राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच सुरक्षा एजेंसियों ने ताजा खतरे की आशंकाओं का आकलन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की Z+ सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है। आइए जानते हैं सुरक्षा में क्या-क्या नए बदलाव किए गए हैं।
आवास और कार्यालय पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा को पुख्ता करते हुए उनके दिल्ली और आगरा स्थित आवासों के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। नई मोती बाग कॉलोनी स्थित उनके घर के भीतर और बाहर सुरक्षा के कड़े पहरे बिठाए गए हैं। कॉलोनी के बाहर अर्धसैनिक बलों की एक पूरी बस तैनात की गई है और हर आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है।
निर्वाचन सदन (ECI Office) में मल्टी-लेयर सुरक्षा
चुनाव आयोग के मुख्य कार्यालय यानी निर्वाचन सदन में भी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जवानों को कार्यालय परिसर के अंदर और बाहर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
आगरा और दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के बाद लिया गया फैसला
सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के पीछे हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन मुख्य वजह रहे हैं। इससे पहले 27 सितंबर को भारतीय युवा कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, कुछ दिन पहले कांग्रेस कार्यकर्ता आगरा में उनके घर के बाहर पहुंच गए थे, जहां उन्होंने नारेबाजी की थी और आवास के मुख्य द्वार तथा दीवारों पर ‘स्प्रे पेंट’ से नारे लिख दिए थे। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने नए सिरे से थ्रेट परसेप्शन की समीक्षा की।
व्यक्तिगत सुरक्षा कवच और 24 घंटे पहरा
ज्ञानेश कुमार के पास पहले से ही Z+ सुरक्षा का घेरा मौजूद था, लेकिन अब इसमें अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को जोड़ा गया है। उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के दायरे को व्यापक बनाया गया है और उनके आवास के आसपास 24 घंटे पुलिस तथा सुरक्षा बलों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है, ताकि उनकी आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
विपक्ष की लामबंदी और सियासी माहौल
यह सुरक्षा ऐसे समय में बढ़ाई गई है जब इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) के नेता लगातार तीन दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लामबंद हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा विपक्षी सांसदों को लगातार लंच बैठकों में बुलाया जा रहा है और संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। राजनीतिक हलचल के बीच सुरक्षा एजेंसियों की यह सतर्कता बेहद अहम मानी जा रही है।



