कोरबा। शासकीय इं. विश्वेसरैया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोरबा में 11 सितंबर को राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) के तत्वावधान में स्वयंसेवकों के लिए उन्मुखीकरण एवं ब्रेन स्टॉर्मिंग कार्यशाला आयोजित की गई। संस्था प्राचार्य डॉ. एल.एन. कंवर के संरक्षण एवं कार्यक्रम अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में स्वयंसेवकों को सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास, टीमवर्क और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद, छत्तीसगढ़ महतारी एवं भारत माता के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद रासेयो का लक्ष्य गीत ‘उठें समाज के लिए, उठें-उठें’ प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का स्वागत नन्हे पौधे भेंट कर एवं एनएसएस बैच लगाकर किया गया।
कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही एवं यूथ आइकॉन अमिता श्रीवास ने प्रेरक वक्ता के रूप में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण की तरह जीवन में भी ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, धैर्य और निरंतर प्रयास जरूरी है। असफलताओं को बाधा मानने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने और चुनौतियों से घबराने के बजाय आत्मविश्वास के साथ उनका सामना करने का आह्वान किया।

जिला संगठक रासेयो ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों, लक्ष्य, प्रतीक पुरुष, एनएसएस बैच, यात्रा-वृत्तांत, गतिविधियों एवं शिविरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रासेयो युवाओं में सेवा भावना के साथ नेतृत्व, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज की जरूरतों को समझकर रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
प्राचार्य डॉ. एल.एन. कंवर ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और सक्षम नागरिक तैयार करना भी है। रासेयो विद्यार्थियों को सेवा कार्यों के माध्यम से इसी दिशा में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है।
वरिष्ठ प्राध्यापक एवं पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बी.एल. साय ने रासेयो की कार्यसंस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वयंसेवा से विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होता है। सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में साइबर सेल कोरबा से विरकेश्वर सिंह, श्याम सिदार एवं अजय यादव ने विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी, पासवर्ड और निजी जानकारी साझा करने से बचने तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित एजेंसी को सूचना देने की सलाह दी।
कार्यशाला में नेतृत्व विकास, व्यक्तित्व निर्माण, टीमवर्क, सामाजिक उत्तरदायित्व और डिजिटल जागरूकता जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने विचार-मंथन किया। कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अजय कुमार पटेल एवं श्रीमती मधु कंवर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. धनेश्वरी दुबे, डॉ. दिनेश श्रीवास, बलराम कुर्रे, श्यामसुंदर तिवारी, कन्हैया सिंह कंवर, सुशील कुमार अग्रवाल, दीपक सिंह टेकाम, वीरेंद्र श्रीवास, सिद्धार्थ बघेल, जमुना कुर्रे, सुरेश कुमार श्रीवास सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, स्टॉफ एवं रासेयो स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार पटेल ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्रीमती मधु कंवर ने किया। कार्यशाला ने विद्यार्थियों में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में सार्थक पहल प्रस्तुत की।



