रायपुर। छत्तीसगढ़ में महाकुल समाज के हितों एवं अधिकारों को लेकर महाकुल समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री परमेश्वर यादव जी के प्रयासों से महाकुल, महकुल जाति को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, नई दिल्ली को पुनः पत्र प्रेषित कर पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
शासन के पत्र के अनुसार, दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेदी द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अवर सचिव श्री योगेश डिंगरा को पत्र भेजा गया है। पत्र में राज्य की केंद्रीय सूची में “महाकुल, महकुल” जाति के समावेशन संबंधी अनुशंसा के संबंध में पूर्व में प्रेषित पत्र की प्रति सहित प्रस्ताव को पुनः भेजा गया है, ताकि इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पत्र में विभागीय पत्र क्रमांक GEN COR/2065/2025-OBC&M, दिनांक 3 अगस्त 2026 का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि इस संबंध में आवश्यक जानकारी एवं अनुशंसा सहित प्रकरण पहले भी प्रेषित किया जा चुका है। अब शासन द्वारा पुनः पत्र भेजा जाना इस विषय पर आगे की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
महाकुल समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री परमेश्वर यादव जी के प्रयासों का उद्देश्य समाज को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा महाकुल समाज की केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल किए जाने की मांग को संबंधित सरकारी एवं संवैधानिक संस्थाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। समाज को आशा है कि इस पहल से प्रकरण में आगे की आवश्यक कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होगा।
हालांकि, केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल किए जाने की अंतिम स्वीकृति अभी प्राप्त होने की पुष्टि नहीं है। वर्तमान में शासन द्वारा अनुशंसा संबंधी पत्र पुनः भेजे जाने की कार्रवाई हुई है। अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
महाकुल समाज के लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग पर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा।



