अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में लहलहाती फसल से लेकर ग्रामीणों के आशियाने तक, हाथियों का दल भारी नुकसान पहुंचा रहा है। हालात ऐसे हैं कि, ग्रामीणों को अपनी जान-माल की सुरक्षा के साथ-साथ बेघर होने का भी डर सताने लगा है। बीते एक महीने में हाथियों ने 12 से अधिक कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, वहीं 100 हेक्टेयर से अधिक फसल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
बासेन गांव पहुंचा हाथियों का दल
उदयपुर क्षेत्र में देर शाम जंगली हाथियों का दल बासेन गांव पहुंच गया। क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। वहीं, अदाणी कंपनी की कोल माइंस के आसपास हाथियों की आवाजाही ने खतरे को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथियों का दल आबादी वाले इलाकों और खेतों की ओर बढ़ा तो नुकसान और बढ़ सकता है।
मकानों के साथ फसलों को भी भारी नुकसान
जंगली हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक ओर कड़ी मेहनत से तैयार की गई फसलें बर्बाद हो रही हैं, तो दूसरी ओर कच्चे मकानों के टूटने से परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। लगातार हो रहे नुकसान के चलते ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग अलर्ट है। फिलहाल, उदयपुर क्षेत्र के ग्रामीण जंगली हाथियों की आवाजाही से परेशान हैं।



