माता शबरी के बेर लेकर रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या रवाना हुआ साय कैबिनेट

माता शबरी के बेर लेकर रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या रवाना हुआ साय कैबिनेट

रायपुर । रामलला के दर्शन करने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में पूरा मंत्रिमंडल अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। अयोध्या धाम में प्रभु राम के दर्शन के लिए निकले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उनके कैबिनेट के सहयोगियों का यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। राम काज और राम भक्ति की गहरी भावना के […]

रायपुर । रामलला के दर्शन करने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में पूरा मंत्रिमंडल अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। अयोध्या धाम में प्रभु राम के दर्शन के लिए निकले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उनके कैबिनेट के सहयोगियों का यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। राम काज और राम भक्ति की गहरी भावना के साथ ननिहाल का स्नेह और भक्ति लेकर मुख्यमंत्री ने इस यात्रा की योजना बनाई।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रभु श्री राम से कामना करना है। उन्होंने बताया कि प्रभु राम के प्रति भक्ति और समर्पण ही उन्हें इस यात्रा पर ले आया है।

मुख्यमंत्री श्री साय माता शबरी के पवित्र धाम शिवरीनारायण से मीठे बेर और पानी प्रभु श्री राम के लिए उपहार स्वरूप लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपहार माता शबरी की भक्ति और समर्पण की भावना को दर्शाता है।

विशेष भोग और प्रसाद
प्रभु श्री राम को विशेष भोग अर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री ने विष्णु भोग चावल, सीताफल और मिष्ठान्न के लिए अईरसाऔर करी लड्डू तैयार किया है। इन सभी भोगों का महत्व राम कथा से जुड़ा हुआ है, जो छत्तीसगढ़ के इतिहास और संस्कृति को दर्शाता है।

स्थानीय कोसे से बने वस्त्र
प्रभु श्री राम की वस्त्र सज्जा के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय कोसे से बने वस्त्र भी अर्पित करने का निर्णय लिया है। इन वस्त्रों का विशेष महत्व है क्योंकि ये स्थानीय कारीगरों की मेहनत और संस्कृति को दर्शाते हैं।

उपहारों की विशेषता
मुख्यमंत्री ने जो उपहार की थाली तैयार की है, उसमें सभी पदार्थ राम कथा से संबंधित हैं। चाहे विष्णु भोग हो या सीताफल, सभी से प्रभु के छत्तीसगढ़ प्रवास का दिव्य स्मरण होता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह दौरा न केवल राम भक्ति का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और समर्पण की भावना को भी उजागर करता है।

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