नई दिल्ली। नया मोबाइल सिम कनेक्शन लेने के लिए अब डिजिटल KYC या e-KYC की प्रोसेस अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने आम उपभोक्ताओं के लिए बल्क सिम कार्ड जारी करने पर भी सख्त रोक लगा रखी है।
टेलिकॉम डिपार्टमेंट (DoT) के नियमों के मुताबिक, कोई भी एक व्यक्ति अपने नाम पर आधार कार्ड से अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। यह नियम कनेक्शनों को रेग्युलेट करने के लिए बनाया गया था, लेकिन आधार डिटेल्स के बढ़ते गलत इस्तेमाल को देखते हुए अब समय-समय पर यह चेक करना जरूरी हो गया है कि आपकी पहचान पर कितने सिम एक्टिव हैं।
धोखाधड़ी का खतरा क्यों बढ़ा?
टेलिकॉम कंपनियां नया सिम कार्ड जारी करने के लिए आधार को एक वैध पहचान और पते के दस्तावेज के रूप में स्वीकार करती हैं।इससे आधार आधारित वेरिफिकेशन तो आसान हो जाता है, लेकिन अगर आपकी आईडी किसी गलत हाथों में पड़ जाए तो बड़ा जोखिम खड़ा हो सकता है।
जालसाज कथित तौर पर किसी दूसरे व्यक्ति के पहचान पत्रों का इस्तेमाल करके सिम कार्ड खरीद लेते हैं। इसके बाद इन नंबरों का इस्तेमाल फर्जी कॉल्स, एसएमएस, सोशल मीडिया अकाउंट्स या फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए किया जाता है।
टेलीकॉम विभाग के संचार साथी से ऐसे चेक करें
- आधार के इस मिसयूज को रोकने और ग्राहकों को सतर्क करने के लिए सरकार ने ‘संचार साथी’ पोर्टल पेश किया है।
- इसके तहत टेलीकॉम एनालिटिक्स फॉर फ्रॉड मैनेजमेंट एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन (TAFCOP) की सुविधा दी गई है।
- इसके जरिए उपभोक्ता अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की लिस्ट देख सकते हैं और अनजान नंबरों की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।
ऐसे चेक करें आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- सबसे पहले संचार साथी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन चेक करने वाला ऑप्शन चुनें।
- अपना 10 अंकों का एक्टिव मोबाइल नंबर दर्ज करें, कैप्चा कोड भरें और OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।
- वेरिफिकेशन होते ही आपकी पहचान से जुड़े सभी मोबाइल नंबर स्क्रीन पर आ जाएंगे।
- अगर लिस्ट में कोई ऐसा नंबर दिखता है जिसे आप नहीं पहचानते, तो आप उसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट और ब्लॉक करने की कार्रवाई कर सकते हैं।
सुरक्षा जांच की जरूरत क्यों पड़ी?
- आज के समय में मोबाइल नंबर सीधे बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट्स, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े हुए हैं।
- अगर कोई अनजान या फर्जी सिम आपके नाम से चालू रहता है, तो जालसाज आपके नाम पर OTP आधारित ऑथेंटिकेशन और अन्य सुविधाओं में सेंध लगा सकते हैं।
- सरकार ने सिम कार्ड जारी करने के नियमों को और कड़ा किया है। नए सिम के लिए e-KYC अनिवार्य है और बल्क सिम बिक्री पर रोक है।
- इसके अलावा, डिएक्टिवेट (बंद) हुए नंबरों के री-इश्यू को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं, जिसके तहत किसी निष्क्रिय नंबर को दोबारा किसी को अलॉट करने से पहले 90 दिनों का वेटिंग पीरियड अनिवार्य किया गया है।
क्या है TAFCOP?
टेलीकॉम एनालिटिक्स फॉर फ्रॉड मैनेजमेंट एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन (TAFCOP) दूरसंचार विभाग की एक पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के नाम पर चल रहे फर्जी सिम कनेक्शनों की पहचान करना और डिजिटल फ्रॉड से सुरक्षा देना है।
जरूरी नियम: एक भारतीय नागरिक अधिकतम 9 सिम कार्ड (असम और पूर्वोत्तर राज्यों/जम्मू-कश्मीर के लिए सीमित मामलों में 6) अपने नाम रख सकता है।



