कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के निदेशक (तकनीकी /संचालन) रमेश चंद्र महापात्र ने शनिवार सुबह दीपका क्षेत्र की खदानों का निरीक्षण कर कोयला उत्पादन, उत्पादकता और परिचालन दक्षता से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए उत्पादन गतिविधियों में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान महापात्र ने खदानों के विभिन्न वर्किंग फेस, इवैक्यूएशन रूट, टीआरएस (TRS), कोल स्टॉक्स तथा बेल्ट कन्वेयर सिस्टम का अवलोकन किया। उन्होंने खनन कार्यों से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए कोयले की सुचारू निकासी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और विभिन्न परिचालन गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के लिए कार्यस्थल की तैयारियों, मशीनों के समुचित उपयोग तथा परिचालन संबंधी बाधाओं को समय पर दूर करना महत्वपूर्ण है।
खदानों के निरीक्षण के बाद निदेशक (तकनीकी/संचालन) ने दीपका क्षेत्र के सभी विभागाध्यक्षों और कॉन्ट्रैक्टर स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की। बैठक में कोयला उत्पादन की प्रगति, कार्यस्थलों की तैयारियों तथा खनन एवं कोयला निकासी से जुड़ी परिचालन चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श किया गया।
महापात्र ने अधिकारियों और संबंधित स्टेकहोल्डर्स को आपसी समन्वय मजबूत करने तथा कार्यों के निष्पादन में आने वाली बाधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से समन्वित रूप से कार्य करते हुए उत्पादन गतिविधियों को गति देने और परिचालन दक्षता में सुधार लाने की अपेक्षा की।
उन्होंने कोयला उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों और निर्धारित कार्यप्रणालियों का पालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन गतिविधियों के दौरान सुरक्षित कार्य वातावरण बनाए रखना और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। एसईसीएल के दीपका क्षेत्र में इस निरीक्षण को उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने, परिचालन व्यव



