गरियाबंद। गांवों में विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालने वाली ग्राम पंचायतें आज खुद आर्थिक बदहाली से जूझ रही हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि पंचायतों के बकाया भुगतान के लिए सरपंचों को हाथों में कटोरा लेकर सड़क पर उतरना पड़ा। मनरेगा के करीब 30 करोड़ रुपए समेत मूलभूत और 16वें वित्त आयोग की राशि महीनों से अटकी होने से जिलेभर के सरपंचों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा।
जिला सरपंच संघ के नेतृत्व में सैकड़ों सरपंच, उपसरपंच और पंच कटोरा लेकर जिला मुख्यालय में रैली निकालते हुए तिरंगा चौक पहुंचे। यहां तालपट्टी बिछाकर चक्काजाम किया और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चक्काजाम से राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ और वाहनों की कतार लग गई। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और मान-मनौव्वल के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटे।
कलेक्टोरेट से निकली रैली कटोरा लेकर जताया विरोध
जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष हरीश साहू के नेतृत्व में आंदोलन की शुरुआत कलेक्टोरेट परिसर से हुई। यहां से सरपंचों की रैली सिविल लाइन होते हुए बस स्टैंड पहुंची और फिर तिरंगा चौक पहुंचकर प्रदर्शन में तब्दील हो गई। हाथों में कटोरे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गांवों में सड़क, नाली, भवन और अन्य विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी पंचायतों की है, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। पंचायतों के खाते खाली हैं और जनप्रतिनिधियों को अपने ही कराए गए कार्यों की राशि के लिए कटोरा लेकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
तिरंगा चौक पर तालपट्टी बिछाकर किया चक्काजाम
तिरंगा चौक पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और तेज हो गया। सरपंचों ने सड़क पर तालपट्टी बिछाकर चक्काजाम किया। इस दौरान कटोरा लेकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। चक्काजाम के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों की समझाइश के बाद सरपंचों ने आंदोलन समाप्त किया।
दीपावली तक भुगतान नहीं तो होगा घेराव और चक्काजाम
जिला सरपंच संघ ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, कलेक्टर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें दीपावली से पहले सभी लंबित राशियों का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो शासन-प्रशासन का घेराव और चक्काजाम किया जाएगा। सरपंचों का कहना है कि पंचायतों को गांवों के विकास की जिम्मेदारी देने के साथ समय पर बजट और बकाया भुगतान उपलब्ध कराना भी शासन की जिम्मेदारी है।
जिलेभर के सरपंच हुए शामिल
प्रदर्शन में जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष हरीश साहू, संरक्षक पन्ना लाल ध्रुव, कार्यकारी अध्यक्ष कोमल देव ध्रुव, कोषाध्यक्ष हलमन धुवा, सचिव पवन सिंह यादव सहित जिला उपाध्यक्ष पद्मा मोती निषाद फिंगेश्वर, घनश्याम मरकाम मैनपुर, चम्पेश्वर ध्रुव छुरा, नरेंद्र ध्रुव गरियाबंद और रोशनी प्रधान देवभोग समेत जिलेभर के सरपंच, उपसरपंच एवं पंच शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर पंचायतों की आर्थिक बदहाली दूर करने और लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग उठाई।



