<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.khaskhabar.news/dr-sanjay-gupta/tag-71" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Khaskhabar News RSS Feed Generator</generator>
                <title>dr.sanjay Gupta - Khaskhabar News</title>
                <link>https://www.khaskhabar.news/tag/71/rss</link>
                <description>dr.sanjay Gupta RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इंडस पब्लिक स्कूल के 10वीं कक्षा के छात्र यश कश्यप ने बनाया दबदबा, स्कूल में किया टॉप</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएसई 10 वीं बोर्ड में इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थियों का प्रदर्शन रहा उत्कृष्ट अधिकांश उत्तीर्ण हुए प्रथम श्रेणी में दीपका – कोरबा // सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के दसवीं के लाखो छात्रों का इंतजार ख़त्म हो गया है बोर्ड ने मंगलवार दोपहर 1 बजे 10 वी का रिजल्ट जारी किया । इंडस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/yash-kashyap-a-student-of-10th-grade-of-indus-public-school/article-3932"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-05/10-1.jpeg" alt=""></a><br /><h3><span style="color:#0000ff;"><em><strong>सीबीएसई 10 वीं बोर्ड में इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थियों का प्रदर्शन रहा उत्कृष्ट</strong></em></span></h3>
<h3><span style="color:#339966;"><em><strong>अधिकांश उत्तीर्ण हुए प्रथम श्रेणी में</strong></em></span></h3>
<p><span style="color:#ff0000;"><em><strong>दीपका – कोरबा //</strong></em></span><br />
सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के दसवीं के लाखो छात्रों का इंतजार ख़त्म हो गया है बोर्ड ने मंगलवार दोपहर 1 बजे 10 वी का रिजल्ट जारी किया । इंडस पब्लिक स्कूल दीपका का सीबीएसई दसवीं का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा विद्यालय में दसवीं कक्षा में अध्यनरत विद्यार्थियों में अधिकतर विद्यार्थी ने प्रथम श्रेणी में पास होकर विद्यालय को किया गौरन्वान्वित विद्यालय के यश कश्यप ने 90.7 प्रतिशत अंक लाकर प्रथम रहे ,सुहान सिंह 88 प्रतिशत के साथ द्व्तीय तृतीय वैष्णवी कंवर 87.3 प्रतिशत चतुर्थ ऋषभ सिंह 83.2 प्रतिशत,आदित्य मरावी 81.7 पंचम स्थान व् 80.7 प्रतिशत अंक के साथ संगम सिहाग षष्ठम स्थान पर रहे।<br />
स्कूल के टॉपर यश कश्यप ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, प्राचार्य और शिक्षकों को दिया और कहा कि इंडस स्कूल के सभी शिक्षक हमें पढ़ाई में मदद करते थे हमारी हर दुविधा को बहुत आसानी से सुलझा देते थे। यहाँ उच्च कोटि की शिक्षा का माहौल है जो हर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है मै खुद यहाँ अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि शुरू में जो विद्यार्थी बहुत कमजोर थे उन्हें भी विशेष शिक्षा प्रदान कर उनके स्तर को ऊँचा किया है जिस कारण यहाँ सभी स्टूडेंट्स प्रथम श्रेणी में पास हुए ।<br />
शैक्षणिक प्रभारी श्री सब्यसाची सरकार ने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के बारे में बताया कि सभी विषय शिक्षकों ने खूब मेंहनत किया एवं लगातार विद्यार्थियों के संपर्क में रहे और कई टेस्ट करवाए । विद्यालय के प्राचार्य भी बच्चो के बेहतर परिणाम के लिए दिन-रात लगे रहते थे वे हमेशा शिक्षकों से विचार-विमर्श करते रहते थे । सैंपल बुक व् अन्य परीक्षायोगी साधनो के लिए बुक पब्लिसर के संपर्क में हमेशा रहते थे कोई भी चीज़ जो बोर्ड परीक्षा लिए महत्वपूर्ण उसे किसी भी कीमत पर उपलब्ध करवाते थे । बारम्बार प्रयास व् शंका समाधान से आज विद्यालय का परीक्षा परिणाम उत्तम रहा ।उन्होंने सभी विषय शिक्षको को उनके कठिन मेहनत के लिए आभार जताया ।<br />
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने दसवीं बोर्ड के रिजल्ट पर हर्ष प्रकट करते हुए कहा कि विद्यालय का परीक्षा परिणाम काफी उत्साहजनक रहा विद्यालय में दसवीं कक्षा में अध्ययनरत अधिकतर छात्रों का प्रथम श्रेणी में पास होना विद्यालय ही नहीं बल्कि पुरे अँचल के लिए गर्व की बात है। बहुत से विद्यार्थियों ने उच्चतम अंक लाकर अपने माता-पिता सहित पूरे विद्यालय का नाम रोशन किया है ।<br />
विद्यालय ने हमेशा बच्चो के हित के लिए कार्य किया है और उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई है शिक्षकों को भी समय-समय पर एक्सपर्ट के द्वारा ट्रैंनिंग भी प्रदान करवाई ताकि वे विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य गढ़ने में मदद मिल सके विद्यार्थियों के पढाई को लेकर थोड़ी भी ढील नहीं दी गई हमने विद्यार्थियों के हर समस्या को सुना और उनका निराकरण भी किया कैसे बेहतर परिणाम हो इसके लिए हमने बहुत कठिन परिश्रम किया। बच्चो से बार-बार संपर्क किया विद्यालय और यहाँ पर काम करने वाले सभी कर्मचरियो ने पूरी निष्ठा, लगन और मेहनत से कार्य किया है जिसके परिणाम स्वरुप हमने बेहतर परिणाम दिया है और आगे भी इससे बेहतर परिणाम देंगे<br />
अंत में सभी विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य की कामना के लिए शुभकामनाये दी और कठिन परिश्रम के लिए विद्यालय के शिक्षकों का आभार जताया ।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>जरा हटके</category>
                                            <category>शिक्षा एंव रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.khaskhabar.news/other/yash-kashyap-a-student-of-10th-grade-of-indus-public-school/article-3932</link>
                <guid>https://www.khaskhabar.news/other/yash-kashyap-a-student-of-10th-grade-of-indus-public-school/article-3932</guid>
                <pubDate>Wed, 14 May 2025 13:36:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.khaskhabar.news/media/2025-05/10-1.jpeg"                         length="164777"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिन विशेष : मुश्किलों से जीत कर ही हमें अपनी क्षमता का ज्ञान होता है &amp;#8211; ख्यातिलब्ध शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[कम अंक हमें हताश होने के लिए नहीं बल्कि भविष्य में बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं -डॉ. संजय गुप्ता एक प्रश्न पूछना और उस प्रश्न का उत्तर ढूंढ़ने की कोशिश करना एक विद्यार्थी की खासियत है- ख्यातिलब्ध शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता परीक्षा इसलिए नही ली जाती की आप उसमें में कितने अंक प्राप्त […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/it-is-only-by-overcoming-special-difficulties-that-day-that-we-become-aware-of-our-potential-renowned-educationist-dr-sanjay-gupta/article-3359"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-01/whatsapp-image-2024-12-10-at-09.10.44.jpeg" alt=""></a><br /><h3><em><strong> कम अंक हमें हताश होने के लिए नहीं बल्कि भविष्य में बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं -डॉ. संजय गुप्ता</strong></em></h3>
<h3><strong>एक प्रश्न पूछना और उस प्रश्न का उत्तर ढूंढ़ने की कोशिश करना एक विद्यार्थी की खासियत है- ख्यातिलब्ध शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता</strong></h3>
<h3><em><strong>परीक्षा इसलिए नही ली जाती की आप उसमें में कितने अंक प्राप्त करते हैं बल्कि इसलिए ली जाती है कि आप उस मुमकिन कार्य को करने में कितने सक्षम है या फिर आपकी काबिलियत क्या है -डॉ. संजय गुप्ता</strong></em></h3>
<p style="text-align:left;"><em><strong>दीपका – कोरबा //</strong></em><br />
<em>आज दिन-प्रतिदिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा एवं तनाव भरी जिंदगी में विद्यार्थियों को मानसिक रूप से स्वस्थ व प्रसन्न रहना अतिआवश्यक है । लेकिन जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आती है विद्यार्थियों में मानसिक दबाव बढ़ते जाता है । वर्षभर नियमित व अनुशासित तथा समर्पित होकर भी हम परीक्षा की तैयारी करें तो भी परीक्षा के दिनों में हम पर मानसिक दबाव व तनाव अवश्य होता है । विद्यार्थियों के मन में विभिन्न प्रकार के प्रश्न उठने लगते हैं और वे सबसे ज्यादा अपने भविष्य के प्रति चिंतित होते हैं। ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब प्रति सप्ताह खासखबर डॉट न्यूज़ वेब डिजिटल प्लेटफार्म में देंगें क्षेत्र के ख्यातिलब्ध शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता</em><br />
<em><strong>1 – अभी विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाएं जारी हैं ।अतः अच्छी सफलता हेतु आप विद्यार्थियों को क्या टिप्स देना चाहेंगे?</strong></em><br />
<em><strong>वैभव साहू,भिलाई नगर</strong></em><br />
<em><strong>डॉ संजय गुप्ता: –</strong></em> खुद पर विश्वास करें कि आप परीक्षा में अच्छी सफलता प्राप्त करने के लिए ही बने हैं। सुपाच्य भोजन करें एवं अपने दैनिक जीवन में ध्यान, एवं योग तथा एक्सरसाइज को अवश्य शामिल करें। इससे रक्त का संचार हमारे दिमाग सहित शरीर के अन्य हिस्सों में सुचारू रूप से बना रहता है एवं हम तरोताजा महसूस करते हैं। पढ़ते समय मध्य में कुछ अंतराल लेकर ध्यान मेडिटेशन अवश्य करें इससे हमारी बुद्धि तीक्ष्ण होती है हमारा ध्यान पढ़ने में लगता है हमारा कंसंट्रेशन पावर स्ट्रॉन्ग होता है। सभी विषयों की अच्छी तैयारी करें शंका की स्थिति में विषय विशेषज्ञों से अवश्य संपर्क करें अपने शिक्षकों से सतत संपर्क में रहे। खुद पर विश्वास करें कि आप सभी प्रश्नों के अच्छे उत्तर लिख सकते हो। घबराएं नहीं। घबराहट को अपने दिलों दिमाग से हमेशा के लिए दूर भगा दें। पूर्व में हो चुके प्री बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों का सतत अभ्यास करें। प्रत्येक पाठ को गहराई से समझने का प्रयास करें। ज्यादा से ज्यादा प्रश्नों को स्वयं हल करें।<br />
<em><strong>2 – मेरी बोर्ड परीक्षा अभी जारी है।लेकिन बदकिस्मती से मेरे आस पड़ोस शादी का भी पुरजोर माहौल है। बहुत ज्यादा व्यवधान पढ़ाई में उत्पन्न हो रहा है। मैं अपनी मनःस्थिति को कैसे नियंत्रित करूं। बहुत तनाव में हूं।</strong></em><br />
<em><strong>अमन यादव, एनटीपीसी कॉलोनी</strong></em><br />
<em><strong>डॉ संजय गुप्ता: –</strong> </em>ऐसी स्थिति में आपको चाहिए कि आप स्वयं अपने आस पड़ोस के लोगों से बात करें ।उन्हें समझाएं कि अभी आपके भविष्य का सवाल है और आप जैसे कितने ही बच्चे होंगे जो बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो रहे होंगे ।उन्हें समझाएं कि वह ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग ना करें ।यह कानूनन अपराध है ।उन्हें यह न लगे कि आप उनकी खुशी में खलल डाल रहे हैं ।आप यह भी समझाएं कि यह आपके भविष्य के लिए भी सही नहीं है ।शादी की खुशियों को वह पूरा एंजॉय करें ।लेकिन आपके बारे में भी ख्याल रखें । साउंड्स का प्रयोग अवश्य करें ,लेकिन सीमित आवाज में या निश्चित समय के लिए। आप चाहे तो उनसे बात करके एक निश्चित समय सीमा भी निर्धारित कर सकते हैं। क्योंकि पड़ोस की शादी यानी उस उत्सव में आपको भी प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से शामिल होना ही है। हमें अपने आस – पड़ोस के लोगों से संबंध भी अच्छे रखे होंगे ।हमें बीच का रास्ता निकालना चाहिए। जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे। हमें किसी से झगड़ा मोल नहीं लेना है ।बस उन्हें समझाने का प्रयास करना है कि साउंड का उपयोग सीमित समय के लिए ही करें, ताकि आपकी पढ़ाई में भी व्यवधान उत्पन्न ना हो ।आप अपनी सुविधा अनुसार भी टाइम को मैनेज कर सकते हैं ।आपका पूरा फोकस आपकी स्टडी होनी चाहिए। तनाव ना लें, तनाव मुक्त होकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।<br />
<em><strong>3 – विद्यालय में कई बच्चे परीक्षा के समय में भी लगातार अनुपस्थित रहते हैं। बार-बार सूचना देने पर भी विद्यालय आने में कोताही बरतते हैं जिससे परीक्षा में उनका प्रदर्शन अत्यंत दयनीय रहता है ।ऐसे विद्यार्थियों के लिए क्या किया जाए?</strong></em><br />
<em><strong>हरीश सिंह, दीपका</strong></em><br />
<em><strong>डॉ संजय गुप्ता: –</strong></em> ऐसी बात है तो यह बहुत गंभीर स्थिति है। हमें विद्यार्थियों के अभिभावकों से बात कर वस्तु स्थिति से अवगत कराना चाहिए ।अगर विद्यार्थी लगातार विद्यालय में अनुपस्थित हो रहा है तो यह अवश्य है कि उनके अभिभावक भी संजीदा नहीं है। हमें उनके अभिभावकों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास करना चाहिए कि यह विद्यार्थी के भविष्य के लिए सही नहीं है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी में विभिन्न प्रकार के अधिगम विकार हमें देखने को मिलते हैं। जिन्हें डायग्नोसिस कर हमें विद्यार्थी के सतत सुधार की आवश्यकता होती है। ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों को विद्यालय में बुलाकर हमें अवश्य समझाने का प्रयास करना चाहिए ।इसमें दोष विद्यार्थी का नहीं है 100% अभिभावकों का है।<br />
<em><strong>4 – मेरा बेटा अभी कक्षा नवमी में है, लेकिन मैं कुछ दिनों से देख रहा हूं कि जिस प्रकार वह कक्षा आठवीं तक प्रदर्शन करता था ,नवमी में उसका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा ।इसके क्या कारण हो सकते हैं? उसे मैं पुनः उस स्थिति जैसा कैसे बनाऊं?</strong></em><br />
<em><strong>संतोष विश्वकर्मा, गेवरा</strong></em><br />
<em><strong>डॉ संजय गुप्ता: –</strong></em> यदि बच्चा कक्षा नवमी में है तो हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि वह अभी किशोरावस्था में पदार्पण कर चुका है ।इस समय विभिन्न प्रकार के मानसिक और शारीरिक परिवर्तन हमें उसमें देखने को अवश्य मिलेंगे। किशोरावस्था तूफान एवं बदलाव की अवस्था होती है ।इस अवस्था में उसे प्यार के साथ-साथ सख्त अनुशासन की भी बहुत आवश्यकता है। आप ध्यान दीजिए कि उसका ध्यान पढ़ाई में नहीं लगकर कहीं और विचलित तो नहीं हो गया है? यह समय ही बहुत ही उथल-पुथल व संघर्ष का रहता है ।हमें बराबर उसकी प्रत्येक एक्टिविटीज पर नजर बनाए रखनी होगी। हमें उसे समझाना होगा कि उसका मुख्य उद्देश्य पढ़ना और कुछ बनना ही है ।वह अपना पूरा ध्यान व पढ़ाई में केंद्रित करें। हमें उसे सतत समझाना होगा । हमें उसकी सुषुप्त शक्तियों को अवश्य जागृत करना होगा। उसे समझाएं कि वह कक्षा आठवीं तक क्या था और अभी उसकी स्थिति क्या हो रही है? उसे एहसास दिलाएं,न कि डांटे।<br />
<em><strong>5 – शिक्षण में क्वालिटी और क्वांटिटी के भेद को स्पष्ट करें।</strong></em><br />
<em><strong>राकेश मनोहर, बिलासपुर </strong></em><br />
<em><strong>डॉ संजय गुप्ता: –</strong></em> आपका प्रश्न अति उत्तम है। मेरा मानना है कि यदि हमारे शिक्षक वा शिक्षण में क्वालिटी है तो क्वांटिटी ऑटोमेटिक ही इंप्रूव हो जाती है। यदि हमारी शिक्षण व्यवस्था या शिक्षा गुणवत्ता से परिपूर्ण है तो हम हमें संख्या बढ़ाने हेतु दर-दर जाने की आवश्यकता नहीं है। हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि समय के मांग के अनुरूप हमें स्वयं को और विद्यालय को अवश्य परिवर्तित कर लेना चाहिए। दुनिया में बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा है ।हमें उस प्रतिस्पर्धा के मुताबिक खुद को भी तैयार करना ही होगा ।अक्सर सुनने में आता है कि ‘ जो दिखता है वह बिकता है’ लेकिन मैं इसके विपरीत सोचता हूं कि शिक्षा कोई बेचने की वस्तु नहीं है ,अगर आपकी शिक्षण में गुणवत्ता है तो वह गुणवत्ता लोगों को विद्यार्थियों के कार्य व्यवहार उसके प्रदर्शन में अवश्य नजर आती है ।तो आपकी मार्केटिंग ,आपका प्रचार प्रसार तो वैसे ही हो जाता है। आप लोगों के दिलों और दिमाग पर राज करते हो ।इसके लिए आपको विभिन्न प्रकार के प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता नहीं होती। अल्टीमेटली लोगों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा तो चाहिए ही। इसके लिए क्यों ना हम आज से तैयार रहें ,व कमर कस के मेहनत करें। हम अपनी एक अलग पहचान बनाएं ।यही अंतर है क्वालिटी और क्वांटिटी में ।क्वालिटी है तो क्वांटिटी झक मार के पीछे-पीछे आ ही जाती है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>विचार/ लेख</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>जरा हटके</category>
                                            <category>शिक्षा एंव रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.khaskhabar.news/other/it-is-only-by-overcoming-special-difficulties-that-day-that-we-become-aware-of-our-potential-renowned-educationist-dr-sanjay-gupta/article-3359</link>
                <guid>https://www.khaskhabar.news/other/it-is-only-by-overcoming-special-difficulties-that-day-that-we-become-aware-of-our-potential-renowned-educationist-dr-sanjay-gupta/article-3359</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jan 2025 18:16:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.khaskhabar.news/media/2025-01/whatsapp-image-2024-12-10-at-09.10.44.jpeg"                         length="202241"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>30 वें  सीबीएसई राष्ट्रीय सम्मेलन में इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने व्यक्त किए अपने विचार</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में संपन्न हुआ 30 वें सीबीएसई राष्ट्रीय सम्मेलन  इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने सीबीएसई द्वारा लिए गए विशेष निर्णय के बारे में साझा की विशेष जानकारी,जिससे लाभान्वित होंगे सभी अभिभावक एवं विद्यार्थी दीपका- कोरबा // सीबीएसई का उद्देश्य छात्रों की शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक और बौद्धिक भलाई के लिए अधिगम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/principal-of-indus-public-school-deepka-dr-gupta-expressed-his-views-in-the-30th-cbse-national-conference/article-3211"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2024-12/whatsapp-image-2024-12-10-at-09.10.44.jpeg" alt=""></a><br /><p><em><strong>कोलकाता में संपन्न हुआ 30 वें सीबीएसई राष्ट्रीय सम्मेलन </strong></em></p>
<p><em><strong> इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने सीबीएसई द्वारा लिए गए विशेष निर्णय के बारे में साझा की विशेष जानकारी,जिससे लाभान्वित होंगे सभी अभिभावक एवं विद्यार्थी</strong></em></p>
<p><em><strong>दीपका- कोरबा //</strong></em><br />
सीबीएसई का उद्देश्य छात्रों की शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक और बौद्धिक भलाई के लिए अधिगम को सुगम करना है।सीबीएसई एक मजबूत, जीवंत और समग्र स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देता है जो मानव प्रयास के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्रदान करेगा। बोर्ड अपने शिक्षार्थियों के बीच बौद्धिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवंतता को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।<br />
कोलकाता में 30वें सीबीएसई राष्ट्रीय सम्मेलन में आगामी शैक्षणिक वर्षों के लिए कई महत्वपूर्ण अपडेट और पहलों पर प्रकाश डाला गया। डॉक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि इस सम्मेलन में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों दोनों को ही डायन में रखते हुए कई विशेष निर्णय लिए गए।डॉक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि सीबीएसई समय समय पर कई विशेष निर्णय विद्यार्थियों के हित में लेती है जिससे हम सभी को अपडेट रहना अति आवश्यक है।ऐसे ही कुछ विशेष एवं आवश्यक निर्णय विगत 30 नवंबर 2024 को आयोजित एक सम्मेलन में लिया गया जो निश्चित तौर पर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों तथा विद्यालयों के साथ एक बेहतर सामंजस्य स्थापित करने में मददगार होगा।इस सम्मेलन में कई नए व अति महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए,जिनमें से कुछ बिंदु इस प्रकार हैं,<br />
<strong>1. सफल (स्कूल असेसमेंट फॉर एडवांसिंग लर्निंग)</strong>: यह मूल्यांकन ढांचा सभी सीबीएसई-संबद्ध स्कूलों के लिए शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से अनिवार्य होगा ताकि छात्रों के सीखने के परिणामों को बढ़ाया जा सके।<br />
<strong>2. एसक्यूएएएफ (स्कूल गुणवत्ता मूल्यांकन और मान्यता ढांचा):</strong> यह ढांचा सीबीएसई स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली प्रथाओं के सत्यापन और कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेगा।<br />
<strong>3. विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के दो स्तर:</strong> सीबीएसई ने कक्षा IX और X में विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के लिए प्रश्नपत्रों के दो स्तरों को पेश करने की योजना बनाई है, जो गणित में मौजूदा दो स्तरों के समान हैं, जो विभिन्न छात्र दक्षताओं को पूरा करते हैं।<br />
<strong>4. अनिवार्य एचपीई (स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा):</strong> स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा सभी कक्षाओं के पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बन जाएगी।<br />
<strong>5. शिक्षक मूल्यांकन और स्व-मूल्यांकन:</strong> पेशेवर विकास और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए शिक्षक मूल्यांकन और स्व-मूल्यांकन के लिए एक विशेष प्रक्रिया शुरू की जाएगी।<br />
<strong>6. एनसीएफ एफएस एंड एसई का कार्यान्वयन:</strong> सीबीएसई स्कूलों में फाउंडेशन स्टेज और माध्यमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा का 100% रोलआउट होगा।<br />
<strong>7. मानसिक स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा पर ध्यान:</strong> छात्रों की भलाई और सुरक्षा को संबोधित करने के लिए स्कूल मानसिक स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा शिक्षा को प्राथमिकता दिया जाएगा।<br />
<strong>8. पर्यावरण जागरूकता:</strong> छात्रों के बीच पर्यावरण चेतना को बढ़ावा देने के लिए पाठ्यक्रम में व्यावहारिक अनुभव और गतिविधियाँ शामिल की जाएंगी।<br />
स्कूलों का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है,इसी उद्देश्य को लेकर बच्चो को पर्यावरण के बारे मे जागरुक कर पेड़ों के महत्व को बताया गया साथ ही बच्चों की वृक्षारोपण मे सहभागिता रखी,बच्चे ही देश के भविष्य हे इन्हे पर्यावरण के प्रति जागरुक करना आवश्यक है।<br />
डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य शिक्षा की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाना, समकालीन चुनौतियों के साथ तालमेल बिठाना और छात्रों और शिक्षकों के लिए समग्र विकास सुनिश्चित करना है। कुल।मिलाकर यदि इस सम्मेलन के सारांश की बात करें तो अब शिक्षा का एक मात्रा उद्देश्य विद्यार्थियों की सम्पूर्ण समझ विकसित करना तथा भावी चुनौतियों एवं नवीन कौशलों के लिए तैयार करना होगा। सीबी एसई बोर्ड को कई प्रतियोगी परीक्षाओं से पहले सीखने का अतिरिक्त लाभ प्रदान करने के लिए जाना जाता है। प्रत्येक पाठ्यक्रम बहुत महत्वाकांक्षी छात्रों को तैयार करने के लिए बनाया और डिज़ाइन किया गया है, इससे उन्हें आईआईटी-जेईई, एआईईई और एम्स जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलती है।प्रत्येक स्कूल का सबसे महत्वपूर्ण कार्य बालकों का नैतिक तथा चारित्रिक विकास करना है।शिक्षा का उद्देश्य मात्र शिक्षित होना नहीं होता, बल्कि शिक्षा के कई अन्य मकसद होते हैं, जिसे कई शिक्षा के विद्वानों ने अलग-अलग तरीके से परिभाषित किया है। चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व का विकास, नागरिक और सामाजिक कर्तव्यों का पालन, सामाजिक सुख और कौशल की उन्नति, राष्ट्रीय संस्कृति का संरक्षण और प्रसार शामिल है। सीबीएसई द्वारा इन सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा कर एक व्यापक रूपरेखा बनाने पर जोर दिया गया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>विचार/ लेख</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा एंव रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.khaskhabar.news/other/principal-of-indus-public-school-deepka-dr-gupta-expressed-his-views-in-the-30th-cbse-national-conference/article-3211</link>
                <guid>https://www.khaskhabar.news/other/principal-of-indus-public-school-deepka-dr-gupta-expressed-his-views-in-the-30th-cbse-national-conference/article-3211</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 13:53:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.khaskhabar.news/media/2024-12/whatsapp-image-2024-12-10-at-09.10.44.jpeg"                         length="202241"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        