नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को देश की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का परिणाम बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने तमाम चुनौतियों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच तेज आर्थिक विकास की अपनी क्षमता को साबित किया है। उन्होंने कहा कि देश को अब इसी विकास दर की गति को बनाए रखते हुए अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
‘जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदें’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एक बार फिर लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए।” प्रधानमंत्री इससे पहले भी 11 मई को देशवासियों से सोने की अनावश्यक खरीदारी से बचने की अपील कर चुके हैं।
उन्होंने लोगों से आर्थिक गतिविधियों में देश के हित को प्राथमिकता देने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों को ‘मेक इन इंडिया’ की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
‘झूठ की गूंज’ से माहौल खराब करने वालों पर निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में विपक्ष और सरकार की नीतियों के आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के भीतर कुछ लोग निराशा फैलाने और ‘झूठ की गूंज’ के सहारे माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है।
उन्होंने कहा कि भारत के सामने विकास की बड़ी संभावनाएं हैं और देश को अपनी आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करते रहना होगा।
विदेश यात्रा और विदेश में शादी से बचने की अपील
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विदेश में घूमने के लिए अनावश्यक यात्राओं और विदेश में शादी समारोह आयोजित करने से बचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि देश के भीतर ही पर्यटन, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मोदी ने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि जितना अधिक भारत अपने उत्पादों, संसाधनों और क्षमताओं पर भरोसा करेगा, उतनी ही मजबूती से देश आगे बढ़ेगा।
‘विकसित भारत’ का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में विकास की इसी गति को और तेज करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत की युवा पीढ़ी को एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत सौंपने का सपना साकार होगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक संकल्प और प्रयासों का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए भारत की विकास यात्रा में योगदान देने का आह्वान किया।



