बिलासपुर। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम लोगों के लिए बिजली बिल में बचत के साथ अतिरिक्त आमदनी का माध्यम बन रही है। घरों की छतों पर सोलर संयंत्र स्थापित कर उपभोक्ता अपनी बिजली की जरूरतें पूरी करने के साथ अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर सकते हैं। यह बात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित योजना के जागरूकता कार्यक्रम में कही।
उप मुख्यमंत्री साव ने नागरिकों से सौर ऊर्जा अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह वर्तमान की जरूरत और भविष्य के लिए लाभकारी निवेश है। बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक अपनाने से शुरुआत में कुछ आशंकाएं हो सकती हैं, लेकिन समय के साथ आगे बढ़ने के लिए तकनीक से जुड़ना जरूरी है। सोलर संयंत्र से घरेलू बिजली की जरूरत पूरी करने के साथ अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी भी की जा सकती है। शासन का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजना का लाभ पहुंचे।
क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इलेक्ट्रिक वाहनों सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में सौर ऊर्जा की अहम भूमिका होगी। उन्होंने उद्योगों में भी सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे ने गुजरात के अनुभवों से सीख लेने और सोलर संयंत्रों के उचित रखरखाव पर ध्यान देने की बात कही।
हितग्राही ने बताया, बिजली बिल शून्य और हुई कमाई
कार्यक्रम में योजना के लाभार्थी जयंत सरकार ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने सितंबर 2025 में योजना का लाभ लेकर अपने घर में सोलर संयंत्र स्थापित कराया। पूरी प्रक्रिया सहजता से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि सोलर संयंत्र लगने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और अब तक ढाई हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई भी हुई है। उनका अनुभव योजना के लाभों को समझने के लिए अन्य उपभोक्ताओं के लिए प्रेरणादायक रहा।
इस अवसर पर जयंत सरकार, सरोज तिवारी, लक्ष्मी देवी लहरे, गायत्री ठाकुर और प्रतिभा शुक्ला सहित दो दर्जन हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। योजना के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बिजली विभाग के अधिकारियों, वेंडर्स और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
जिले के 10 गांवों को शत-प्रतिशत सोलर से जोड़ने का लक्ष्य
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले के 10 गांवों को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। शहर का पॉम एन्क्लेव पूरी तरह सोलर ऊर्जा से जुड़ चुका है, जो अन्य आवासीय क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक घरों तक योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। इससे बिजली खर्च में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सीएसईबी के कार्यपालन निदेशक ए.के. अंबष्ट ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि पीएम सूर्यघर योजना घरेलू बजट का बोझ कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। केंद्र और राज्य सरकार की सहायता से उपभोक्ताओं को दोहरी सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले में अब तक लगभग 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है, जिसमें केंद्र सरकार के 72 करोड़ और राज्य सरकार के 28 करोड़ रुपये शामिल हैं।
अधीक्षण अभियंता सुरेश जांगड़े ने योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 46 हजार सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके विरुद्ध लगभग 13 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं और साढ़े सात हजार संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक किलोवॉट क्षमता के संयंत्र पर 45 हजार रुपये, दो किलोवॉट पर 90 हजार रुपये तथा तीन किलोवॉट पर एक लाख आठ हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर संयंत्र लगाना अधिक आसान हुआ है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश सिंह और नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उपभोक्ता, हितग्राही, वेंडर्स एवं बैंक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सौरभ सक्सेना ने किया तथा आभार प्रदर्शन सीएसईबी के वरिष्ठ अधिकारी श्री पी.एल. सिदार ने किया।



