जांजगीर/बम्हनीडीह। जनपद पंचायत बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरिया में छह नग पचरियों की मरम्मत के नाम पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। पंचायत के अभिलेखों में संबंधित कार्य पर 2 लाख 48 हजार 576 रुपये का व्यय दर्ज बताया जा रहा है, जबकि कार्य की अनुमानित लागत करीब 2 लाख 87 हजार रुपये बताई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर अपेक्षित स्तर का मरम्मत कार्य नहीं कराया गया और मामूली सुधार के बाद ही कार्य को पूर्ण दर्शाकर राशि का आहरण कर लिया गया।
काम और खर्च में अंतर का आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक कुछ पचरियों में मामूली मरम्मत की गई है, जबकि कहीं केवल ऊपरी लेप या सतही सुधार दिखाई देता है। उनका कहना है कि यदि छह नग पचरियों की मरम्मत पर करीब ढाई लाख रुपये खर्च किए गए हैं, तो मौके पर किए गए कार्य और इस्तेमाल की गई सामग्री उसी अनुपात में दिखाई देनी चाहिए। ग्रामीणों ने कार्य की गुणवत्ता और खर्च की वास्तविकता पर सवाल उठाते हुए मौके का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, सामग्री खरीदी, मजदूरी भुगतान और कार्य से संबंधित अन्य अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दस्तावेजों में दर्ज व्यय और मौके पर किए गए कार्य का मिलान होने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पंचायत के जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों ने पंचायत सचिव, सरपंच सहित संबंधित तकनीकी अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण और मरम्मत कार्यों का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया, माप और तकनीकी सत्यापन के आधार पर किया जाता है। ऐसे में यदि मौके पर काम कम हुआ है और भुगतान अधिक दर्शाया गया है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराकर वास्तविक कार्य और अभिलेखों में दर्ज व्यय का मिलान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यदि वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार संबंधितों से राशि की वसूली और कार्रवाई की जानी चाहिए।
निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि समय-समय पर कार्यों का निरीक्षण और भौतिक सत्यापन होने से ऐसी शिकायतों की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। अब इस मामले में जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छह नग पचरियों की मरम्मत पर वास्तव में कितना काम हुआ और कितनी राशि खर्च की गई।
अधिकारी ने कहा—जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस संबंध में बी.एस. पैकरा, ईई, आरईएस जांजगीर ने कहा, “शिकायत मिली है। जांच करवाते हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।”



