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                <title>chhattisgarh korba disttrict news - Khaskhabar News</title>
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                <description>chhattisgarh korba disttrict news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शैक्षणिक भ्रमण : “जिस शिक्षा में प्रयोग नहीं, वह अधूरी, और जिसमें अनुभव नहीं, वह खोखली है” - शिक्षाविद डॉ. संजय गुप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[शैक्षणिक भ्रमण का विद्यालय में बहुत महत्व है। यह छात्रों को कक्षा से बाहर जाकर वास्तविक दुनिया से जुड़ने और विभिन्न विषयों को व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर प्रदान करता है। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद करते हैं, जिससे उनकी समग्र शिक्षा में सुधार होता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/news-special/the-education-that-is-not-used-in-is-incomplete-and/article-4095"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-07/1.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"> “ज्ञान जब प्रयोग से जुड़ता है, तब जाकर बनता है श्रेष्ठ विद्यार्थी”:- डॉ संजय गुप्ता</span></strong></p>
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/3.jpeg" alt="3" width="500" height="464"></img></span></strong></p>
<p><strong> सीपेट कोरबा के प्रयोगशालाओं में जाकर विद्यार्थियों ने देखा तकनीकी ज्ञान का वास्तविक स्वरूप</strong></p>
<p><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/4.jpeg" alt="4" width="800" height="944"></img></strong></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु ले जाया गया सीपेट, विद्यार्थियों ने जाना पेट्रो रसायन इंजीनियरिंग के बारे में विस्तार से</strong></span></p>
<p> </p>
<p><strong>सीपेट कोरबा शैक्षणिक संस्थान का भ्रमण कर प्रफुल्लित हुए इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थी, प्लास्टिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाओं से वाकिफ हुए</strong></p>
<p><strong><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/5.jpeg" alt="5" width="800" height="1066"></img></strong></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली हर दूसरी वस्तु प्लास्टिक - फाइबर की , अतः क्षेत्र में करियर के अपार संभावनाएं हैं, इस बात में दो राय नहीं - डॉक्टर संजय गुप्ता</strong></span></p>
</blockquote>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दीपका - कोरबा //</strong></span><br />शैक्षणिक भ्रमण का विद्यालय में बहुत महत्व है। यह छात्रों को कक्षा से बाहर जाकर वास्तविक दुनिया से जुड़ने और विभिन्न विषयों को व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर प्रदान करता है। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद करते हैं, जिससे उनकी समग्र शिक्षा में सुधार होता है। <a href="https://www.khaskhabar.news/admin/post/post/khaskhabar.news"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">छात्र कक्षा में सीखी गई बातों </span></strong></a>को वास्तविक दुनिया में लागू करना सीखते हैं। उदाहरण के लिए, इतिहास के छात्र किसी ऐतिहासिक स्थल का दौरा करके उस समय के बारे में अधिक जान सकते हैं, या विज्ञान के छात्र किसी संग्रहालय या वैज्ञानिक संस्थान में जाकर वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझ सकते हैं। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को विभिन्न प्रकार के कौशल विकसित करने में मदद करते हैं, जैसे कि समस्या-समाधान, टीम वर्क, संचार और आलोचनात्मक सोच। <br />शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को नए विषयों और क्षेत्रों में रुचि लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। यह छात्रों को भविष्य में अपने करियर और रुचियों के बारे में अधिक जानने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। छात्रों को अपने सहपाठियों और शिक्षकों के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद करते हैं। यह छात्रों को एक टीम के रूप में काम करने और एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करता है। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को आजीवन यादें बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। ये यात्राएं छात्रों को नए दोस्त बनाने, अपने सहपाठियों के साथ संबंध बनाने और ऐसी यादें बनाने का अवसर प्रदान करती हैं जो जीवन भर उनके साथ रहेंगी। शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के लिए एक मूल्यवान अनुभव हो सकता है, जो उनके सीखने, विकास और समग्र शिक्षा में सुधार कर सकता है। <br /> इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के कक्षा  10 वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को सिपेट कोरबा शैक्षणिक भ्रमण हेतु ले जाया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ भौतिक विज्ञान शिक्षक श्री नरेंद्र कौशिक सर, श्री उत्कर्ष सर एवं  खेल प्रशिक्षिका सुश्री शिप्रा मैडम साथ में थीं। सभी विद्यार्थियों को सिपेट कोरबा में उपलब्ध सभी कोर्सों की जानकारी दी गई साथ ही पेट्रोल रसायन  इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों की प्रत्येक जिज्ञासाओं का समाधान डॉक्टर दिवेश मेश्राम एवं श्री रजनीश पांडे सर ने किया।सभी विद्यार्थियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से  सीपेट में कैरियर एवं संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दे गई। प्लास्टिक इंडस्ट्री का हमारे दैनिक जीवन में कितना योगदान है इसकी भी चर्चा विस्तार से की गई साथ ही  विभिन्न प्रकार के प्रैक्टिकल मॉड्यूल के भी जरिए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत करने का प्रयास किया गया। सभी विद्यार्थियों ने बारी - बारी से अपने मन में उठ रहे सवालों का जवाब पाया। सभी विद्यार्थियों को सिपेट कोरबा के संपूर्ण परिसर का भ्रमण करवाया गया और प्रत्येक ब्लॉक एवं उसके कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।<br /> डॉक्टर  दिवेश पांडेय ने कहा कि सिपेट (CIPET) का पूरा नाम सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान) है। यह एक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है जो प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और तकनीकी सहायता प्रदान करता है। सिपेट, रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के तहत काम करता है। सिपेट की स्थापना 1968 में हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति का विकास करना है। सिपेट देश भर में 40 से अधिक केंद्रों के साथ काम कर रहा है और विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अनुसंधान गतिविधियाँ प्रदान करता है। </p>
<p><img src="https://www.khaskhabar.news/media/2025-07/2.jpeg" alt="2" width="800" height="519"></img><br />श्री रजनीश पांडेय जी ने<a href="https://www.khaskhabar.news/admin/post/post/google.com"><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong> कहा कि CIPET (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) </strong></em></span></a>प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए एक उत्कृष्ट संस्थान है। CIPET विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जैसे कि डिप्लोमा, स्नातक (बी.टेक), स्नातकोत्तर (एम.टेक) और पीएचडी, जो छात्रों को प्लास्टिक उद्योग में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। CIPET में अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में भी कई अवसर उपलब्ध हैं, जहां छात्र प्लास्टिक उद्योग में नवीनतम तकनीकों और प्रक्रियाओं पर काम कर सकते हैं।CIPET अपने छात्रों के लिए उत्कृष्ट प्लेसमेंट अवसर प्रदान करता है। CIPET के छात्रों को बहुराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भर्ती किया जाता है, जो प्लास्टिक उद्योग में विभिन्न पदों पर काम करते हैं। आने वाले समय  में इस क्षेत्र में स्वर्णिम संभावनाएं हैं,इस बात मेंकोई दो राय नहीं है।<br /> विद्यालय के हेड बॉय मास्टर अमन मोर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शैक्षणिक भ्रमण वास्तव में हमारे पुस्तकीय ज्ञान और व्यवहारिक ज्ञान के सामंजस्य को मजबूती प्रदान करता है। हमने इस शैक्षणिक भ्रमण से बहुत कुछ सीखा ।हमने जाना कि सिपेट में भी अपार संभावनाएं हैं। आज प्रत्येक वस्तुएं हमें प्लास्टिक की ही बनी हुई दिखती हैं ,न सिर्फ हमारे किचन में बल्कि हमारे मोटरसाइकिल में भी अधिकांश पार्ट्स  हमें  प्लास्टिक ,फाइबर के ही नजर आते हैं। हमने सिपेट के पूरे शैक्षणिक परिसर का भ्रमण किया। यहां के स्टाफ ने भी हमारी हर शंकाओं का बहुत बारीकी से समाधान किया। हम उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं।<br /> प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि हमारे विद्यालय का यही उद्देश्य है कि हम विद्यार्थियों को पढ़ाई गई सभी बातों को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव भी कराएँ।हम समय-समय पर विद्यार्थियों को इस प्रकार के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थाओं का भ्रमण कराते ही रहते हैं ताकि वह अपने पुस्तकीय ज्ञान को अपने  दैनिक कार्य व्यवहार के साथ जोड़ सके। CIPET स्वयं में एक स्थापित संस्था है,आज प्लास्टिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। यदि गौर करें तो हमारे दैनिक उपयोग में आने वाले हर दूसरे वस्तु में हमें प्लास्टिक नजर आती है। प्लास्टिक इंडस्ट्री अर्थव्यवस्था में अग्रणी योगदान कर्ताओं में से एक है। यह रोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। विद्यार्थियों को पढ़ी हुई बातों को अपने जीवन के साथ जोड़कर आगे बढ़ाना आवश्यक होता है, और यह शैक्षिक भ्रमण सिपेट कोरबा में इस बात को साबित करती है। यहां के सभी स्टाफ का भी भरपूर सहयोग मिला उनका भी हृदय से आभार।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
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                <pubDate>Sun, 20 Jul 2025 14:49:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ की गोल्डन गर्ल श्रुति यादव ने प्रतिभागी बालिकाओं को किया प्रेरित</title>
                                    <description><![CDATA[कोरबा// एनटीपीसी-कोरबा में आयोजित बालिका सशक्तिकरण अभियान-2025 के अंतर्गत 31 मई को एक प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रेरणास्रोत पहल के तहत राष्ट्रीय स्तर की शूटर एवं छत्तीसगढ़ की पहली महिला शूटर श्रुति यादव ने प्रतिभागी बालिकाओं से मुलाकात की। श्रुति यादव को छत्तीसगढ़ की “गोल्डन गर्ल” के रूप में जाना जाता है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/chhattisgarhs-golden-girl-shruti-yadav-inspired-participating-girls/article-3998"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-06/whatsapp-image-2025-06-01-at-06.47.59.jpeg" alt=""></a><br /><p><em><strong><span style="color:#ff0000;">कोरबा// </span></strong></em><br />
एनटीपीसी-कोरबा में आयोजित बालिका सशक्तिकरण अभियान-2025 के अंतर्गत 31 मई को एक प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रेरणास्रोत पहल के तहत राष्ट्रीय स्तर की शूटर एवं छत्तीसगढ़ की पहली महिला शूटर श्रुति यादव ने प्रतिभागी बालिकाओं से मुलाकात की। श्रुति यादव को छत्तीसगढ़ की “गोल्डन गर्ल” के रूप में जाना जाता है।<br />
एनटीपीसी-कोरबा का बालिका सशक्तिकरण अभियान अपनी प्रेरणास्रोत पहल के लिए जाना जाता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेल, प्रशासन, विज्ञान और अन्य पेशों से जुड़े प्रेरणादायक व्यक्तित्व आकर बालिकाओं से संवाद करते हैं और उन्हें भविष्य के नेतृत्वकर्ता और सितारे बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। श्रुति यादव ने अपने जीवन संघर्ष और उपलब्धियों की प्रेरणादायक कहानी साझा की, साथ ही उन्होंने यह बताया कि कैसे मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने शूटिंग में उपयोग होने वाले उपकरणों और गजट्स का प्रदर्शन भी किया और उनकी कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया।<br />
बालिका सशक्तिकरण अभियान की प्रतिभागी बालिकाओं ने इस सत्र से अत्यंत प्रेरणा ली और अपने जीवन में ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करने की दिशा में एक नया उत्साह पाया। श्रुति यादव का जीवन और उनकी उपलब्धियाँ इन बालिकाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणास्रोत बन गईं।<br />
एनटीपीसी-कोरबा की यह प्रेरणास्रोत पहल, बालिका सशक्तिकरण अभियान की एक प्रमुख विशेषता है, जो हर वर्ष प्रतिभागी बालिकाओं को बेहतर दिशा, आत्मबल और स्वप्न देखने की प्रेरणा देता है। श्रुति यादव जैसी सशक्त शख्सियतों की मौजूदगी इस पहल को और अधिक प्रभावशाली बनाती है।बालिका सशक्तिकरण अभियान, एनटीपीसी की एक प्रमुख सामाजिक पहल है जिसका उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है, ताकि वे भविष्य की जिम्मेदार नागरिक और नेता बन सकें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>जरा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 07:33:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ननि सभापति ने किया इंदिरा स्टेडियम एवं खेल अकादमी का निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[कोरबा // जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर विभिन्न खेलो का आयोजन होते रहता है। खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन और खेल परिसर मिल सके इसके लिए वर्षों पूर्व इंदिरा स्टेडियम का निर्माण किया गया था। स्टेडियम को वर्तमान में बालकों के द्वारा स्पोर्ट्स अकादमी के तौर पर संचालित किया जा रहा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/nani-chairman-inspected-indira-stadium-and-sports-academy/article-3997"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-06/whatsapp-image-2025-06-01-at-06.49.29.jpeg" alt=""></a><br /><p><span style="color:#ff0000;"><em><strong>कोरबा //</strong></em></span><br />
जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर विभिन्न खेलो का आयोजन होते रहता है। खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन और खेल परिसर मिल सके इसके लिए वर्षों पूर्व इंदिरा स्टेडियम का निर्माण किया गया था। स्टेडियम को वर्तमान में बालकों के द्वारा स्पोर्ट्स अकादमी के तौर पर संचालित किया जा रहा है। नगर पालिका निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने खेल अकादमी और मैदान का आकस्मिक निरीक्षण किया।<br />
नगर पालिका निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने इंदिरा गांधी स्टेडियम और खेल अकादमी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेडियम के अंदर साफ-सफाई और लाइटिंग व्यवस्था सही नहीं होने को लेकर अपनी नाराजगी जताई। सभापति ने इंदिरा स्टेडियम कोरबा तथा खेल अकादमी म़े सुविधाएं बढ़ाने और स्टेडियम परिसर को दुरूस्त करने के लिए बालको प्रबंधन एवं निगम अधिकारियों को निर्देशित किया।<br />
लाखों की लागत से बनाए गए स्टेडियम में प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस आदि समारोह होने से वहां पर रंग-रोगन, लाइटिंग बैठने के लिए चेयर की बेहतर व्यवस्था थी जो समय के साथ-साथ खराब होती चली गई। कुछ वर्षों से वहां पर कार्यक्रम के आयोजनों पर भी रोक लग गई है जिससे वहां के हालात और खराब हो गए हैं। बालकों द्वारा इंदिरा स्टेडियम को खेल अकादमी के तौर पर विकसित करते हुए वहां खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है लेकिन स्टेडियम के अंदर देखरेख और साफ-सफाई की कमी नजर आई।<br />
ऐसा लग रहा हैं की कई महीनों से ना तो वहां पर उगे घास की कटाई हुई है ना ही समुचित लाइटिंग की व्यवस्था है। रोशनी और सुविधाओं की कुछ हद तक कमी होने के कारण शहर के लोग सड़कों पर वॉक करने के लिए मजबूर हैं। लाइटिंग की अगर बेहतर व्यवस्था यहां पर उपलब्ध कराई जाए तो शहर के लोगों को इसका काफी लाभ मिलेगा। खेलों के प्रति लगाव रखने वाले सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने जब निरीक्षण किया तो लोगों से उन्हें यह जानने को मिला कि लोग शाम के समय स्टेडियम परिसर में कुछ लोग मादक द्रव्य पदार्थो का सेवन भी करते हैं, मना करने पर उन लोगों द्वारा गार्ड के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। खिलाड़ियों और लोगों से मिले सुझावों पर भी सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने गंभीरता दिखाई। साथ ही उन्होंने लोगों से स्टेडियम परिसर को स्वच्छ रखने में निगम के अधिकारी कर्मचारी को सहयोग करने अपील की। निरीक्षण के दौरान पार्षद रामकुमार साहू, स्थानीय पार्षद श्रीमती मथुरा बाई चंद्रा, जोन अधिकारी अखिलेश शुक्ला, खेल अधिकारी रामकृष्ण साहू, ओलंपिक संघ के सचिव सुरेश क्रिस्टोफर, स्पोर्ट्स अकादमी के राजेश बिंद, थिकन साहू, विकास नंदा, एस.सी. मौर्या, जितेन्द्र सिंह राजपूत, रिंकू साहू, दीवाकर सिंह राजपूत सहित विभिन्न खेल संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 07:29:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जिले में आधा दर्जन से अधिक शिक्षक बर्खास्त</title>
                                    <description><![CDATA[6 के खिलाफ कार्रवाई के लिए भेजा गया कोरबा। जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। 7 शिक्षक, कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इन सभी शिक्षकों और कर्मचारियों पर अनुपस्थित रहने और अनुशासनात्मक का आरोप लगा था। शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुये इन्हें बर्खास्त कर दिया है। दरअसल, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/more-than-half-a-dozen-teachers-dismissed-in-the-district/article-3907"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-05/breaking-news5.jpg" alt=""></a><br /><h3><em><strong><span style="color:#ff0000;">6 के खिलाफ कार्रवाई के लिए भेजा गया</span></strong></em></h3>
<p><em><strong><span style="color:#ff0000;">कोरबा।</span></strong></em><br />
जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। 7 शिक्षक, कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इन सभी शिक्षकों और कर्मचारियों पर अनुपस्थित रहने और अनुशासनात्मक का आरोप लगा था। शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुये इन्हें बर्खास्त कर दिया है।<br />
दरअसल, कोरबा जिले में शिक्षा विभाग के 13 शिक्षक-कर्मचारियों पर अनुपस्थित और अनुशासनात्मक की शिकायत मिली थी। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा विभागीय जांच के बाद 13 शिकायतों की समीक्षा की गई। इनमें से 7 शिक्षक-कर्मचारियों को सेवा से पदच्युत किया गया, जबकि 6 अन्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भेजा गया है।</p>
<h3><span style="color:#ff0000;"><em><strong>बर्खास्त कर्मचारियों में क्रमश: –</strong></em></span></h3>
<p><span style="color:#333399;"><strong>अनिता साहू – सहायक शिक्षक एल.बी., प्रा.शा. बरभांठा, कटघोरा</strong></span><br />
<span style="color:#333399;"><strong>अनंत सिंह पैकरा – सहायक ग्रेड-3, हाई स्कूल तानाखार, पोड़ी उपरोड़ा</strong></span><br />
<span style="color:#333399;"><strong>संतोष कुमार तंवर – सहायक शिक्षक एल.बी., प्रा.शा. कारीमाटी, पोड़ी उपरोड़ा</strong></span><br />
<span style="color:#333399;"><strong>श्वेता पोर्ते – सहायक शिक्षक एल.बी., प्रा.शा. छिरहुट, कटघोरा</strong></span><br />
<span style="color:#993300;"><strong>दिनकर सिंह चेताम – सहायक ग्रेड-3, सेजेस पोड़ी लाफा, पाली</strong></span><br />
<strong>संतोष कुमार यादव – भृत्य, शा.उ.मा.वि. बोतली, करतला</strong><br />
<strong>लक्ष्मीकांत राज – भृत्य, वि.खं. शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पाली</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>जरा हटके</category>
                                            <category>शिक्षा एंव रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 15:30:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जब चली आंधी NTPC धनरास राखड़ बाँध का कहर</title>
                                    <description><![CDATA[ बायपास में फैला राखड़ का सैलाब एनटीपीसी प्रबंधन राखड़ के उचित प्रबंधन में हुआ विफल कोरबा// जिले में चली तेज हवाओं के कारण एनटीपीसी धनरास राखड़ बाँध की लापरवाही उजागर हुई । इस बाँध से उड़ रही राखड़ आसपास के दर्जनों ग्रामो को प्रभावित कर रही है। कई ग्रामो के निवासी इस समस्या से जूझ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/ntpc-dhanaras-rakhar-dam-havoc/article-3799"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-04/img_20250403_074041.jpg" alt=""></a><br /><h3><strong><span style="color:#ff0000;"> बायपास में फैला राखड़ का सैलाब</span></strong></h3>
<h3><strong><span style="color:#ff0000;">एनटीपीसी प्रबंधन राखड़ के उचित प्रबंधन में हुआ विफल</span></strong></h3>
<p><em><strong><span style="color:#ff0000;">कोरबा//</span> </strong></em>जिले में चली तेज हवाओं के कारण एनटीपीसी धनरास राखड़ बाँध की लापरवाही उजागर हुई । इस बाँध से उड़ रही राखड़ आसपास के दर्जनों ग्रामो को प्रभावित कर रही है। कई ग्रामो के निवासी इस समस्या से जूझ रहे हैं। राखड़ सिर्फ ग्रामो तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसका सैलाब कटघोरा बायपास मार्ग तक पहुंच गया, जिससे पूरा रास्ता राखड़ से ढक गया।<br />
हवा, पानी और भोजन में राखड़ मिल जाने से लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राखड़ उनके घरों, खेतों और जलस्रोतों तक फैल रही है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। सांस की बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि हर तरफ राखड़ जमा होने से साफ-सफाई करना भी मुश्किल हो गया है।</p>
<h3><span style="color:#ff0000;"><em><strong>ग्रामीणों ने लगाया एनटीपीसी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप</strong></em></span></h3>
<p>स्थानीय निवासियों का आरोप लगाते हुए कहना है कि एनटीपीसी प्रशासन राखड़ के उचित प्रबंधन में पूरी तरह विफल रहा है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। राखड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक पानी का छिड़काव और बाँध की नियमित सफाई नहीं की जा रही है, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी सिर्फ बिजली उत्पादन पर ध्यान दे रही है, लेकिन पर्यावरण और लोगों की सेहत की चिंता नहीं कर रही है।</p>
<h3><span style="color:#ff0000;"><strong>कार्यवाही की मांग</strong></span></h3>
<p>ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करने मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>जरा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 08:03:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>6 तहसीलदारों को नोटिस जारी</title>
                                    <description><![CDATA[किसान पंजीयन में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने किया नोटिस जारी कोरबा/ भारत सरकार द्वारा ऐग्री स्टेक कार्यक्रम के तहत कृषि क्षेत्र एवं किसानों के रिकार्ड को डिजीटल किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ किसानों को प्रदान किया जा सके। इसी कड़ी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/notice-issued-to-6-tehsildars/article-3648"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-03/breaking-logo1.jpg" alt=""></a><br /><h3><em><strong>किसान पंजीयन में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने किया नोटिस जारी</strong></em></h3>
<p><em><strong>कोरबा/</strong></em><br />
भारत सरकार द्वारा ऐग्री स्टेक कार्यक्रम के तहत कृषि क्षेत्र एवं किसानों के रिकार्ड को डिजीटल किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ किसानों को प्रदान किया जा सके। इसी कड़ी में जिले के किसानों का भी तहसील वार पंजीयन किया जा रहा है। किसानों के ऑनलाइन पंजीयन के संबंध में कलेक्टर   अजीत वसंत द्वारा बैठक लेकर लगातार आवश्यक दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। कृषक पंजीयन कार्य में आपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर श्री वसंत ने 6 तहसीलदार पोड़ी उपरोड़ा-   विनय देवांगन, अजगरबाहर-   लीला धर ध्रुव, करतला-  राहुल पांडेय, पाली-   सूर्य प्रकाश केशकर, पसान-   वीरेन्द्र श्याम, भैसमा-   के.के लहरे को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। सभी तहसलीदारों को कृषक पंजीयन के कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>खबर विशेष</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़ विशेष</category>
                                            <category>ब्रेकिंग</category>
                                    

                <link>https://www.khaskhabar.news/other/notice-issued-to-6-tehsildars/article-3648</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 14:51:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Khaskhabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उद्योग मंत्री का प्रयास रंग लाया : कोरबा मेडिकल अस्पताल में बनेगा 200 बेड की क्षमता का नया भवन</title>
                                    <description><![CDATA[मिली 43.70 करोड़ की स्वीकृति जिला चिकित्सालय के बिस्तरों की क्षमता बढ़कर हो जाएगी 650 वर्तमान अस्पताल भवन के विकास कार्यों के लिए भी मिली स्वीकृति कोरबा // रायपुर// मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर कोरबा मेडिकल अस्पताल में 200 बेड की क्षमता के नया भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.khaskhabar.news/other/industry-ministers-efforts-bear-fruit-new-building-with-200-bed-capacity-will-be-built-in-korba-medical-hospital/article-3354"><img src="https://www.khaskhabar.news/media/400/2025-01/untitled-21.jpg" alt=""></a><br /><h3><em><strong>मिली 43.70 करोड़ की स्वीकृति</strong></em></h3>
<h3><em><strong> जिला चिकित्सालय के बिस्तरों की क्षमता बढ़कर हो जाएगी 650</strong></em></h3>
<h3><em><strong>वर्तमान अस्पताल भवन के विकास कार्यों के लिए भी मिली स्वीकृति</strong></em></h3>
<p><strong>कोरबा // रायपुर//</strong><br />
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर कोरबा <a href="http://google.com"><em><strong>मेडिकल अस्पताल</strong> </em></a>में 200 बेड की क्षमता के नया भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के क्रम में वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन का प्रयास रंग लाया है। मेडिकल अस्पताल कोरबा में अब 200 बेड क्षमता के नये भवन के निर्माण के लिए कुल 43.70 करोड़ की राशि की स्वीकृति मिली है। इस भवन के बन जाने से मेडिकल चिकित्सालय में बिस्तरों की क्षमता बढ़कर 650 हो जाएगी। इसके अलावा वर्तमान अस्पताल भवन के अन्य विकास कार्यों के लिए भी राशि की स्वीकृति मिली है।<br />
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज कोरबा के लिए जब जिला अस्पताल का <a href="https://www.khaskhabar.news/assembly-secretary-met-the-governor/"><em><strong>अधिग्रहण कर संबद्ध</strong> </em></a>किया गया था तब अस्पताल में 100 बिस्तरों की सुविधा थी। प्रबंधन ने एनएमसी की गाइड लाइन के तहत बिस्तरों की क्षमता 300 तक बढ़ाई गई थी। इसके लिए अस्पताल के पुराने भवन, कैजुअल्टी भवन और ट्रामा सेंटर में अतिरिक्त बिस्तर लगाए गए थे। लंबे समय से अस्पताल परिसर में 200 बेड के बिस्तरों के अस्पताल भवन के निर्माण की मांग की जा रही थी। अस्पताल प्रबंधन द्वारा इसके लिए मांग पत्र भी भेजा गया था। मरीजों की बढ़ती संख्या और हो रही परेशानियों को संज्ञान में लेकर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बजट में इसकी स्वीकृति के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा था। मंत्री श्री देवांगन के प्रयासों से 200 बिस्तर क्षमता वाले अस्पताल भवन के निर्माण और अन्य सुविधाओं के लिए कुल 43 करोड़ 70 लाख की स्वीकृति राज्य शासन द्वारा दी गई।<br />
<em><strong>क्रिटिकल केयर यूनिट में होंगे 50 बिस्तर</strong></em><br />
गंभीर मरीज के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय परिसर में 50 बिस्तर का क्रिटिकल केयर यूनिट का भी निर्माण होगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इसके अलावा 100 बिस्तर क्षमता सीएसआर मद से 3.5 करोड़ की लागत से भी निर्माण होगा। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को इसके लिए क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। वही एसईसीएल के माध्यम से परिजनों के रुकने के लिए 60 बिस्तर का रैन बसेरा का निर्माण होगा।<br />
<em><strong>ऑर्थाेपेडिक विभाग में प्रारम्भ होंगे दो ओटी रूम</strong></em><br />
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑर्थाेपेडिक डिपार्मेंट का बहुत जल्द विस्तार होने वाले है। मंत्री श्री देवांगन के निर्देश पर ट्रामा सेंटर बिल्डिंग के दूसरे तल में दो ऑपरेशन थिएटर कक्ष में जल्द ही उपकरण इंस्टॉलेशन होंगे। इसके पश्चात दोनों ऑपरेशन थिएटर में एक साथ ऑपरेशन हो सकेंगे। वर्तमान में पुराने भवन में ही एकमात्र ऑपरेशन थिएटर पर लोड ज्यादा है।<br />
<em><strong>अस्पताल के सभी डिपार्टमेंट होंगे सर्व सुविधा युक्त </strong></em><br />
मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हर डिपार्टमेंट को सर्व सुविधा युक्त करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों के आने से जिलेवासियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। जिलेवासियों ने 43 करोड़ की स्वीकृति के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का बहुत-बहुत आभार प्रकट किया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
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                <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 14:49:35 +0530</pubDate>
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