक्रय व्यवस्था की निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। नियमों की अनदेखी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



