धमतरी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर धमतरी शहर में भक्तिमय माहौल है। शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्त व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिरों में विशेष साज-सज्जा के साथ भगवान के जन्मोत्सव की तैयारियां की गई हैं।
धमतरी के 105 वर्ष पुराने प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। नंदलाल के जन्मोत्सव के लिए मंदिर में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया है। भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण कृष्णमय बना हुआ है।
कान्हा को चढ़ाया 5 किलो का मोतीचूर लड्डू
जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को विशेष भोग लगाया गया। बांके बिहारी मंदिर में कान्हा को 5 किलो के मोतीचूर के लड्डू का भोग अर्पित किया गया। आकर्षक रूप से तैयार किए गए इस विशेष भोग को लेकर श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
दिनभर होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
मंदिर के पुजारी ने बताया कि सुबह से ही व्रती श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है, जो पूरे दिन जारी रहेगा। जन्माष्टमी को विशेष बनाने के लिए मंदिर में दिनभर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस दौरान भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और यज्ञ सहित कई धार्मिक आयोजन होंगे। वहीं, बच्चों और उनके परिजनों के लिए दीप सजाओ तथा राधा-कृष्ण सज्जा प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
आधी रात को होगा नंदलाल का जन्म
जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन रात 12 बजे होगा। तिथि के अनुसार मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान का अभिषेक और आरती की जाएगी। भगवान के जन्म के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था रहेगी।
जन्माष्टमी को लेकर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। सुबह से लेकर मध्यरात्रि तक मंदिर में भक्तों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठेगा।



