बिलासपुर। गुरु को भगवान का दर्जा देने वाली पावन धरा पर एक सरकारी स्कूल में संवेदनहीनता की सारी हदें पार हो गईं। मस्तूरी विकासखंड की शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी में तेज बुखार से तप रही एक नन्हीं मासूम बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे सहारा देने की बजाय, उससे ही उसकी की हुई उल्टी और गंदी कुर्सी साफ करवाई गई।
कक्षा में बैठकर पढ़ रही बच्ची का बदन तेज बुखार से तप रहा था। इसी असहनीय शारीरिक पीड़ा के बीच उसे अचानक जोर से उल्टी हो गई, जिससे उसकी कुर्सी गंदी हो गई। बीमार बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए शिक्षकों ने ममता भरे स्पर्श, दवा और इलाज की व्यवस्था कराने की जगह प्रताड़ना की सारी हद पार दी।
शाला प्रबंधन का दिल जरा भी नहीं पसीजा। रोती-बिलखती और कांपते हाथों वाली बच्ची के हाथ में कपड़ा थमाकर उल्टी साफ करने का अमानवीय फरमान सुना दिया गया। दर्द और बेबसी के आंसुओं के बीच मासूम खुद ही उस गंदगी को पोछने पर मजबूर रही।
किसी सहृदय व्यक्ति ने इस दारुण दृश्य का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर साझा कर दिया। वीडियो में बच्ची की बेबसी देखकर हर किसी का दिल पसीज गया लेकिन स्कूल प्रबंदन का दिल नहीं दहला। मामला तूल पकड़ते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लिया हैं, उन्होंने तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को तलब कर दोषी शिक्षिका पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर की सख्त हिदायत के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और प्रधान पाठक भारती खांडे को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया।
कलेक्टर की हिदायत पर शिक्षा विभाग में हड़कंप
सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस मार्मिक घटना ने प्रशासनिक गलियारों को हिलाकर रख दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो टूक शब्दों में जांच के आदेश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रधान पाठक को तीन दिनों के भीतर तथ्यात्मक जवाब देने का अल्टीमेटम थमाते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।



