जांजगीर-चांपा। शराब के नशे में वाहन चलाने के मामले में जांजगीर न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी वाहन चालक पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही न्यायालय ने चालक को 30 दिवस की सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है। आदेश के तहत चालक को प्रतिदिन सुबह तीन घंटे यातायात शाखा एवं थाना कोतवाली जांजगीर में साफ-सफाई का कार्य करना होगा।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने और शराब के नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने सरखो निवासी वाहन चालक विजय सूर्यवंशी को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा था। पुलिस ने वाहन जब्त कर आरोपी के खिलाफ मोटर यान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया।
बताया गया है कि आरोपी चालक को इससे पहले भी शराब का सेवन कर वाहन चलाते हुए पकड़ा जा चुका है। उस समय न्यायालय द्वारा उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया था। इसके बावजूद दोबारा शराब के नशे में वाहन चलाने पर न्यायालय ने इस बार कठोर एवं समाजोपयोगी दंड सुनाया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, जांजगीर ने सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता को ध्यान में रखते हुए आरोपी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही 30 दिवस की सामुदायिक सेवा का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुसार 28 अगस्त से चालक को प्रतिदिन सुबह तीन घंटे यातायात शाखा एवं थाना कोतवाली जांजगीर में साफ-सफाई करनी होगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि शराब पीकर वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। नशे में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है।



