धमतरी। धर्मांतरण से जुड़े कानून के प्रावधानों की प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर बेहतर समझ विकसित करने की मांग को लेकर हिंदू जागरण मंच के प्रांत एवं जिला पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के सभी जिलों में कार्यशाला आयोजित कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देने की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि कानून लागू होने के साथ-साथ उसके प्रावधानों और कार्रवाई की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी उन अधिकारियों-कर्मचारियों तक पहुंचना जरूरी है, जो जमीनी स्तर पर शिकायतों और मामलों को देखते हैं।
विजय शर्मा ने कहा- अधिनियम पहले से प्रभावी
मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि धर्मांतरण से संबंधित अधिनियम पहले से प्रभावी है। ऐसे में इसके लिए अलग से एसओपी बनाए जाने की आवश्यकता नहीं है। इस पर हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि कानून के प्रभावी होने के बावजूद उसके प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी प्रशासन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को होना जरूरी है, ताकि किसी शिकायत की स्थिति में प्रक्रिया कानून के अनुरूप आगे बढ़ाई जा सके।
हर जिले में कार्यशाला आयोजित करने की मांग
मंच ने मांग की कि सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी कर जिला स्तर पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित कराई जाएं। इन कार्यशालाओं में राजस्व, प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी जाए। इसके साथ ही शिकायत मिलने के बाद अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, जांच की जिम्मेदारी और कानून के तहत की जाने वाली कार्रवाई जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण देने की मांग की गई।
पुलिस अधिकारियों के लिए भी प्रशिक्षण की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव भी दिया। मंच के पदाधिकारियों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों को कानून की स्पष्ट जानकारी मिलने से धर्मांतरण से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं पर नियमानुसार कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
कानून हाथ में न लेने की अपील
हिंदू जागरण मंच ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण धार्मिक आचरण के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही यदि किसी मामले में कानून का उल्लंघन सामने आता है तो उसकी जांच निष्पक्ष तरीके से कर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। मंच ने यह भी कहा कि उसका उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून के पालन और नागरिकों में कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देना है।



