मुंगेली। जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम तेलीखाम्ही की दिव्यांग विद्या साहू ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से सफलता की नई मिसाल कायम की है। एक हाथ से 70 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांगता के बावजूद विद्या ने हार नहीं मानी और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजी पीएससी) परीक्षा-2024 में छठे प्रयास में अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के पद पर चयनित होकर जिले का गौरव बढ़ाया है।
विद्या की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर शासन की ओर से समाज कल्याण विभाग की ‘क्षितिज अपार संभावनाएं’ योजना के अंतर्गत दिव्यांग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल और जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे ने विद्या साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि विद्या की सफलता उनकी मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। उनकी उपलब्धि जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा दी गई प्रोत्साहन राशि न केवल विद्या की उपलब्धि का सम्मान है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बनेगी। उन्होंने विद्या को भविष्य में और ऊंचा मुकाम हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल ने कहा कि विद्या की उपलब्धि उनके परिवार के साथ-साथ जिले के उन युवाओं के लिए भी गर्व और प्रेरणा का विषय है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अपने भविष्य को नई दिशा देने का सपना देखते हैं। विद्या ने अपने आत्मविश्वास और मेहनत से साबित किया है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति सफलता अवश्य हासिल कर सकता है।
विद्या साहू ने बताया कि सीजी पीएससी में चयन उनका सपना था, जिसे उन्होंने निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ पूरा किया। यह उनका छठा प्रयास था। इससे पहले भी वह साक्षात्कार तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन इस बार उन्होंने सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि उनके लिए बेहद उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता लक्ष्य प्राप्ति की राह में अंतिम बाधा नहीं हो सकती। जीवन में चुनौतियां आती हैं, लेकिन हर चुनौती के साथ समाधान का रास्ता भी होता है। जरूरत है कि लक्ष्य पर विश्वास रखते हुए निरंतर प्रयास किया जाए और कभी हार न मानी जाए।
विद्या साहू लोरमी क्षेत्र के ग्राम तेलीखाम्ही की रहने वाली हैं और किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता श्री सुदर्शन साहू किसान हैं, जबकि माता श्रीमती सरोजनी साहू हैं। उनके दो भाई जितेन्द्र और भोलाराम हैं। परिवार की आर्थिक परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद माता-पिता ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए हमेशा विद्या को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परिवार के सहयोग, आत्मविश्वास और लगातार मेहनत के बल पर विद्या ने अपने लक्ष्य को हासिल किया।
विद्या ने अपनी सफलता और सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण नदीम काजी भी उपस्थित रहे।



