रायपुर। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस के रुख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसी उद्घोष ने लाखों क्रांतिकारियों में मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने का साहस जगाया।
साहू ने कहा कि राष्ट्रगीत के प्रति कांग्रेस का रवैया उसकी संकुचित मानसिकता और वोट बैंक की राजनीति को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस ऐसे मुद्दों पर राष्ट्रहित के विपरीत खड़ी नजर आती है। उन्होंने कहा कि किसी वर्ग विशेष को खुश करने के लिए देश की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि भारत की जनता राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसे ‘मां भारती’ की वंदना और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े इस अमर मंत्र से परहेज क्यों है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगीत राजनीति से ऊपर हैं। इन विषयों पर किसी भी तरह का समझौता देश के लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। ‘वन्दे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता संग्राम, बलिदान और राष्ट्रीय एकता की अमर विरासत है, जिसका सम्मान हर भारतीय का दायित्व है।



