रायपुर। रक्षाबंधन के पर्व को देखते हुए डाक विभाग ने विदेशों में रहने वाले भाई-बहनों तक समय पर राखी पहुंचाने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंटरनेशनल ट्रैक पैकेट सर्विस (आईटीपीएस) के जरिए छत्तीसगढ़ से दुनिया के 136 देशों में राखी और उपहार भेजे जा सकेंगे। इस सेवा के तहत 50 ग्राम से लेकर 5 किलोग्राम तक के पार्सल बुक किए जा सकते हैं।
डाक विभाग के अनुसार पार्सल को सीधे उड़ानों के माध्यम से संबंधित देशों तक भेजने की व्यवस्था की गई है। विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर एनके राजपाल ने बताया कि विश्व के 195 देशों में से 136 देशों के लिए रक्षाबंधन के अवसर पर राखी भेजने की विशेष व्यवस्था की गई है। इससे विदेशों में रहने वाले भाई-बहनों को समय पर राखी पहुंचाने में सुविधा होगी।
अलग-अलग देशों में पहुंचने में लगेगा इतना समय
अमेरिका में राखी का पार्सल करीब 7 से 8 दिन में पहुंचने का अनुमान है। ब्रिटेन के लिए 3 से 4 दिन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और ओमान के लिए 4 से 5 दिन का समय निर्धारित किया गया है। मध्य-पूर्व के अन्य देशों में करीब 4 दिन, सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड में 5 से 6 दिन तथा अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में करीब 6 दिन लगने की संभावना है।
अफ्रीकी देशों में पार्सल पहुंचने में करीब 10 से 12 दिन का समय लग सकता है। हालांकि वास्तविक डिलीवरी समय संबंधित देश की सीमा शुल्क प्रक्रिया और स्थानीय वितरण व्यवस्था पर भी निर्भर करेगा।
अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त
रक्षाबंधन को देखते हुए डाक विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। रक्षाबंधन के दिन भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि विदेशों से आने वाले और देश के भीतर भेजे जाने वाले पार्सलों की समय पर छंटाई और डिलीवरी हो सके। देश के भीतर और स्थानीय स्तर पर भेजे जाने वाले पार्सलों को 3 से 5 दिन में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। डाक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से होम कलेक्शन की सुविधा भी ली जा सकती है।
2000 से ज्यादा राखियों की बुकिंग
रक्षाबंधन से पहले ही विदेशों के लिए 2000 से अधिक राखियों की बुकिंग हो चुकी है। वर्तमान में रोजाना करीब 70 राखियों के पार्सल बुक किए जा रहे हैं। समय पर राखी भेजने के लिए मुख्य डाकघर में भीड़ बढ़ रही है। पार्सलों की तेजी से छंटाई और बुकिंग के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। डाक विभाग का यह विशेष अभियान उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके भाई या बहन विदेशों में रहते हैं। आईटीपीएस के जरिए छत्तीसगढ़ में तैयार राखियां और उपहार समय पर विदेशों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।



