खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। जनपद पंचायत छुईखदान कार्यालय भवन में चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर जिला पंचायत प्रशासन के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायत में मरम्मत कार्य की स्वीकृति, कार्यादेश, तकनीकी प्रक्रिया, कार्य एजेंसी के चयन और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष शिकायत दी गई। इसमें आरोप लगाया गया है कि मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं, इसकी जांच की जाए। साथ ही तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश और अन्य संबंधित अभिलेखों की भी जांच की मांग की गई है।
बिना कार्यादेश कार्य शुरू होने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जनपद पंचायत कार्यालय भवन में मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने यह स्पष्ट करने की मांग की है कि कार्य के लिए विधिवत कार्यादेश जारी हुआ था या नहीं तथा तकनीकी स्वीकृति कब और किस स्तर से प्रदान की गई।
ग्राम पंचायत खैरा नवापारा के सरपंच प्रकाश जांघेल ने कहा, “कार्यादेश जारी नहीं हुआ है तो जनपद पंचायत कार्यालय में मरम्मत कार्य अभी शुरू होने का सवाल ही नहीं है। इस कार्य से संबंधित पूरी जानकारी उन्हें अभी उपलब्ध नहीं है। हमारे पंचायत के काम को तकनीकी सहायक गौतम पूरी देखते हैं।”
खैरा नवापारा पंचायत को एजेंसी बनाने पर सवाल
शिकायत में ग्राम पंचायत खैरा नवापारा को जनपद पंचायत कार्यालय भवन के मरम्मत कार्य की एजेंसी बनाए जाने की बात पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि पंचायत को कार्य एजेंसी की जिम्मेदारी किस आदेश और किस प्रावधान के तहत दी गई।
हालांकि, ग्राम पंचायत को कार्य एजेंसी बनाए जाने की वास्तविक स्थिति संबंधित स्वीकृति, आदेश और लागू नियमों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आरईएस छुईखदान के इंजीनियर गौतम पुरी ने कहा, “जनपद पंचायत कार्यालय भवन में खैरा नवापारा को एजेंसी बनाकर चल रहे छत रिपेयरिंग कार्य की उन्हें जानकारी नहीं है।”
तकनीकी निगरानी और मापांकन की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मरम्मत कार्य की तकनीकी निगरानी पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत में यह जांच कराने की मांग की गई है कि कार्य शुरू होने से पहले तकनीकी स्वीकृति ली गई थी या नहीं, स्थल निरीक्षण किस अधिकारी द्वारा किया गया तथा कार्य का मापांकन और गुणवत्ता परीक्षण किस स्तर पर किया गया।
इसके अलावा माप पुस्तिका, स्वीकृत राशि, बिल-वाउचर, भुगतान आदेश और अब तक किए गए भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग भी की गई है।
शासकीय राशि के खर्च का हिसाब मांगा
शिकायत में अब तक मरम्मत कार्य पर खर्च की गई शासकीय राशि का विवरण भी मांगा गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि जांच में निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत कार्य कराया जाना पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही वित्तीय अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल
शिकायत में जनपद पंचायत के प्रभारी की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि नियमों का पालन किए बिना कार्य कराया गया। इसी आधार पर संबंधित प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। आरोपों की पुष्टि या खंडन संबंधित शासकीय दस्तावेजों और विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगा।
जिला पंचायत सीईओ ने कहा- शिकायत मिली, जांच कराई जाएगी
मामले में जिला पंचायत प्रशासन ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। जिला पंचायत के सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने कहा, “शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कराई जाएगी।”
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
अब जिला पंचायत प्रशासन की जांच के बाद ही मरम्मत कार्य की प्रक्रिया और जिम्मेदारी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। जांच में यह सामने आना है कि कार्यालय भवन के मरम्मत कार्य के लिए विधिवत स्वीकृति और कार्यादेश जारी हुआ था या नहीं, खैरा नवापारा ग्राम पंचायत को कार्य एजेंसी बनाए जाने का आधार क्या था, तकनीकी निगरानी किस स्तर पर हुई और अब तक कितनी शासकीय राशि खर्च की गई।



