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                <title>अंतरराष्ट्रीय - Khaskhabar News</title>
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                <title>बड़ा हादसा : बेपटरी हुई  ट्रेन 15 लोगों की मौत, 18 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-08/untitled1.jpg" alt="Untitled1" width="275" height="183" /></strong></em></span></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong>लिस्बन//</strong></em></span><br />पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में बुधवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। लिस्बन की प्रसिद्ध ग्लोरिया फ्यूनिकुलर ट्रेन, जो पर्यटकों में काफी लोकप्रिय है, पटरी से उतरकर एक इमारत से टकरा गई, जिससे कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 18 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है।<br />यह हादसा शाम 6 बजे (स्थानीय समय) के आसपास हुआ। फ्यूनिकुलर ट्रेन, जो ढलान वाली सड़क पर ऊपर-नीचे चलती है, का सपोर्टिंग केबल अचानक टूट गया। ट्रेन तेज़ी से ढलान पर लुढ़कती चली गई और एक इमारत से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-08/untitled1.jpg" alt="Untitled1" width="275" height="183"></img></strong></em></span></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong>लिस्बन//</strong></em></span><br />पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में बुधवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। लिस्बन की प्रसिद्ध ग्लोरिया फ्यूनिकुलर ट्रेन, जो पर्यटकों में काफी लोकप्रिय है, पटरी से उतरकर एक इमारत से टकरा गई, जिससे कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 18 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है।<br />यह हादसा शाम 6 बजे (स्थानीय समय) के आसपास हुआ। फ्यूनिकुलर ट्रेन, जो ढलान वाली सड़क पर ऊपर-नीचे चलती है, का सपोर्टिंग केबल अचानक टूट गया। ट्रेन तेज़ी से ढलान पर लुढ़कती चली गई और एक इमारत से टकराकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज में देखा गया कि ट्रेन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और लोग मलबे से बाहर निकाले जा रहे थे।<br />सरकारी अधिकारियों ने अभी मृतकों की पहचान या उनकी राष्ट्रीयता नहीं बताई है, लेकिन यह पुष्टि की है कि कुछ विदेशी नागरिक भी इस हादसे में मारे गए हैं।<br />लिस्बन के मेयर कार्लोस मोएदास ने कहा: "यह हमारे शहर के लिए बेहद दुखद दिन है... लिस्बन शोक में है। यह एक त्रासदी है।" राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूज़ा ने भी गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि जल्द ही जांच से दुर्घटना के कारणों का खुलासा होना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>घटना / दुर्घटना</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Sep 2025 08:27:25 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Axiom Mission-4 एक बार फिर टला शुभांशु शुक्ल का मिशन अंतरिक्ष </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA और निजी कंपनी Axiom Space का महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन Axiom Mission-4 एक बार फिर लॉन्च नहीं हो सका। यह मिशन 11 जून को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरने वाला था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/axiom-mission-4-once-again-averted-shubhanshu-shuklas-mission-space/article-4039"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-06/shubandshu-lllgg-768x448.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="color:rgb(18,7,218);"><em><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-06/untitled8.jpg" alt="Untitled" width="768" height="448"></img></strong></em></span></p>
<p><span style="color:rgb(18,7,218);"><em><strong>न्यूज़ डेस्क // </strong></em></span><br />अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA और निजी कंपनी Axiom Space का महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन Axiom Mission-4 एक बार फिर लॉन्च नहीं हो सका। यह मिशन 11 जून को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरने वाला था। लेकिन रॉकेट में लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) का रिसाव होने के कारण मिशन को स्थगित करना पड़ा। यह लॉन्च अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से किया जाना था।  </p>
<p><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-06/shubandshu-lllgg-768x448.jpg" alt="shubandshu-lllgg-768x448" width="768" height="448"></img></p>
<p>आपको बता दें कि इस मिशन की लॉन्चिंग में यह पहली बार देरी नहीं हुई है। इससे पहले यह मिशन 29 मई को लॉन्च होना था, लेकिन किसी तकनीकी वजह से उसे टालना पड़ा। इसके बाद इसे 8 जून को फिर से तय किया गया, लेकिन उस दिन भी मिशन लॉन्च नहीं हो सका। 10 जून को मौसम खराब होने की वजह से फिर से मिशन को टालना पड़ा। अब 11 जून को चौथी बार तकनीकी खराबी के चलते इसकी लॉन्चिंग रुक गई है।</p>
<h3><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong>भारतीय पायलट होंगे मिशन का हिस्सा</strong></em></span></h3>
<p>दरअसल, इस मिशन में कुल 4 अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे, जिनमें भारत के शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं। शुभांशु भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन हैं और वह इस मिशन में पायलट की भूमिका निभाएंगे। वह राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे। यह भारत के लिए गर्व की बात है कि लगभग 40 साल बाद एक और भारतीय अंतरिक्ष में जा रहा है।</p>
<h3><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong>मिशन में शामिल अन्य अंतरिक्ष यात्री</strong></em></span></h3>
<p>वहीं इस पूरे मिशन में शुभांशु शुक्ला के अलावा अमेरिका की महिला अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन कमांडर होंगी। उनके साथ पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की और हंगरी के टिबोर कापू भी मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में शामिल होंगे। दिलचस्प बात यह है कि उज्नान्स्की 1978 के बाद और टिबोर 1980 के बाद अपने-अपने देशों से अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे एस्ट्रोनॉट होंगे।</p>
<p><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-06/shubanshu-shukla.jpg" alt="shubanshu-shukla" width="1200" height="700"></img></p>
<h3><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong>14 दिन के मिशन में होगी रिसर्च</strong></em></span></h3>
<p>यह मिशन कुल 14 दिनों का होगा। जैसे ही ड्रैगन कैप्सूल फाल्कन-9 रॉकेट से उड़ान भरकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचेगा  में करीब 48 घंटे लगेंगे वैसे ही अंतरिक्ष यात्री रिसर्च शुरू करेंगे। इस मिशन के दौरान सात अलग-अलग प्रकार की रिसर्च की जाएगी, जो विज्ञान और मानव स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहद अहम मानी जा रही है।</p>
<h3><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong>रिसर्च से जुड़े रहस्य और लक्ष्य</strong></em></span></h3>
<p>इन 14 दिनों में अंतरिक्ष यात्री अलग-अलग तरह के वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इसरो और नासा मिलकर 12 वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं, जिनमें से 7 भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा और 5 अमेरिकी वैज्ञानिकों द्वारा किए जाएंगे। रिसर्च का मुख्य उद्देश्य यह है कि यह जाना जा सके कि सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) का असर पौधों के बीजों पर क्या पड़ता है। इससे यह पता चल सकेगा कि क्या भविष्य में अंतरिक्ष में खेती संभव है। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अंतरिक्ष का वातावरण मानव शरीर के दिल, दिमाग और मांसपेशियों पर क्या असर डालता है। इसके अलावा कुछ टेक्नोलॉजिकल रिसर्च भी की जाएंगी, जिससे भविष्य की तकनीक को बेहतर बनाया जा सके।</p>
<h3><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><em>भारी बजट और वैश्विक साझेदारी</em></strong></span></h3>
<p>Axiom Mission-4 को तैयार करने में करीब 5140 करोड़ रुपये (यानि 60 मिलियन डॉलर) का खर्च आया है। यह एक प्राइवेट स्पेस मिशन है, लेकिन इसे नासा, ISRO और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) की साझेदारी में अंजाम दिया जा रहा है। यह Axiom Space कंपनी का चौथा बड़ा अंतरिक्ष मिशन है। इससे पहले Axiom-1 अप्रैल 2022 में, Axiom-2 मई 2023 में और Axiom-3 जनवरी 2024 में सफलतापूर्वक लॉन्च हो चुके हैं।</p>
<h3><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong>भारत के लिए गर्व का क्षण</strong></em></span></h3>
<p>Axiom Mission-4 सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय मिशन नहीं है, बल्कि भारत के लिए गर्व का मौका भी है। शुभांशु शुक्ला की भागीदारी से भारत एक बार फिर अंतरिक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। हालांकि लॉन्चिंग में बार-बार देरी हो रही है, लेकिन यह मिशन भविष्य की अंतरिक्ष खोजों और तकनीकी प्रयोगों के लिए एक मजबूत नींव साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
                                            <category>जरा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 14:37:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक बार फिर दिखेगा मौत का तांडव</title>
                                    <description><![CDATA[SQUID GAME के तीसरे और आखिरी सीजन का ट्रेलर हुआ रिलीज कोरियन वेब सीरीज ‘स्क्विड गेम’ को दुनियाभर में जबरदस्त प्यार मिला है। इसके पहले दो सीजन बहुत हिट रहे और अब इसका तीसरा और आखिरी सीजन भी सामने आने वाला है। रविवार को नेटफ्लिक्स ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस सीजन का ट्रेलर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/once-again-the-orgy-of-death-will-be-seen/article-4000"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-06/0.jpg" alt=""></a><br /><h3><span style="color:#ff0000;"><strong>SQUID GAME के तीसरे और आखिरी सीजन का ट्रेलर हुआ रिलीज</strong></span></h3>
<p>कोरियन वेब सीरीज ‘स्क्विड गेम’ को दुनियाभर में जबरदस्त प्यार मिला है। इसके पहले दो सीजन बहुत हिट रहे और अब इसका तीसरा और आखिरी सीजन भी सामने आने वाला है। रविवार को नेटफ्लिक्स ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस सीजन का ट्रेलर रिलीज कर दिया। इस ट्रेलर को देखकर फैंस की उत्सुकता और भी बढ़ गई है। ट्रेलर में एक से बढ़कर एक एक्शन सीन और इमोशनल मोमेंट्स दिखाए गए हैं।</p>
<h3><span style="color:#ff0000;"><em><strong>पहले से ज्यादा गुस्से में नजर आया ये किरदार</strong></em></span></h3>
<p>दरअसल, सीरीज के मेन कैरेक्टर सेओंग गी-हुन, जिसे हम खिलाड़ी 456 के नाम से जानते हैं, इस सीजन में बहुत गुस्से में दिखाई देता है। वह अब भी अपने दोस्त जंग बे की मौत को भूल नहीं पाया है। ट्रेलर में वह गार्ड्स से भिड़ता नजर आता है और उनसे पूछता है कि उन्होंने उसे मारा क्यों नहीं। गी-हुन की आंखों में गुस्सा, दर्द और बदले की आग साफ नजर आती है। ऐसा लगता है कि इस बार वह सिर्फ सर्वाइव करने नहीं, बल्कि पूरा गेम बदलने के इरादे से वापस लौटा है।</p>
<h3><span style="color:#ff0000;"><strong>फ्रंट मैन के साथ होगी जोरदार टक्कर</strong></span></h3>
<p>इस बार की कहानी में एक नया और रहस्यमय फ्रंट मैन दिखाई देता है, जिससे गी-हुन की सीधी टक्कर होती है। ट्रेलर में उनके बीच जबरदस्त लड़ाई और तनाव दिखाया गया है। यह साफ हो गया है कि इस बार का मुकाबला पहले से ज्यादा खतरनाक और दिलचस्प होने वाला है। गेम के नियम क्या होंगे, कौन जीतेगा और कौन मरेगा – इन सभी सवालों के जवाब अब तीसरे सीजन में मिलेंगे।</p>
<h3><span style="color:#ff0000;"><em><strong>27 जून को आएगा आखिरी सीजन, नेटफ्लिक्स पर होगा स्ट्रीम</strong></em></span></h3>
<p>अगर आप भी इस सीरीज के फैन हैं, तो आपको 27 जून का बेसब्री से इंतजार करना चाहिए। इस दिन ‘स्क्विड गेम’ का तीसरा और आखिरी सीजन नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा। इस सीजन का निर्देशन, लेखन और निर्माण ह्वांग डोंग-ह्युक ने किया है, जो पहले दो सीजन भी बना चुके हैं। उन्होंने कहानी को एक शानदार मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखेगा।</p>
<h3><span style="color:#ff0000;"><em><strong>इस बार की स्टार कास्ट और नए चेहरे</strong></em></span></h3>
<p>तीसरे सीजन में कई पुराने किरदारों की वापसी हो रही है, जिनमें ली जुंग-जे यानी गी-हुन सबसे अहम हैं। इनके अलावा कुछ नए कलाकार भी इस सीजन का हिस्सा बन रहे हैं। सीजन 3 में यिम सी-वान, कांग हा-न्यूल, वाई हा-जुन, पार्क ग्यू-यंग, पार्क सुंग-हून, यांग डोंग-ग्यून, कांग ए-सिम, जो यूरी, ली डेविड और रोह जे-वोन जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।</p>
<h3><em><strong><span style="color:#ff0000;">सोशल मीडिया पर खूब हो रही चर्चा</span></strong></em></h3>
<p>जैसे ही ट्रेलर रिलीज हुआ, सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कोई कह रहा है कि अब और इंतजार नहीं हो रहा, तो कोई इस सीरीज को दुनिया की सबसे शानदार वेब सीरीज बता रहा है। हर तरफ इस सीजन की चर्चा हो रही है और लोग बेसब्री से 27 जून का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<h3><span style="color:#ff0000;"><em><strong>आखिरी सीजन से बंधी हैं बड़ी उम्मीदें</strong></em></span></h3>
<p>‘स्क्विड गेम’ का तीसरा और आखिरी सीजन सिर्फ एक कहानी का अंत नहीं होगा, बल्कि यह एक ऐसे सफर का निष्कर्ष होगा जिसने करोड़ों लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ा। इस सीजन में भावनाएं, थ्रिल, सस्पेंस और एक्शन – सब कुछ भरपूर देखने को मिलेगा। दर्शकों की उम्मीदें इस बार बहुत ऊंची हैं और ट्रेलर देखकर लगता है कि मेकर्स ने भी उन्हें निराश नहीं किया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
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                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 16:27:05 +0530</pubDate>
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                <title>जेल में ड्रोन हमला, 19 कैदियों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[खार्तूम // सूडान के पश्चिमी हिस्से नॉर्थ कोर्दोफान राज्य के एल ओबैद शहर में स्थित केंद्रीय जेल पर शनिवार को ड्रोन हमले हुए। इसमें कम से कम 19 कैदियों की मौत हो गई और 45 से अधिक घायल हो गए। यह जानकारी एक चिकित्सा सूत्र और चश्मदीदों ने दी। एल ओबैद अस्पताल के एक चिकित्सा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/drone-attack-in-jail-19-prisoners-killed/article-3918"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-05/untitled15.jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong><span style="color:#ff0000;">खार्तूम //</span></strong></em><br />
सूडान के पश्चिमी हिस्से नॉर्थ कोर्दोफान राज्य के एल ओबैद शहर में स्थित केंद्रीय जेल पर शनिवार को ड्रोन हमले हुए। इसमें कम से कम 19 कैदियों की मौत हो गई और 45 से अधिक घायल हो गए। यह जानकारी एक चिकित्सा सूत्र और चश्मदीदों ने दी। एल ओबैद अस्पताल के एक चिकित्सा सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अस्पताल में 19 शव और 45 घायल लाए गए हैं। उसने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।<br />
जेल भवन के पास मौजूद एक चश्मदीद ने बताया, तीन ड्रोन ने पांच मिसाइलें दागीं, जिनमें से तीन सीधे जेल भवन और कैदियों के रहने वाले हिस्से पर गिरीं। एक अन्य चश्मदीद ने कहा, जेल के अंदर राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है और मृतकों और घायलों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से अधिक हो सकती है।अब तक इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।<br />
बताया जा रहा है कि अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) ने हाल ही में सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों और प्रमुख सुविधाओं पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं, जिनमें एल ओबैद भी शामिल है।<br />
स्थानीय मीडिया के अनुसार, आरएसएफ ने पोर्ट सूडान पर सातवें दिन भी ड्रोन हमला जारी रखा। यह शहर मई 2023 से देश की प्रशासनिक राजधानी बन चुका है। हालांकि, आरएसएफ ने इस हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। गौरतलब है कि अप्रैल 2023 के मध्य से सूडान में एसएएफ और आरएसएफ के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है, जिसमें अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार, इस संघर्ष के चलते अब तक 1.5 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।</p>
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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 15:50:16 +0530</pubDate>
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                <title>नहीं रहे पोप फ्रांसिस</title>
                                    <description><![CDATA[वेटिकन सिटी में 88 साल की उम्र में हुआ निधन लंबे समय से बीमार थे नई दिल्ली// ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का निधन हो गया है. 88 साल की उम्र में उनका निधन हुआ. वेटिकन ने उनके निधन की पुष्टि की. वह लंबे समय से बीमार थे. वेटिकन ने सोमवार को बयान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/pope-francis-is-no-more/article-3851"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-04/01-2.jpg" alt=""></a><br /><h3><span style="color:#ff0000;"><em><strong>वेटिकन सिटी में 88 साल की उम्र में हुआ निधन</strong></em></span></h3>
<h3><span style="color:#ff0000;"><em><strong>लंबे समय से बीमार थे</strong></em></span></h3>
<p><span style="color:#ff0000;"><em><strong>नई दिल्ली//</strong></em></span><br />
ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का निधन हो गया है. 88 साल की उम्र में उनका निधन हुआ. वेटिकन ने उनके निधन की पुष्टि की. वह लंबे समय से बीमार थे.<br />
वेटिकन ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि वह रोमन कैथोलिक चर्च के पहले लैटिन अमेरिकी धर्मगुरु थे. उनके दोनों फेफड़ों में न्यूमोनिया था, जिसकी वजह से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी. वह लंबे समय तक अस्पताल में थे वह 38 दिनों तक अस्पताल में रहे थे और हाल में ही अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे. उनका अपने आवास कासा सेंटा मार्टा (Casa Santa Marta) पर निधन हुआ.</p>
<p><a href="https://x.com/VaticanNews/status/1914226689065865254?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1914226689065865254%7Ctwgr%5E59214fb880c8d61370e47b37c3017faf500dcde8%7Ctwcon%5Es1_c10&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fwww.aajtak.in%2Fworld%2Fstory%2Fpope-francis-has-died-vatican-long-time-critical-hospitalised-ntc-dskc-2221899-2025-04-21">https://x.com/VaticanNews/status/1914226689065865254?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1914226689065865254%7Ctwgr%5E59214fb880c8d61370e47b37c3017faf500dcde8%7Ctwcon%5Es1_c10&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fwww.aajtak.in%2Fworld%2Fstory%2Fpope-francis-has-died-vatican-long-time-critical-hospitalised-ntc-dskc-2221899-2025-04-21</a></p>
<p>पोप फ्रांसिस ने रविवार को ईस्टर के मौके पर सरप्राइज पब्लिक एपीयरेंस दी थी. उन्होंने सेंट पीटर स्क्वायर से 35000 लोगों की भीड़ का हाथ मिलाकर अभिवादन स्वीकार किया था. वेटिकन के कार्डिनल केविन फेरेल ने बताया कि पोप फ्रांसिस का पूरा जीवन ईश्वर की सेवा में समर्पित रहा.<br />
उनका जन्म अर्जेंटीना में हुआ था और उनका नाम जॉर्ज मारियो बेर्गोलियो था. पोप फ्रांसिस 2013 से इस पद पर थे. पोप बेनेडिक्ट XVI के इस्तीफे के बाद उन्होंने यह पद संभाला था. कार्डिनल ने उन्हें 266वें पोप के रूप में चुना था. यह पहला मौका था, जब किसी गैर यूरोपीय को पोप बनाया गया था.</p>
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                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
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                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 21 Apr 2025 15:34:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>2 न्यायाधीशों की हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान की घटना दुबई (एजेंसी )। ईरान की राजधानी तेहरान में 2 जजों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे दहशत फैल गई है। यह घटना शनिवार को हुई, जहां एक व्यक्ति ने दो प्रमुख कट्टरपंथी न्यायाधीशों की गोली मारकर हत्या कर दी। सरकारी मीडिया की खबर से यह जानकारी मिली। देश में न्यायपालिका […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/murder-of-2-judges/article-3404"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-01/untitled-50.jpg" alt=""></a><br /><h3><em><strong>ईरान की घटना</strong> </em></h3>
<p><em><strong>दुबई (एजेंसी )। </strong></em><br />
ईरान की राजधानी तेहरान में 2 जजों की <a href="http://google.com"><em><strong>गोली मारकर हत्या</strong> </em></a>कर दी गई। इससे दहशत फैल गई है। यह घटना शनिवार को हुई, जहां एक व्यक्ति ने दो प्रमुख कट्टरपंथी न्यायाधीशों की गोली मारकर हत्या कर दी। सरकारी मीडिया की खबर से यह जानकारी मिली। देश में न्यायपालिका पर यह दुर्लभ हमला है।<br />
सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि इस गोलीबारी में <a href="https://www.khaskhabar.news/mumbai-marathon-nikita-dutta-ran-21-kilometers/"><em><strong>न्यायाधीश मौलवी मोहम्मद मोगीसेह और न्यायाधीश अली रजिनी</strong></em></a> की मौत हो गई। ‘इरना’ के मुताबिक, इस हमले में एक न्यायाधीश का अंगरक्षक भी घायल हो गया। समाचार एजेंसी के मुताबिक, बाद में हमलावर ने खुद को भी गोली मारकर अपनी जान दे दी।<br />
एक बार और हो चुकी थी हत्या की कोशिश<br />
बताया जा रहा है कि जिन न्यायाधीशों को गोली मारी गई, उनमें से एक जज की करीब 25 साल पहले भी हत्या की कोशिश हो चुकी थी।<br />
न्यायाधीश रजिनी की 1999 में हत्या करने की कोशिश की गयी थी, लेकिन वह प्रयास विफल रहा था। दोनों ही न्यायाधीश कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने और उन्हें कठोर सजा देने के लिये जाने जाते थे।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.khaskhabar.news/international/murder-of-2-judges/article-3404</link>
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                <pubDate>Sun, 19 Jan 2025 15:22:48 +0530</pubDate>
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                <title>भारत के खिलाफ झूठ फैलाने वालों का साथ देती है कांग्रेस &amp;#8211; बीजेपी</title>
                                    <description><![CDATA[हिंडनबर्ग रिसर्च बंद अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research Shutting Down) , जिसने अदाणी समूह सहित कई व्यावसायिक संस्थाओं को निशाना बनाया था, अब बंद होने जा रही है. इसकी घोषणा खुद इसके संस्थापक नैट एंडरसन ने की है.नैट एंडरसर ने हिंडनबर्ग वेबसाइट पर एक नोट लिखकर कहा है कि मैंने हिंडनबर्ग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h3><strong>हिंडनबर्ग रिसर्च बंद</strong></h3>
<p>अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research Shutting Down) , जिसने अदाणी समूह सहित कई व्यावसायिक संस्थाओं को निशाना बनाया था, अब बंद होने जा रही है. इसकी घोषणा खुद इसके संस्थापक नैट एंडरसन ने की है.नैट एंडरसर ने हिंडनबर्ग वेबसाइट पर एक नोट लिखकर कहा है कि मैंने हिंडनबर्ग रिसर्च को खत्म करने का निर्णय लिया है. हिंडनबर्ग के बंद होने की खबरों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है.बीजेपी ने कहा है कि कांग्रेस उन लोगों का साथ देती है जो भारत के खिलाफ झूठ फैलाने का काम करते हैं.<br />
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि खबर ये आई है कि हिंडनबर्ग ने अपनी दुकान बंद कर ली है. एक बात तो स्पष्ट है कि हिंडनबर्ग एक टारगेट सुपारी लेकर भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने और निजी मुनाफा कमाने की मंशा से काम कर रहा था. पर हिंडनबर्ग की बोतों को किस प्रकार से गोस्पेल की तरह अपनाने का काम कुछ राजनीतिक दल और उनके इकोसिस्टम ने किया, ये किसी से छिपा नहीं है. हिंडनबर्ग पर अमेरिका में भी जांच जारी है.<br />
उन्होंने आगे कहा कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने भी फटकार लगाई और उनकी रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए ये भी कहा था कि कि इनकी एक्टिविटी की जांच होनी चाहिए. भारत के निवेशकों के लाखों करोड़ों रुपये हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने बर्बाद की है. पर यहां पर कुछ राजनीतिक दल खासकर राहुल गांधी एक पार्टी और एक व्यक्ति के विरोध में उतरते उतरते भारत की इकोनॉमी और भारत के स्टेट के खिलाफ उतर गए. और अपने निवेशी पार्टनर हिंडनबर्ग का सहारा लेते हुए झूठे और अनर्गल आरोप लगाते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को इकोनॉमिक एनार्की की तरफ ले जानी की कोशश कर रहे हैं.</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.khaskhabar.news/international/congress-bjp-supports-those-who-spread-lies-against-india/article-3388</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 14:09:50 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>सावधान : HMPV वायरस ने भारत में  दी दस्तक</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में मिला HMPV वायरस का पहला केस 8 माह की बच्ची मिली पॉजिटिव कोरोना जैसे हैं लक्षण कोविड-19 महामारी के बाद चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) तेजी से फैल रहा है. चीन से बाहर भी एचएमपीपी वायरस ने अपने पैर पसारना शुरू कर दिए हैं. अब यह खतरनाक वायरस भारत पहुंच गया है. पहला […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/be-careful-hmpv-virus-knocks-in-india/article-3349"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-01/untitled-16.jpg" alt=""></a><br /><h3><em><strong>भारत में मिला HMPV वायरस का पहला केस</strong></em></h3>
<h3><em><strong>8 माह की बच्ची मिली पॉजिटिव</strong></em></h3>
<h3><em><strong>कोरोना जैसे हैं लक्षण</strong></em></h3>
<p><a href="http://google.com"><em><strong>कोविड-19</strong></em></a> महामारी के बाद चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) तेजी से फैल रहा है. चीन से बाहर भी एचएमपीपी वायरस ने अपने पैर पसारना शुरू कर दिए हैं. अब यह खतरनाक वायरस भारत पहुंच गया है. पहला मामला बेंगलुरु से सामने आया है.<br />
जानकारी के मुताबिक़, <a href="https://www.khaskhabar.news/5-maoists-including-2-female-naxalite-killed-in-encounter/"><em><strong>बेंगलुरु के बैपटिस्ट हॉस्पिटल में भर्ती</strong> </em></a>एक आठ माह की बच्ची एचएमपीवी वायरस से संक्रमित पायी गयी है. हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनके लैब में इसकी जांच नहीं हुई है. बच्ची की जांच एक निजी अस्पताल में कराई गयी है जिसमें एचएमपीवी यानी ह्यूमन मेटापन्यूमोवायरस (HMPV) की पुष्टि हुई है. सैंपल को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला में भेजा गया है.<br />
हैरान करने वाली बात ये है बच्चे और उसके परिवार की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है. हालाँकि निजी हॉस्पिटल की जांच रिपोर्ट पर भी शक नहीं किया जा सकता है. क्युकी यह वायरस ज्यादातर बच्चों को संक्रमित करता है. बुजुर्ग को भी अपना टारगेट बनाता है. सभी फ्लू सैंपल में से 0.7 फीसदी HMPV के होते हैं. इसके लक्षण आम फ्लू की तरह होते हैं. अगर जांच किया गया, तो कई लोग पॉजिटिव पाए जाएंगे. बता दें, पहला मामला सामने आने के बाद HMPV को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय एडवाइजरी जारी कर सकता है.<br />
<em><strong>HMPV क्या है?</strong></em><br />
इस वायरस को ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस या एचएमपीवी (HMPV) वायरस कहते हैं.<a href="https://www.khaskhabar.news/the-knock-of-success-comes-from-the-desire-to-learn-educationist-dr-sanjay-gupta/"><em><strong> यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के</strong></em></a> मुताबिक यह वायरस नया है. 1958 से धरती पर मौजूद है. मगर 2001 में पहली बार वैज्ञानिकों ने इसे खोजा था. अब तक इसकी वैक्सीन नहीं बन पाई है. यह वायरस ज्यादातर बच्चों और बूढ़े को अपनी चपेट में लेता है. एचएमपीपी वायरस आमतौर पर खांसने और छींकने, संक्रमित व्‍यक्ति के छूने या हाथ मिलने से फैलता है. आमतौर पर संक्रमित लोगों को खांसी-जुकाम की समस्‍या होती है लेकिन कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए गंभीर हो सकता है. उनकी जान भी जा सकती है. क्योंकि यह संक्रमित मरीजों के फेफड़े को प्रभावित करती है. कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली, अस्थमा या श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोगों को ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है.<br />
<em><strong>वायरस के लक्षण</strong></em><br />
गले में खराश, सिरदर्द और थकान , खांसी, बुखार, ठंड लगना और नाक बहना, सांस लेने में दिक्कत होना, लगातार खांसी या गले में घरघराहट, सांस और फेफड़ों की नली में इन्फेक्शन<br />
<em><strong>क्या है इलाज</strong></em><br />
इसका कोई इलाज नहीं है. लेकिन <a href="https://www.khaskhabar.news/tourist-places-of-bilaspur-are-attracting-tourists/"><em><strong>सावधानी और परहेज</strong> </em></a>से इससे बचा जा सकता है. एचएमपीवी से पीड़ित लोग अधिकांश लोग लगभग सात से 10 दिनों के भीतर ठीक हो जाते हैं. हालाँकि कई बार अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ सकती है. संक्रमण को कम करने के लिए सभी जगहों पर बाहरी हवा के साथ पर्याप्त वेंटिलेशन की सलाह दी जाती है. पांच से छह दिन संक्रमित को घर में रहना चाहिए. दूसरों से संपर्क सीमित करें. इस दौरान खूब पानी पिएँ और पौष्टिक भोजन करना चाहिए.</p>
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                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>जरा हटके</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.khaskhabar.news/international/be-careful-hmpv-virus-knocks-in-india/article-3349</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 14:05:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>HMPV ने  मचाई तबाही, 170 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[18 देशों में भी फैला संक्रमण बीजींग/नई दिल्ली। कोरोना के बाद चीन में एक और वायरस ने एंट्री मारी है। बताया जा रहा कि इस वायरस की चपेट में आकर चीन में ही 170 लोगों की मौत हो चुकी है। वहं, अब तक इस वायरस की पुष्टि दुनिया के 18 देशों में की गई है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/hmpv-caused-devastation-170-people-died/article-3329"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-01/untitled-3.jpg" alt=""></a><br /><h4><em><strong>18 देशों में भी फैला संक्रमण</strong> </em></h4>
<p><em><strong>बीजींग/नई दिल्ली। </strong></em><br />
कोरोना के बाद चीन में एक और वायरस ने एंट्री मारी है। बताया जा रहा कि इस वायरस की चपेट में आकर चीन में ही 170 लोगों की मौत हो चुकी है। वहं, अब तक इस वायरस की पुष्टि दुनिया के 18 देशों में की गई है। इस खतरनाक वायरस की चपेट में आए देशों में भी अब तक 7834 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। 170 लोगों के बाद फिर से चीन में आपातकाल की स्थिति बन गई है।<br />
मिली जानकारी के अनुसार चीन के कई शहरों में इन दिनों ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) वायरस कहर बरपा रहा है। HMPV के चलते एक बार फिर अस्पतालों में मरीजों की संख्या में ताबड़तोड़ इजाफा हुआ है। तेजी से बढ़ते आंकड़े ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।<br />
वहीं दूसरी ओर हालात को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस नए संक्रमण को “वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल” करार दिया है। WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने जिनेवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह वायरस तेजी से फैल रहा है, और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि चीन ने पहली बार 31 दिसंबर, 2019 को स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा की थी।<br />
<em><strong>क्या है ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV)</strong></em><br />
ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) पहली बार 2001 में खोजा गया था। यह मुख्य रूप से 14 साल से कम उम्र के बच्चों और बुजुर्गों को प्रभावित करता है। वायरस मुख्य रूप से सर्दियों के मौसम में फैलता है और खांसी, बुखार, और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण उत्पन्न करता है। चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण और रोकथाम प्रशासन ने लैब रिपोर्टिंग प्रक्रिया को तेज कर दिया है और संक्रमित मरीजों की निगरानी शुरू कर दी है।<br />
<em><strong>अचानक मरीजों की संख्या में हुआ उछाल</strong></em><br />
हाल ही में रिपोर्ट्स में यह पाया गया है कि 16 से 22 दिसंबर के बीच संक्रमण की दर में तेजी आई है। यह वायरस उन क्षेत्रों में अधिक सक्रिय है, जहां तापमान तेजी से गिर रहा है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और रिपोर्ट्स ने इस संकट को और अधिक उजागर कर दिया है।<br />
चीन सरकार ने अस्पतालों में विशेष वार्ड तैयार करने, वायरस की जांच बढ़ाने, और जनता को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू कर दिए हैं। WHO ने भी इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है। ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के बढ़ते मामलों ने दुनिया भर में अलार्म बजा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि इस संकट को रोका जा सके। सभी को सतर्क रहने और आवश्यक स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jan 2025 13:40:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोबाइल का उपयोग करना स‍िगरेट पीने के जैसा!</title>
                                    <description><![CDATA[इस देश ने तैयार किया लोगों को बचाने का मेगा प्लान ऑनलाइन न्यूज़ डेस्क //यूरोप के देश स्पेन ने मोबाइल को लेकर एक बड़ा कदम उठाने का प्लान बनाया है. स्पेन में बिकने वाले मोबाइल के ऊपर जल्द ही वॉर्निंग लिखी नजर आएगी. इसमें फोन से होने वाले खतरों के बारे में बताया जाएगा. यह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/using-mobile-is-like-smoking-cigarette%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE/article-3173"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2024-12/untitled-13.jpg" alt=""></a><br />
<p><strong><em>इस देश ने तैयार किया लोगों को बचाने का मेगा प्लान</em></strong></p>



<p><strong><em>ऑनलाइन न्यूज़ डेस्क //<br /></em></strong>यूरोप के देश स्पेन ने मोबाइल को लेकर एक बड़ा कदम उठाने का प्लान बनाया है. स्पेन में बिकने वाले मोबाइल के ऊपर जल्द ही वॉर्निंग लिखी नजर आएगी. इसमें फोन से होने वाले खतरों के बारे में बताया जाएगा. यह ठीक भारत में तंबाकू और सिगरेट की पैकिंग पर लिखे जाने वाली चेतावनी की तरह हो सकती है.<br />दरअसल, स्पेन की सरकार को एक्सपर्ट्स की एक कमेटी की तरफ <strong><em><a href="https://www.khaskhabar.news/see-the-transfer-list-of-ias-officers-and-know-who-got-what-responsibility/">से सलाह दी गई है कि उनके देश में स्मार्टफोन</a></em></strong> बेचने वाले ब्रांड को हेल्थ से संबंधित खतरों को लेबल किया जाना चाहिए. कमेटी ने डॉक्टर्स के लिए भी सुझाव दिया है. कमेटी ने कहा कि मरीजों के इलाज के दौरान उनके स्क्रीनटाइम को पूछे जाना चाहिए.<br />स्पेन एक नया नियम भी ला रहा है, जिसका मकसद बच्चों के मोबाइल यूज को कंट्रोल करना है. इस कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 50 सदस्यी कमेटी का गठन किया जा चुका है.<br />इस कमेटी ने 13 साल तक के बच्चों के लिए डिजिटल डिवाइस <strong><em><a href="https://www.khaskhabar.news/transfer-breaking-13-ips-officers-transferred/">के इस्तेमाल को कंट्रोल करने की सलाह दी गई है.</a></em></strong> रिपोर्ट में कमेटी ने कहा कि 3 साल तक बच्चों को कोई भी डिजिटल डिवाइस नहीं देना चाहिए.<br />इसके बाद 6 साल के बच्चे को तब डिवाइस देना चाहिए, जब उसे उसकी जरूरत हो. इसके बाद 6-12 साल के बच्चों को बिना इंटरनेट वाला फोन इस्तेमाल करने की सलाह दी है. बच्चों को खेलकूद आदि की सलाह दी गई है.<br />मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोशल मीडिया ऐप्स के इस्तेमाल के दौरान भी स्वास्थ्य से जुड़ी चेतावनी को दिखाना जरूरी होगा. इसके लिए ऐप को ओपेन करने के बाद शुरुआत में या बीच में चेतावनी को पॉपअप के रूप में दिखाने की सलाह दी है. हालांकि इसको कानून का रूप कब दिया जाएगा, उसकी कोई टाइम लाइन नहीं बताई गई है.</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचार/ लेख</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                            <category>जरा हटके</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Dec 2024 11:00:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शांति के पक्षधर: नरेंद्र मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[डेलावेयर/नई दिल्ली । अमेरिका के डेलावेयर में आयोजित क्वाड शिखर सम्मेलन में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया तनाव और संघर्ष से घिरी है। उन्होंने कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर क्वाड देशों को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/india-america-japan-and-australia-are-in-favor-of-peace-narendra-modi/article-2839"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2024-09/20240922125009_quad-summit.jpg" alt=""></a><br />
<p><strong>डेलावेयर/नई दिल्ली । </strong>अमेरिका के डेलावेयर में आयोजित क्वाड शिखर सम्मेलन में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया तनाव और संघर्ष से घिरी है। उन्होंने कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर क्वाड देशों को एक साथ काम करना पूरी मानवता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।</p>



<p>प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन दिवसीय अमेरिकी यात्रा के पहले चरण में शनिवार सुबह (स्थानीय समयानुसार) अमेरिका के फिलाडेल्फिया हवाई अड्डे पर पहुंचे। क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने से पहले उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए नए रास्ते खोजे।</p>



<p>इसके बाद, पीएम मोदी ने क्वाड शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरन उन्होंने कहा, ‘क्वाड शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया तनाव और संघर्ष से घिरी हुई है। ऐसे में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर क्वाड का एक साथ काम करना पूरी मानवता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम किसी के खिलाफ नहीं हैं। हम सभी नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान और सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं। स्वतंत्र, खुला, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत हमारी साझा प्राथमिकता और साझा प्रतिबद्धता है।’</p>



<p>उन्होंने कहा, क्वाड देशों ने स्वास्थ्य, सुरक्षा, महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियों, जलवायु परिवर्तन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में कई सकारात्मक और समावेशी पहल की हैं। कहा, ‘हमारा स्पष्ट संदेश है- क्वाड यहां रहने, सहायता करने, साझेदारी करने और पूरक बनने के लिए है।’ इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति बाइडन और अपने सभी सहयोगियों को इस सम्मेलन के लिए बधाई दी। साथ ही 2025 में भारत में क्वाड लीडर्स समिट की मेजबानी करने की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>



<p><img alt="3bf60efd-b4a3-40b4-bcc1-aae12af60b0f"></img><br /><br /><strong>चुनौतियां आएंगी, दुनिया बदल जाएगी, लेकिन क्वाड बरकरार रहेगा: बाइडन</strong><br />अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने क्वाड समिट के दौरान इंडो-पैसिफिक के साथ ही दक्षिण-पूर्व एशिया के छात्रों को शामिल करने के लिए क्वाड फेलोशिप के साथ ही चुनौतियों पर बात की। इस दौरान बाइडन ने कहा, हम लोकतांत्रिक देश जानते हैं कि काम कैसे करना है। यही कारण है कि मैं राष्ट्रपति पद के पहले दिनों में यह प्रस्तावित करने के लिए कि हम क्वाड को और अधिक परिणामी बना रहे हैं, प्रत्येक राष्ट्र तक पहुंचा। चार साल बाद, चारों देश पहले से कहीं अधिक रणनीतिक रूप से एकजुट हैं।<br /><br />उन्होंने कहा कि आज हम इंडो-पैसिफिक के लिए एक सकारात्मक प्रभाव देने के लिए पहल की एक श्रृंखला की घोषणा कर रहे हैं। इसमें हमारे क्षेत्रीय साझेदारों को नई समुद्री प्रौद्योगिकियां प्रदान करना शामिल है, ताकि वे जान सकें कि उनके जल क्षेत्र में क्या हो रहा है। पहली बार तट रक्षकों के बीच सहयोग शुरू करना और दक्षिण-पूर्व एशिया के छात्रों को शामिल करने के लिए क्वाड फेलोशिप का विस्तार करना शामिल है। उन्होंने कहा कि चुनौतियां आएंगी, दुनिया बदल जाएगी, लेकिन क्वाड बरकरार रहेगा, मुझे विश्वास है।<br /><br /><strong>ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बानी ने समान विचारधारा पर दिया जोर</strong><br />क्वाड समिट में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानी ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में निरंतर शांति और स्थिरता और समान विचारधारा के लिए काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘क्वाड स्वच्छ ऊर्जा और चुनौतियों से निपटने से लेकर जलवायु परिवर्तन से मिलने वाले अवसरों, स्वास्थ्य सुरक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर और आतंकवाद-निरोध जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में व्यावहारिक सार्थक परिणामों के बारे में है।’ उन्होंने कहा कि हम हमेशा बेहतर स्थिति में रहेंगे, जब समान विचारधारा वाले देश और पूर्ण महान लोकतंत्र एक साथ काम करेंगे। यह सब क्षेत्र में निरंतर शांति और अस्थिरता, रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और अनुभव के बुद्धिमान प्रबंधन पर निर्भर करता है।<br /><strong><br />जापानी पीएम ने क्वाड समूह द्वारा ठोस कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया</strong><br />जापानी पीएम फुमियो किशिदा ने हिंद-प्रशांत के भविष्य पर चर्चा करने के लिए क्वाड नेताओं के साथ मुलाकात पर खुशी जाहिर की। साथ ही अपने कार्यकाल के दौरान (क्वाड रिलेट्रल सिक्योरिटी डायलॉग) द्वारा किए गए प्रयासों पर लगातार जोर दिया और रेखांकित किया। इस दौरान उन्होंने जापान के हिरोशिमा में हुई पिछली बैठक को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में मेरी पिछली विदेश यात्रा के लिए इससे बेहतर नहीं हो सकती थी। उन्होंने क्वाड समूह द्वारा ठोस कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा, ‘हमारे आस-पास का सुरक्षा वातावरण लगातार गंभीर होता जा रहा है। कानून के शासन पर आधारित एक स्वतंत्र और लोकतंत्र जैसे मूल्यों को साझा करते हैं। एक स्वतंत्र और खुली दुनिया के हमारे साझा दृष्टिकोण के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करना जारी रखना और भी महत्वपूर्ण है।’</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.khaskhabar.news/international/india-america-japan-and-australia-are-in-favor-of-peace-narendra-modi/article-2839</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Sep 2024 17:25:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका दौरे पर PM मोदी: राष्ट्रपति बाइडन को दिया खास तोहफा&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन/नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं, जहां उन्होंने क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह सम्मेलन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के गृह नगर डेलावेयर में आयोजित किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति बाइडन से मुलाकात की। उनके साथ केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/international/pm-modi-on-america-tour-gave-a-special-gift-to-president-biden/article-2830"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2024-09/20240922124423_modi-baiden.jpg" alt=""></a><br />
<p><strong>वॉशिंगटन/नई दिल्ली ।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं, जहां उन्होंने क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह सम्मेलन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के गृह नगर डेलावेयर में आयोजित किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति बाइडन से मुलाकात की। उनके साथ केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद थे। राष्ट्रपति बाइडन ने अपने आवास पर पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया, और दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।</p>



<p>प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात में राष्ट्रपति बाइडन को एक विशेष तोहफा भेंट किया—92.5% चांदी से बना एक हाथ से तैयार किया हुआ ट्रेन का मॉडल। यह मॉडल भारत के भाप से चलने वाले पुराने इंजनों का प्रतिनिधित्व करता है और भारतीय कारीगरों द्वारा महाराष्ट्र में निर्मित किया गया है। इस ट्रेन मॉडल पर “दिल्ली-डेलावेयर” लिखा हुआ है, जो बाइडन के गृह नगर डेलावेयर को विशेष सम्मान देता है।</p>



<p>इसके अलावा, पीएम मोदी ने अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडन को जम्मू-कश्मीर में तैयार की गई एक खास पश्मीना शॉल उपहार में दी। यह शॉल हाथ से बने कागज के बक्सों में पैक की गई थी, जिन पर कश्मीरी कला की बारीक कारीगरी का प्रदर्शन था।पीएम मोदी 21 से 23 सितंबर तक अमेरिका दौरे पर हैं। क्वाड सम्मेलन के बाद आज उनका न्यूयॉर्क में भारतीय प्रवासियों से मिलने का कार्यक्रम है। भारतीय समुदाय के लोग इस मुलाकात के लिए काफी उत्साहित हैं। गौरतलब है कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का भी अंतिम क्वाड शिखर सम्मेलन है, क्योंकि उनका कार्यकाल 20 जनवरी 2025 को समाप्त होने वाला है।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Sep 2024 14:14:25 +0530</pubDate>
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