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                <title>Indus Public News Dipka - Khaskhabar News</title>
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                <title>शैक्षणिक भ्रमण : “जिस शिक्षा में प्रयोग नहीं, वह अधूरी, और जिसमें अनुभव नहीं, वह खोखली है” - शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[शैक्षणिक भ्रमण का विद्यालय में बहुत महत्व है। यह छात्रों को कक्षा से बाहर जाकर वास्तविक दुनिया से जुड़ने और विभिन्न विषयों को व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर प्रदान करता है। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद करते हैं, जिससे उनकी समग्र शिक्षा में सुधार होता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/news-special/the-education-that-is-not-used-in-is-incomplete-and/article-4095"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-07/1.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"> “ज्ञान जब प्रयोग से जुड़ता है, तब जाकर बनता है श्रेष्ठ विद्यार्थी”:- डॉ संजय गुप्ता</span></strong></p>
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/3.jpeg" alt="3" width="500" height="464"></img></span></strong></p>
<p><strong> सीपेट कोरबा के प्रयोगशालाओं में जाकर विद्यार्थियों ने देखा तकनीकी ज्ञान का वास्तविक स्वरूप</strong></p>
<p><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/4.jpeg" alt="4" width="800" height="944"></img></strong></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु ले जाया गया सीपेट, विद्यार्थियों ने जाना पेट्रो रसायन इंजीनियरिंग के बारे में विस्तार से</strong></span></p>
<p> </p>
<p><strong>सीपेट कोरबा शैक्षणिक संस्थान का भ्रमण कर प्रफुल्लित हुए इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थी, प्लास्टिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाओं से वाकिफ हुए</strong></p>
<p><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/5.jpeg" alt="5" width="800" height="1066"></img></strong></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली हर दूसरी वस्तु प्लास्टिक - फाइबर की , अतः क्षेत्र में करियर के अपार संभावनाएं हैं, इस बात में दो राय नहीं - डॉक्टर संजय गुप्ता</strong></span></p>
</blockquote>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दीपका - कोरबा //</strong></span><br />शैक्षणिक भ्रमण का विद्यालय में बहुत महत्व है। यह छात्रों को कक्षा से बाहर जाकर वास्तविक दुनिया से जुड़ने और विभिन्न विषयों को व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर प्रदान करता है। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद करते हैं, जिससे उनकी समग्र शिक्षा में सुधार होता है। <a href="https://www.khaskhabar.news/admin/post/post/khaskhabar.news"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">छात्र कक्षा में सीखी गई बातों </span></strong></a>को वास्तविक दुनिया में लागू करना सीखते हैं। उदाहरण के लिए, इतिहास के छात्र किसी ऐतिहासिक स्थल का दौरा करके उस समय के बारे में अधिक जान सकते हैं, या विज्ञान के छात्र किसी संग्रहालय या वैज्ञानिक संस्थान में जाकर वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझ सकते हैं। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को विभिन्न प्रकार के कौशल विकसित करने में मदद करते हैं, जैसे कि समस्या-समाधान, टीम वर्क, संचार और आलोचनात्मक सोच। <br />शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को नए विषयों और क्षेत्रों में रुचि लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। यह छात्रों को भविष्य में अपने करियर और रुचियों के बारे में अधिक जानने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। छात्रों को अपने सहपाठियों और शिक्षकों के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद करते हैं। यह छात्रों को एक टीम के रूप में काम करने और एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करता है। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को आजीवन यादें बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। ये यात्राएं छात्रों को नए दोस्त बनाने, अपने सहपाठियों के साथ संबंध बनाने और ऐसी यादें बनाने का अवसर प्रदान करती हैं जो जीवन भर उनके साथ रहेंगी। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के लिए एक मूल्यवान अनुभव हो सकता है, जो उनके सीखने, विकास और समग्र शिक्षा में सुधार कर सकता है। <br /> इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के कक्षा  10 वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को सिपेट कोरबा शैक्षणिक भ्रमण हेतु ले जाया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ भौतिक विज्ञान शिक्षक श्री नरेंद्र कौशिक सर, श्री उत्कर्ष सर एवं  खेल प्रशिक्षिका सुश्री शिप्रा मैडम साथ में थीं। सभी विद्यार्थियों को सिपेट कोरबा में उपलब्ध सभी कोर्सों की जानकारी दी गई साथ ही पेट्रोल रसायन  इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों की प्रत्येक जिज्ञासाओं का समाधान डॉक्टर दिवेश मेश्राम एवं श्री रजनीश पांडे सर ने किया।सभी विद्यार्थियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से  सीपेट में कैरियर एवं संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दे गई। प्लास्टिक इंडस्ट्री का हमारे दैनिक जीवन में कितना योगदान है इसकी भी चर्चा विस्तार से की गई साथ ही  विभिन्न प्रकार के प्रैक्टिकल मॉड्यूल के भी जरिए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत करने का प्रयास किया गया। सभी विद्यार्थियों ने बारी - बारी से अपने मन में उठ रहे सवालों का जवाब पाया। सभी विद्यार्थियों को सिपेट कोरबा के संपूर्ण परिसर का भ्रमण करवाया गया और प्रत्येक ब्लॉक एवं उसके कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।<br /> डॉक्टर  दिवेश पांडेय ने कहा कि सिपेट (CIPET) का पूरा नाम सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान) है। यह एक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है जो प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और तकनीकी सहायता प्रदान करता है। सिपेट, रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के तहत काम करता है। सिपेट की स्थापना 1968 में हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति का विकास करना है। सिपेट देश भर में 40 से अधिक केंद्रों के साथ काम कर रहा है और विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अनुसंधान गतिविधियाँ प्रदान करता है। </p>
<p><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/2.jpeg" alt="2" width="800" height="519"></img><br />श्री रजनीश पांडेय जी ने<a href="https://www.khaskhabar.news/admin/post/post/google.com"><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong> कहा कि CIPET (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) </strong></em></span></a>प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए एक उत्कृष्ट संस्थान है। CIPET विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जैसे कि डिप्लोमा, स्नातक (बी.टेक), स्नातकोत्तर (एम.टेक) और पीएचडी, जो छात्रों को प्लास्टिक उद्योग में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। CIPET में अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में भी कई अवसर उपलब्ध हैं, जहां छात्र प्लास्टिक उद्योग में नवीनतम तकनीकों और प्रक्रियाओं पर काम कर सकते हैं।CIPET अपने छात्रों के लिए उत्कृष्ट प्लेसमेंट अवसर प्रदान करता है। CIPET के छात्रों को बहुराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भर्ती किया जाता है, जो प्लास्टिक उद्योग में विभिन्न पदों पर काम करते हैं। आने वाले समय  में इस क्षेत्र में स्वर्णिम संभावनाएं हैं,इस बात मेंकोई दो राय नहीं है।<br /> विद्यालय के हेड बॉय मास्टर अमन मोर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शैक्षणिक भ्रमण वास्तव में हमारे पुस्तकीय ज्ञान और व्यवहारिक ज्ञान के सामंजस्य को मजबूती प्रदान करता है। हमने इस शैक्षणिक भ्रमण से बहुत कुछ सीखा ।हमने जाना कि सिपेट में भी अपार संभावनाएं हैं। आज प्रत्येक वस्तुएं हमें प्लास्टिक की ही बनी हुई दिखती हैं ,न सिर्फ हमारे किचन में बल्कि हमारे मोटरसाइकिल में भी अधिकांश पार्ट्स  हमें  प्लास्टिक ,फाइबर के ही नजर आते हैं। हमने सिपेट के पूरे शैक्षणिक परिसर का भ्रमण किया। यहां के स्टाफ ने भी हमारी हर शंकाओं का बहुत बारीकी से समाधान किया। हम उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं।<br /> प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि हमारे विद्यालय का यही उद्देश्य है कि हम विद्यार्थियों को पढ़ाई गई सभी बातों को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव भी कराएँ।हम समय-समय पर विद्यार्थियों को इस प्रकार के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थाओं का भ्रमण कराते ही रहते हैं ताकि वह अपने पुस्तकीय ज्ञान को अपने  दैनिक कार्य व्यवहार के साथ जोड़ सके। CIPET स्वयं में एक स्थापित संस्था है,आज प्लास्टिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। यदि गौर करें तो हमारे दैनिक उपयोग में आने वाले हर दूसरे वस्तु में हमें प्लास्टिक नजर आती है। प्लास्टिक इंडस्ट्री अर्थव्यवस्था में अग्रणी योगदान कर्ताओं में से एक है। यह रोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। विद्यार्थियों को पढ़ी हुई बातों को अपने जीवन के साथ जोड़कर आगे बढ़ाना आवश्यक होता है, और यह शैक्षिक भ्रमण सिपेट कोरबा में इस बात को साबित करती है। यहां के सभी स्टाफ का भी भरपूर सहयोग मिला उनका भी हृदय से आभार।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 20 Jul 2025 14:49:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>30 वें  सीबीएसई राष्ट्रीय सम्मेलन में इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने व्यक्त किए अपने विचार</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में संपन्न हुआ 30 वें सीबीएसई राष्ट्रीय सम्मेलन  इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने सीबीएसई द्वारा लिए गए विशेष निर्णय के बारे में साझा की विशेष जानकारी,जिससे लाभान्वित होंगे सभी अभिभावक एवं विद्यार्थी दीपका- कोरबा // सीबीएसई का उद्देश्य छात्रों की शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक और बौद्धिक भलाई के लिए अधिगम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/principal-of-indus-public-school-deepka-dr-gupta-expressed-his-views-in-the-30th-cbse-national-conference/article-3211"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2024-12/whatsapp-image-2024-12-10-at-09.10.44.jpeg" alt=""></a><br /><p><em><strong>कोलकाता में संपन्न हुआ 30 वें सीबीएसई राष्ट्रीय सम्मेलन </strong></em></p>
<p><em><strong> इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने सीबीएसई द्वारा लिए गए विशेष निर्णय के बारे में साझा की विशेष जानकारी,जिससे लाभान्वित होंगे सभी अभिभावक एवं विद्यार्थी</strong></em></p>
<p><em><strong>दीपका- कोरबा //</strong></em><br />
सीबीएसई का उद्देश्य छात्रों की शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक और बौद्धिक भलाई के लिए अधिगम को सुगम करना है।सीबीएसई एक मजबूत, जीवंत और समग्र स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देता है जो मानव प्रयास के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्रदान करेगा। बोर्ड अपने शिक्षार्थियों के बीच बौद्धिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवंतता को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।<br />
कोलकाता में 30वें सीबीएसई राष्ट्रीय सम्मेलन में आगामी शैक्षणिक वर्षों के लिए कई महत्वपूर्ण अपडेट और पहलों पर प्रकाश डाला गया। डॉक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि इस सम्मेलन में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों दोनों को ही डायन में रखते हुए कई विशेष निर्णय लिए गए।डॉक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि सीबीएसई समय समय पर कई विशेष निर्णय विद्यार्थियों के हित में लेती है जिससे हम सभी को अपडेट रहना अति आवश्यक है।ऐसे ही कुछ विशेष एवं आवश्यक निर्णय विगत 30 नवंबर 2024 को आयोजित एक सम्मेलन में लिया गया जो निश्चित तौर पर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों तथा विद्यालयों के साथ एक बेहतर सामंजस्य स्थापित करने में मददगार होगा।इस सम्मेलन में कई नए व अति महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए,जिनमें से कुछ बिंदु इस प्रकार हैं,<br />
<strong>1. सफल (स्कूल असेसमेंट फॉर एडवांसिंग लर्निंग)</strong>: यह मूल्यांकन ढांचा सभी सीबीएसई-संबद्ध स्कूलों के लिए शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से अनिवार्य होगा ताकि छात्रों के सीखने के परिणामों को बढ़ाया जा सके।<br />
<strong>2. एसक्यूएएएफ (स्कूल गुणवत्ता मूल्यांकन और मान्यता ढांचा):</strong> यह ढांचा सीबीएसई स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली प्रथाओं के सत्यापन और कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेगा।<br />
<strong>3. विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के दो स्तर:</strong> सीबीएसई ने कक्षा IX और X में विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के लिए प्रश्नपत्रों के दो स्तरों को पेश करने की योजना बनाई है, जो गणित में मौजूदा दो स्तरों के समान हैं, जो विभिन्न छात्र दक्षताओं को पूरा करते हैं।<br />
<strong>4. अनिवार्य एचपीई (स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा):</strong> स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा सभी कक्षाओं के पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बन जाएगी।<br />
<strong>5. शिक्षक मूल्यांकन और स्व-मूल्यांकन:</strong> पेशेवर विकास और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए शिक्षक मूल्यांकन और स्व-मूल्यांकन के लिए एक विशेष प्रक्रिया शुरू की जाएगी।<br />
<strong>6. एनसीएफ एफएस एंड एसई का कार्यान्वयन:</strong> सीबीएसई स्कूलों में फाउंडेशन स्टेज और माध्यमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा का 100% रोलआउट होगा।<br />
<strong>7. मानसिक स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा पर ध्यान:</strong> छात्रों की भलाई और सुरक्षा को संबोधित करने के लिए स्कूल मानसिक स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा शिक्षा को प्राथमिकता दिया जाएगा।<br />
<strong>8. पर्यावरण जागरूकता:</strong> छात्रों के बीच पर्यावरण चेतना को बढ़ावा देने के लिए पाठ्यक्रम में व्यावहारिक अनुभव और गतिविधियाँ शामिल की जाएंगी।<br />
स्कूलों का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है,इसी उद्देश्य को लेकर बच्चो को पर्यावरण के बारे मे जागरुक कर पेड़ों के महत्व को बताया गया साथ ही बच्चों की वृक्षारोपण मे सहभागिता रखी,बच्चे ही देश के भविष्य हे इन्हे पर्यावरण के प्रति जागरुक करना आवश्यक है।<br />
डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य शिक्षा की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाना, समकालीन चुनौतियों के साथ तालमेल बिठाना और छात्रों और शिक्षकों के लिए समग्र विकास सुनिश्चित करना है। कुल।मिलाकर यदि इस सम्मेलन के सारांश की बात करें तो अब शिक्षा का एक मात्रा उद्देश्य विद्यार्थियों की सम्पूर्ण समझ विकसित करना तथा भावी चुनौतियों एवं नवीन कौशलों के लिए तैयार करना होगा। सीबी एसई बोर्ड को कई प्रतियोगी परीक्षाओं से पहले सीखने का अतिरिक्त लाभ प्रदान करने के लिए जाना जाता है। प्रत्येक पाठ्यक्रम बहुत महत्वाकांक्षी छात्रों को तैयार करने के लिए बनाया और डिज़ाइन किया गया है, इससे उन्हें आईआईटी-जेईई, एआईईई और एम्स जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलती है।प्रत्येक स्कूल का सबसे महत्वपूर्ण कार्य बालकों का नैतिक तथा चारित्रिक विकास करना है।शिक्षा का उद्देश्य मात्र शिक्षित होना नहीं होता, बल्कि शिक्षा के कई अन्य मकसद होते हैं, जिसे कई शिक्षा के विद्वानों ने अलग-अलग तरीके से परिभाषित किया है। चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व का विकास, नागरिक और सामाजिक कर्तव्यों का पालन, सामाजिक सुख और कौशल की उन्नति, राष्ट्रीय संस्कृति का संरक्षण और प्रसार शामिल है। सीबीएसई द्वारा इन सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा कर एक व्यापक रूपरेखा बनाने पर जोर दिया गया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>विचार/ लेख</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
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                                            <category>शिक्षा एंव रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 13:53:53 +0530</pubDate>
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