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                <title>Dr. Sanjay Gupta - Khaskhabar News</title>
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                <description>Dr. Sanjay Gupta RSS Feed</description>
                
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                <title>शैक्षणिक भ्रमण : “जिस शिक्षा में प्रयोग नहीं, वह अधूरी, और जिसमें अनुभव नहीं, वह खोखली है” - शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[शैक्षणिक भ्रमण का विद्यालय में बहुत महत्व है। यह छात्रों को कक्षा से बाहर जाकर वास्तविक दुनिया से जुड़ने और विभिन्न विषयों को व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर प्रदान करता है। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद करते हैं, जिससे उनकी समग्र शिक्षा में सुधार होता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/news-special/the-education-that-is-not-used-in-is-incomplete-and/article-4095"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-07/1.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"> “ज्ञान जब प्रयोग से जुड़ता है, तब जाकर बनता है श्रेष्ठ विद्यार्थी”:- डॉ संजय गुप्ता</span></strong></p>
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/3.jpeg" alt="3" width="500" height="464"></img></span></strong></p>
<p><strong> सीपेट कोरबा के प्रयोगशालाओं में जाकर विद्यार्थियों ने देखा तकनीकी ज्ञान का वास्तविक स्वरूप</strong></p>
<p><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/4.jpeg" alt="4" width="800" height="944"></img></strong></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु ले जाया गया सीपेट, विद्यार्थियों ने जाना पेट्रो रसायन इंजीनियरिंग के बारे में विस्तार से</strong></span></p>
<p> </p>
<p><strong>सीपेट कोरबा शैक्षणिक संस्थान का भ्रमण कर प्रफुल्लित हुए इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थी, प्लास्टिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाओं से वाकिफ हुए</strong></p>
<p><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/5.jpeg" alt="5" width="800" height="1066"></img></strong></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली हर दूसरी वस्तु प्लास्टिक - फाइबर की , अतः क्षेत्र में करियर के अपार संभावनाएं हैं, इस बात में दो राय नहीं - डॉक्टर संजय गुप्ता</strong></span></p>
</blockquote>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दीपका - कोरबा //</strong></span><br />शैक्षणिक भ्रमण का विद्यालय में बहुत महत्व है। यह छात्रों को कक्षा से बाहर जाकर वास्तविक दुनिया से जुड़ने और विभिन्न विषयों को व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर प्रदान करता है। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद करते हैं, जिससे उनकी समग्र शिक्षा में सुधार होता है। <a href="https://www.khaskhabar.news/admin/post/post/khaskhabar.news"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">छात्र कक्षा में सीखी गई बातों </span></strong></a>को वास्तविक दुनिया में लागू करना सीखते हैं। उदाहरण के लिए, इतिहास के छात्र किसी ऐतिहासिक स्थल का दौरा करके उस समय के बारे में अधिक जान सकते हैं, या विज्ञान के छात्र किसी संग्रहालय या वैज्ञानिक संस्थान में जाकर वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझ सकते हैं। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को विभिन्न प्रकार के कौशल विकसित करने में मदद करते हैं, जैसे कि समस्या-समाधान, टीम वर्क, संचार और आलोचनात्मक सोच। <br />शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को नए विषयों और क्षेत्रों में रुचि लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। यह छात्रों को भविष्य में अपने करियर और रुचियों के बारे में अधिक जानने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। छात्रों को अपने सहपाठियों और शिक्षकों के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद करते हैं। यह छात्रों को एक टीम के रूप में काम करने और एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करता है। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को आजीवन यादें बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। ये यात्राएं छात्रों को नए दोस्त बनाने, अपने सहपाठियों के साथ संबंध बनाने और ऐसी यादें बनाने का अवसर प्रदान करती हैं जो जीवन भर उनके साथ रहेंगी। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के लिए एक मूल्यवान अनुभव हो सकता है, जो उनके सीखने, विकास और समग्र शिक्षा में सुधार कर सकता है। <br /> इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के कक्षा  10 वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को सिपेट कोरबा शैक्षणिक भ्रमण हेतु ले जाया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ भौतिक विज्ञान शिक्षक श्री नरेंद्र कौशिक सर, श्री उत्कर्ष सर एवं  खेल प्रशिक्षिका सुश्री शिप्रा मैडम साथ में थीं। सभी विद्यार्थियों को सिपेट कोरबा में उपलब्ध सभी कोर्सों की जानकारी दी गई साथ ही पेट्रोल रसायन  इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों की प्रत्येक जिज्ञासाओं का समाधान डॉक्टर दिवेश मेश्राम एवं श्री रजनीश पांडे सर ने किया।सभी विद्यार्थियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से  सीपेट में कैरियर एवं संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दे गई। प्लास्टिक इंडस्ट्री का हमारे दैनिक जीवन में कितना योगदान है इसकी भी चर्चा विस्तार से की गई साथ ही  विभिन्न प्रकार के प्रैक्टिकल मॉड्यूल के भी जरिए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत करने का प्रयास किया गया। सभी विद्यार्थियों ने बारी - बारी से अपने मन में उठ रहे सवालों का जवाब पाया। सभी विद्यार्थियों को सिपेट कोरबा के संपूर्ण परिसर का भ्रमण करवाया गया और प्रत्येक ब्लॉक एवं उसके कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।<br /> डॉक्टर  दिवेश पांडेय ने कहा कि सिपेट (CIPET) का पूरा नाम सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान) है। यह एक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है जो प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और तकनीकी सहायता प्रदान करता है। सिपेट, रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के तहत काम करता है। सिपेट की स्थापना 1968 में हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति का विकास करना है। सिपेट देश भर में 40 से अधिक केंद्रों के साथ काम कर रहा है और विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अनुसंधान गतिविधियाँ प्रदान करता है। </p>
<p><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/2.jpeg" alt="2" width="800" height="519"></img><br />श्री रजनीश पांडेय जी ने<a href="https://www.khaskhabar.news/admin/post/post/google.com"><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong> कहा कि CIPET (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) </strong></em></span></a>प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए एक उत्कृष्ट संस्थान है। CIPET विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जैसे कि डिप्लोमा, स्नातक (बी.टेक), स्नातकोत्तर (एम.टेक) और पीएचडी, जो छात्रों को प्लास्टिक उद्योग में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। CIPET में अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में भी कई अवसर उपलब्ध हैं, जहां छात्र प्लास्टिक उद्योग में नवीनतम तकनीकों और प्रक्रियाओं पर काम कर सकते हैं।CIPET अपने छात्रों के लिए उत्कृष्ट प्लेसमेंट अवसर प्रदान करता है। CIPET के छात्रों को बहुराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भर्ती किया जाता है, जो प्लास्टिक उद्योग में विभिन्न पदों पर काम करते हैं। आने वाले समय  में इस क्षेत्र में स्वर्णिम संभावनाएं हैं,इस बात मेंकोई दो राय नहीं है।<br /> विद्यालय के हेड बॉय मास्टर अमन मोर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शैक्षणिक भ्रमण वास्तव में हमारे पुस्तकीय ज्ञान और व्यवहारिक ज्ञान के सामंजस्य को मजबूती प्रदान करता है। हमने इस शैक्षणिक भ्रमण से बहुत कुछ सीखा ।हमने जाना कि सिपेट में भी अपार संभावनाएं हैं। आज प्रत्येक वस्तुएं हमें प्लास्टिक की ही बनी हुई दिखती हैं ,न सिर्फ हमारे किचन में बल्कि हमारे मोटरसाइकिल में भी अधिकांश पार्ट्स  हमें  प्लास्टिक ,फाइबर के ही नजर आते हैं। हमने सिपेट के पूरे शैक्षणिक परिसर का भ्रमण किया। यहां के स्टाफ ने भी हमारी हर शंकाओं का बहुत बारीकी से समाधान किया। हम उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं।<br /> प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि हमारे विद्यालय का यही उद्देश्य है कि हम विद्यार्थियों को पढ़ाई गई सभी बातों को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव भी कराएँ।हम समय-समय पर विद्यार्थियों को इस प्रकार के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थाओं का भ्रमण कराते ही रहते हैं ताकि वह अपने पुस्तकीय ज्ञान को अपने  दैनिक कार्य व्यवहार के साथ जोड़ सके। CIPET स्वयं में एक स्थापित संस्था है,आज प्लास्टिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। यदि गौर करें तो हमारे दैनिक उपयोग में आने वाले हर दूसरे वस्तु में हमें प्लास्टिक नजर आती है। प्लास्टिक इंडस्ट्री अर्थव्यवस्था में अग्रणी योगदान कर्ताओं में से एक है। यह रोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। विद्यार्थियों को पढ़ी हुई बातों को अपने जीवन के साथ जोड़कर आगे बढ़ाना आवश्यक होता है, और यह शैक्षिक भ्रमण सिपेट कोरबा में इस बात को साबित करती है। यहां के सभी स्टाफ का भी भरपूर सहयोग मिला उनका भी हृदय से आभार।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
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                <pubDate>Sun, 20 Jul 2025 14:49:05 +0530</pubDate>
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                <title>शाला प्रवेशोत्सव : विद्यार्थियों का तिलक लगाकर शिक्षाविद प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने किया स्वागत, दी उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[ "विद्यार्थी किसी भी विद्यालय की आत्मा होते हैं। उनके आगमन से स्कूल में एक नई ऊर्जा, एक नई चेतना का संचार होता है। आज के इस शाला प्रवेश उत्सव ने हमें फिर से शिक्षा के मूल स्वरूप की याद दिला दी – जहां प्रेम, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की कामना होती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/news-special/684fed8820bc0/article-4066"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-06/01-(1).jpeg" alt=""></a><br /><h3><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong>विद्यार्थियों  की ऊर्जामयी निश्छल मुस्कान सहसा सबको करती है आकर्षित - डॉ. गुप्ता</strong></em></span></h3>
<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-06/01-(2).jpeg" alt="01 (2)" width="711" height="1167"></img></strong></em></span></p>
<p> </p>
<h3><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong>इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव</strong></em></span></h3>
<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-06/01-(3).jpeg" alt="01 (3)" width="800" height="1066"></img></strong></em></span></p>
<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><em><strong>दीपका - कोरबा //</strong></em></span><br />बालक' को उसके उच्चतम स्तर तक विकसित करना,बच्चों को साक्षर बनाना और मानव संसाधन विकसित करना,मूल्यों, मानदंडों, विश्वासों और परंपराओं को प्राप्त करने में शिक्षार्थियों की मदद करना,अंत:क्रिया के माध्यम से शिक्षार्थियों में सामाजिक भूमिकाओं के बारे में अनौपचारिक संकेत देना प्रत्येक विद्यालय का कर्तव्य होता है।<br />विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए प्रवेश उत्सव मनाया जाता है ताकि नए विद्यार्थियों का स्वागत किया जा सके। नए विद्यार्थियों को प्रवेश उत्सव के दौरान, विद्यालय के नियमों, पाठ्यक्रम और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जाती है।  प्रवेश उत्सव के दौरान, नए विद्यार्थियों को विद्यालय के वातावरण में ढलने में मदद मिलती है और वे अपने नए साथियों और शिक्षकों से परिचित हो पाते हैं।</p>
<p><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-06/01-(4).jpeg" alt="01 (4)" width="800" height="600"></img><br />प्रवेश उत्सव के दौरान, विद्यालय की संस्कृति और मूल्यों को प्रदर्शित किया जाता है और नए विद्यार्थियों को इनके बारे में जानकारी दी जाती है।<br />विद्यार्थियों को विद्यालय के लक्ष्यों और उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी जाती है और उन्हें इनके प्रति प्रेरित किया जाता है। विद्यार्थियों के बीच संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।प्रवेश उत्सव के दौरान, नए विद्यार्थियों को अपने साथियों से मिलने का अवसर मिलता है और वे आपस में संबंध बना पाते हैं।</p>
<p><span style="background-color:rgb(251,238,184);"><em><strong>"नन्हें कदमों से जब बच्चे स्कूल की देहरी पर कदम रखते हैं, तो सिर्फ शिक्षा की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नए युग की नींव रखी जाती है। विद्यार्थियों की मुस्कान ही विद्यालय की असली पहचानहै।"</strong></em></span></p>
<p> इस दौरान, विद्यार्थियों के बीच मित्रता और सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया जाता है और उन्हें एक दूसरे के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है।</p>
<p><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-06/01-(5).jpeg" alt="01 (5)" width="800" height="600"></img><br /> उपरोक्त तथ्यों के मद्देनजर हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में शाला प्रवेश उत्सव बड़ी शालीनता एवं अनुशासन के साथ मनाया गया।सर्वप्रथम सभी विद्यार्थियों को विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने  विद्यालय के मुख्य द्वार से तिलक लगाकर स्वागत किया एवं  विद्यालय में प्रवेश दिलाया।सभी नवप्रवेशी एवं पूर्व प्रवेशित विद्यार्थियों को प्राचार्य महोदय ने  तिलक लगाया  तथा पुष्पों से स्वागत कर  विद्या की देवी  माँ सरस्वती की वंदना के साथ शाला प्रवेश कराया।</p>
<p><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-06/01-(6).jpeg" alt="01 (6)" width="800" height="600"></img></p>
<p>प्राचार्य महोदय ने सभी विद्यार्थियों  के उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के पश्चात विद्यालय में पुनः पदार्पण का एहसाह बहुत उम्दा होता है। हमें विद्यालय में बहुत सारे नए दोस्त,सहपाठी मिलते हैं।हम एक नई ऊर्जा के साथ अपने शैक्षणिक लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु आगे बढ़ते हैं।हम पूरी तरह से मानसिक रूप से अध्ययन हेतु तैयार होते हैं।हमारे कंधों पर महज कोई बस्ता नहीं अपितु हमारे माता - पिता के  सपने और उम्मीदों के बोझ अर्थात जिम्मेदारी होती है जो हमें भटकने नहीं देती।हम सतत एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते रहते हैं।विद्यालय  एक परिवार जैसा होता है जहाँ हममें निरन्तर सामाजिक ,मानसिक,नैतिक, चारित्रिक,शारीरिक विकास होता रहता है।ग्रीष्मकालीन अवकाश के पश्चात विद्यालय के पट विद्यार्थियों को  अपना भविष्य साकार करने का मार्ग प्रशस्त करता है।बच्चों का बालमन और निश्छल मुस्कान सहसा ही सबका ध्यान आकर्षित करती है।विद्यार्थियों के आगमन से विद्यालय रूपी बगिया की फुलवारी विद्यार्थी रूपी पुष्पों  से गुलजार हो जाता है।</p>
<p><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-06/01-(7).jpeg" alt="01 (7)" width="800" height="542"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
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                <pubDate>Mon, 16 Jun 2025 19:24:49 +0530</pubDate>
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                <title>Sunday Special : ऊर्जानगरी के प्रसिध्द ख्यातिलब्ध शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता की कलम से</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा से जुड़े सपने, मेहनत से बने हकीकत-डॉ. गुप्ता ऊर्जानगरी के प्रसिध्द ख्यातिलब्ध शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता शिक्षा के क्षेत्र में नित नए-नए आयाम हासिल करते जा रहे हैं । स्पष्ट वक्ता, कुशल मार्गदर्शक, बेबाक राय से क्षेत्र के विभिन्न विद्यार्थियों की शिक्षा से संबंधित विभिन्न समस्या या फिर अभिभावकों का बच्चों के कैरियर या […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/sunday-special-from-the-pen-of-dr-sanjay-gupta-a-renowned-educationist-of-urjanagari/article-3209"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2024-12/whatsapp-image-2024-12-07-at-09.59.39.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote>
<h2><em><strong>शिक्षा से जुड़े सपने, मेहनत से बने हकीकत-डॉ. गुप्ता</strong></em></h2>
</blockquote>
<p>ऊर्जानगरी के प्रसिध्द ख्यातिलब्ध शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता शिक्षा के क्षेत्र में नित नए-नए आयाम हासिल करते जा रहे हैं । स्पष्ट वक्ता, कुशल मार्गदर्शक, बेबाक राय से क्षेत्र के विभिन्न विद्यार्थियों की शिक्षा से संबंधित विभिन्न समस्या या फिर अभिभावकों का बच्चों के कैरियर या बुरी आदत की लत की समस्या का निराकरण किया हैं । डॉ. संजय गुप्ता से विद्यार्थियों एवं अभिभावकों द्वारा पूछे गए महत्वपूर्ण सवाल इस प्रकार है आप भी अपनी किसी भी समस्या से जूझ रहे हैं तो बेझिझक संजय गुप्ता से पुछ सकते हैं सवाल आपका प्रत्येक सप्ताह के रविवार के दिन डिजिटल प्लेटफार्म खासखबर डॉट न्यूज़ ( khaskhabar.news ) में प्रसारित होगा ।<br />
<em><strong>1 -मैं भविष्य में अपने करियर को लेकर बहुत चिंतित हूं, कुछ सुझाव दें।</strong></em><br />
<em><strong>दामिनी साहू, रायपुर</strong></em><br />
<em><strong>डॉक्टर संजय गुप्ता:</strong></em>– मेरे ख्याल से समय रहते ही यदि हम अपने करियर के प्रति संजीदनहो जाएं तो बेहतर होता है।रही बात आपके सवाल की तो ये पता करें कि आप किस चीज मे अच्छे हैं और क्या काम करना पसंद करते हैं।<br />
▪️अपनी सपनों, आकांक्षाओं को जानने का प्रयास करें।<br />
▪️इंटरनेट पर करियर के नए-नए विकल्प खोजें।<br />
▪️करियर गाइडेंस की किताब पढ़ें।<br />
▪️करियर असेसमेंट टेस्ट दें।<br />
या आप उन करियर का पता लगा सकते हैं जिनकी मांग हो।<br />
▪️अपने शिक्षकों से सलाह लें।<br />
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<em><strong>2 -10 मैंने इसी साल 12वीं की है। क्या बीएससी करने के बाद IIT के बीटेक कोर्स में ऐडमिशन संभव है?</strong></em><br />
<em><strong>कुमार शानू,दीपका</strong></em><br />
<em><strong>डॉक्टर संजय गुप्ता :-</strong></em> बीएससी करने के बाद दोबारा ग्रैजुएशन स्तर के कोर्स में ऐडमिशन की कोशिश समझदारी नहीं कही जा सकती। बेहतर यही रहेगा कि आप बीएससी की बजाय बीटेक कोर्स में अभी ऐडमिशन पाने की कोशिश करें। अगर ऐसा संभव नहीं हो तो किसी अन्य प्रफेशनल कोर्स के बारे में सोचें।<br />
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<em><strong>3 -एमए में हिस्ट्री लेना सही रहेगा या जिऑग्रफी ?</strong></em><br />
<em><strong>पलक देवांगन,बलौदा</strong></em><br />
<em><strong>डॉक्टर संजय गुप्ता:-</strong></em> दोनों ही सब्जेक्ट का अपना अलग-अलग महत्त्व है। इसी के अनुसार इनमें करियर निर्माण के मौके भी मिलते हैं। इनमें से किसी में भी एमए के बाद पीएचडी करते हैं तो कॉलेज टीचिंग/रिसर्च में करियर बना सकते हैं। हमारी सलाह है कि आप विषय चयन रुचि किस सब्जेक्ट में ज्यादा है, इसी पर करें।<br />
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<em><strong>4 -बीए स्नातक होने के बाद करियर संबंधी संभावनाएं क्या है ?</strong></em><br />
<em><strong>राहुल राठौर, अमरकंटक</strong></em><br />
<em><strong>डॉक्टर संजय गुप्ता:-</strong> </em>बीए स्नातक होने के बाद आप टीचिंग के क्षेत्र में अगर जाना चाहते हैं तो बीएड कर सकते हैं इसी तरह आप चाहें तो एसएससी, रेलवे, बैंकिंग ,इंश्योरेंस क्षेत्र में नौकरी के लिए तैयारी कर सकते हैं तथा आप शारीरिक रूप से फिट है तो अपनी रुचि अनुसार आप पुलिस भर्ती ,सेना भर्ती की परीक्षाओं में बीए स्नातक के बाद भाग ले सकते हैं |<br />
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<em><strong>5- हिंदी से एमए किया है नौकरी के अवसर कहां है ?</strong></em><br />
<em><strong>अनुष्का चंद्रा,जांजगीर</strong></em><br />
<em><strong>डॉक्टर संजय गुप्ता:-</strong></em> हिंदी से एमए करने के बाद आप की लेखन शैली अगर अच्छी है तो आप मीडिया के क्षेत्र में अखबार ,टीवी न्यूज़ चैनल, मैगजीन में लिखने,एंकरिंग करने व एडवरटाइजिंग एजेंसी में कॉपीराइटर के रूप में काम कर सकते हैं |डिजिटल इंडिया मुहिम सरकार द्वारा शुरू करने से वेबसाइट ,सोशल मीडिया पर भी किसी कंपनी के ब्रांड या किसी राजनीतिक व्यक्ति के लिए लेखन का कार्य आप कर सकते हैं वहीं बात करें सरकारी क्षेत्र में आप सरकारी बैंकों ,भारत सरकार की नवरत्न कंपनियों तथा अन्य सरकारी कंपनियों में राजभाषा अधिकारी या अनुवादक के पदों के लिए आवेदन कर सकते है, परंतु नौकरी के लिए किसी भी क्षेत्र में जाने से पहले अपनी रुचि का ध्यान जरूर रखें किसी दूसरे की सफलता को देखकर किसी भी कार्यक्षेत्र में नौकरी के लिए आकर्षित ना हो ,अपनी प्रतिभा और क्षमता का आकलन कर ही अपना करियर चुनें |<br />
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<em><strong>6 – नॉन मेडिकल बीएससी करने पर करियर के लिए अवसर बताएं ?</strong></em><br />
<em><strong>डॉक्टर संजय गुप्ता:-</strong></em> नॉन मेडिकल में बीएससी करने पर अगर आप के नंबर अच्छे हैं और निरंतर अभ्यास अथार्त पढ़ाई जारी रखने की क्षमता आपके अंदर है तो आप सिविल सेवा की तैयारी कर सकते हैं उसके लिए आपको सिविल सेवा की तैयारी हेतु इलाहाबाद या दिल्ली जैसे शहरों में जाकर अच्छी कोचिंग संस्थानों से आप पढ़ाई कर सकते हैं अगर आप कंप्यूटर जॉब में रुचि रखते हैं तो मास्टर इन कंप्यूटर एप्लिकेशन मतलब एमसीए कर सकते हैं जिससे आपको आईटी सेक्टर में इंफोसिस ,विप्रो ,महिंद्रा ,टीसीएस, एचसीएल जैसी कई बड़ी कंपनियों में एमसीए के पश्चात नौकरी के अवसर प्राप्त हो सकते है<br />
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<em><strong>7-करियर क्या है,और इसका महत्व क्या है?</strong></em><br />
<em><strong>रमेश महतो,गरियाबंद</strong></em><br />
<em><strong>डॉक्टर संजय गुप्ता :</strong></em>– कैरियर को हमारे कार्य-जीवन की यात्रा के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। यह वही है जो हम करते हैं और यह हमारे जीवन के लक्ष्यों और उद्देश्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। संतुष्टि की भावना और सर्वोत्तम संभव जीवन जीने के लिए एक वांछनीय करियर रखना और इसे अच्छी तरह से प्रबंधित करना बेहद महत्वपूर्ण है।</p>
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                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>विचार/ लेख</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा एंव रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.khaskhabar.news/other/sunday-special-from-the-pen-of-dr-sanjay-gupta-a-renowned-educationist-of-urjanagari/article-3209</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 23:59:52 +0530</pubDate>
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                <title>वास्तविक मूल्यांकन: ज्ञान की गहराई और सोच की ऊँचाई की पहचान- शिक्षाविद डॉ गुप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[दीपका- कोरबा //राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद एनसीआरटी ने एक नया मूल्यांकन मॉडल सुझाया है ।इसमें प्रस्ताव है कि कक्षा 9 10 और 11 के छात्रों के प्रदर्शन को उनके कक्ष 12 के बोर्ड परिणाम में योगदान देना चाहिए। जुलाई में जारी रिपोर्ट ‘ शिक्षा बोर्ड में समानता स्थापित करने पर ‘ सुझाव दिए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/real-assessment-recognizing-the-depth-of-knowledge-and-height-of-thinking-academician-dr-gupta/article-2297"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2024-08/whatsapp-image-2024-08-29-at-10.53.27.jpeg" alt=""></a><br />
<ul class="wp-block-list">
<li><strong><em>नई मूल्यांकन पद्धति के बारे में प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने व्यक्त किए अपने विचार</em></strong></li>



<li><strong><em>कहा – अब कक्षा 9वीं और 11वीं के परीक्षा परिणाम को मिलाकर तैयार होगा 12वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम</em></strong></li>
</ul>



<p><strong><em>दीपका- कोरबा //<br /></em></strong>राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद एनसीआरटी ने एक नया मूल्यांकन मॉडल सुझाया है ।इसमें प्रस्ताव है कि कक्षा 9 10 और 11 के छात्रों के प्रदर्शन को उनके कक्ष 12 के बोर्ड परिणाम में योगदान देना चाहिए। जुलाई में जारी रिपोर्ट ‘ शिक्षा बोर्ड में समानता स्थापित करने पर <strong><em><a href="https://www.khaskhabar.news/national-sports-day-various-sports-organized-in-ips-dipka/">‘ सुझाव दिए गए हैं। रिपोर्ट में कक्षा 10 और 12 के लिए प्रगतिशील मूल्यांकन रूपरेखा का सुझाव दिया गया ।नई रूपरेखा शैक्षणिक</a></em></strong> वर्ष को दो अवधियों में विभाजित करती है कक्षा 12 के बोर्ड के नतीजे में कक्षा 9 ,10 और 11 के अंक शामिल किए जाने के लिए सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में उल्लेख है कक्षा 9 से कक्षा 12 तक रचनात्मक और योगात्मक अंकों का भार क्रमिक रूप से समायोजित किया जाएगा। इससे शिक्षार्थियों के ग्रेड में आगे बढ़ाने के साथ योगात्मक मूल्यांकन पर जोर बढ़ेगा। कक्षा 9 में 7% रचनात्मक और 30% योगात्मक विभाजन ,कक्षा 10 में समान 50% रचनात्मक और योगात्मक विभाजन, कक्षा 11 में 40% रचनात्मक और 60% योगात्मक वितरण और कक्षा 12 में 30% रचनात्मक और 70% योगात्मक अनुपात है।<br />प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने विद्यार्थियों की जा<strong><em><a href="https://www.google.com/">नकारी में इजाफा करते हुए बताया कि एनसीईआरटी के नए मूल्यांकन पद्धति में उल्लेख किया गया है कि माध्यमिक चरण के अंत में संचयी अंक कक्षा 9वी के लिए 15% कक्षा 10 के लिए 20% कक्षा 11 के लिए 25% और कक्षा 12 के लिए 40% है ।इसका अर्थ यह है</a></em></strong> कि पिछले कुछ सालों में छात्रों का प्रदर्शन उनके अंतिम अंकों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ।कक्षा 9 से 12 तक के शिक्षार्थियों के लिए<br />सुझाया गया है कि मूल्यांकन का ढांचा एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाएगा, जो शिक्षार्थियों की प्रगति का समग्र दृष्टिकोण प्रदान करने हेतु सहायक होगा और योगात्मक अर्थात अंतिम अवधि के दोनों मूल्यांकन विधियों को संतुलित करेगा। कक्षा 10 और 12 के लिए मूल्यांकन ढांचे को दो अवधियों में विभाजित किया जाएगा। कक्षा मूल्यांकन में पोर्टफोलियो मूल्यांकन , स्व – मूल्यांकन ,सहकर्मी मूल्यांकन ,शिक्षक अवलोकन ,समूह कार्य और प्रयोगशाला गतिविधियां शामिल होंगी। अंतिम अवधि मूल्यांकन अर्थात आईटीएमएस का उपयोग योग्यता – आधारित मूल्यांकन के साथ जारी रहेगा। इसमें शिक्षक प्रश्न बैंक से चयन करेंगे ।टर्म – 2 में प्रोजेक्ट वर्क , वाईवा, के साथ पेपर प्रेजेंटेशन और ग्रुप डिस्कशन के साथ रचनात्मक मूल्यांकन भी शामिल होंगे।<br />डॉ संजय गुप्ता ने कहा कि मूल्यांकन की इस पद्धति से विद्यार्थियों का वास्तविक स्त शिक्षक और अभिभावक जान पाएंगे। यदि शिक्षक पूरी ईमानदारी से मूल्यांकन के कार्य को संपन्न करें तो हमारे समक्ष विद्यार्थी की वास्तविक प्रगति प्रस्तुत होगी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह भी होगा कि कई विद्यार्थी 9वीं और 11वीं कक्षा को सीरियसली नहीं लेते ।यह सोचकर कि इसका पेपर तो स्कूल में ही जांचा जाएगा। होम एग्जाम्स को गंभीरता से विद्यार्थियों के द्वारा नहीं लिया जाता है ,उनको यह पता चलेगा कि प्रत्येक कक्षा के प्रति उन्हें गंभीर होना पड़ेगा ,अन्यथा कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में उसका असर दिखेगा ।यह इस दृष्टि से भी भी महत्वपूर्ण है।<br />तात्पर्य यहभाई की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विद्यार्थी शिक्षा वा ज्ञान के करीब आयेंगे और अध्ययन के प्रति गंभीर होंगे।</p>
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                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
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                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
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                <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 16:33:39 +0530</pubDate>
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