कोरबा। जिले में चोरों के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा बालको नगर थाना क्षेत्र में सामने आई इस सनसनीखेज वारदात से लगाया जा सकता है। चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए पहले चालू विद्युत लाइन के पांच खंभों को हथौड़े और अन्य औजारों से क्षतिग्रस्त कर शॉर्ट सर्किट कराया, जिससे विद्युत प्रवाह बंद हो गया। इसके बाद सुनियोजित तरीके से विद्युत टावर को गिराया और उसमें लगे एल्युमिनियम कंडक्टर वायर को काटकर अपने साथ ले गए।
घटना के बाद क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने से विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया। लाइन की जांच के दौरान जब विद्युत टावर के क्षतिग्रस्त होने और वायर गायब होने की जानकारी सामने आई, तब विभाग की ओर से बालको नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
पेट्रोलिंग के दौरान मिला गिरा हुआ टावर
पुलिस के अनुसार घटना 4 से 5 सितंबर की दरम्यानी रात की है। पुलिस टीम नियमित पेट्रोलिंग पर थी। इसी दौरान अंबेडकर चौक, भदरापारा से बालको के आगे सीएसईबी की ओर जाने वाले मार्ग पर एक विद्युत टावर जमीन पर गिरा हुआ दिखाई दिया। मौके की जांच करने पर टावर में लगे एल्युमिनियम कंडक्टर वायर के चोरी होने की जानकारी सामने आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बालको नगर थाना प्रभारी युवराज तिवारी ने तत्काल एएसआई अजय सिंह सहित पुलिस स्टाफ को जांच में लगाया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 528/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर दबोचे गए आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने विद्युत टावर गिराकर उसमें लगे वायर को काटकर चोरी करना स्वीकार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 65 हजार रुपये कीमत का एल्युमिनियम कंडक्टर वायर बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी चोरी किए गए माल को खपाने की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
दोनों आरोपी बालको क्षेत्र के ही रहने वाले
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गगन टंडन (25 वर्ष), पिता महावीर टंडन और वासु साण्डे उर्फ चिंटू (18 वर्ष 8 माह), पिता मोहन लाल के रूप में हुई है। दोनों आरोपी अंबेडकर चौक, भदरापारा, थाना बालको नगर के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 136, 139, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 तथा बीएनएस की धारा 61, 303(2), 3(5) के तहत कार्रवाई की है।
चोरी के माल के खरीदारों तक पहुंचना भी जरूरी
इस घटना ने विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और चोरी के माल के नेटवर्क पर भी सवाल खड़े किए हैं। जिस तरह आरोपियों ने पहले पांच बिजली खंभों को क्षतिग्रस्त कर विद्युत प्रवाह बंद कराया और फिर टावर गिराकर वायर काटा, उससे प्रथम दृष्टया यह वारदात सुनियोजित प्रतीत होती है।
अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती भी है कि चोरी किया गया विद्युत वायर आखिर किसे बेचा जाना था और चोरी के माल को खपाने में कौन-कौन लोग शामिल हैं। यदि चोरी के माल के खरीदारों तक पुलिस पहुंचती है तो जिले में सक्रिय चोरी के नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।



