बिलासपुर। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, जांच व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार उठाए जा रहे सवालों के बीच प्रशासन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। खाद्य औषधि प्रशासन ने ‘बने खाबो, बने रहिबो’ अभियान दोबारा शुरू करते हुए मिठाई कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अभियान के पहले दिन व्यापार विहार में 23 कार्टून में रखी करीब 102 किलो बर्फी को सीज कर उसका नमूना जांच के लिए लिया गया। वहीं शनिचरी बाजार में भी मिठाई की जांच कर नमूना प्रयोगशाला भेजा गया।
पिछले दिनों खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, खाद्य औषधि प्रशासन में कर्मचारियों की कमी, नमूनों की जांच रिपोर्ट में देरी और खाद्य कारोबारियों के एफएसएसएआई स्वच्छता रेटिंग जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था। साथ ही यह सवाल भी सामने आया था कि पिछले वर्ष शुरू किया गया ‘बने खाबो, बने रहिबो’ अभियान कुछ दिनों बाद ही सीमित क्यों हो गया और खाद्य सुरक्षा के लिए पूरे साल नियमित निगरानी क्यों नहीं की जा रही है।
इन खबरों के बाद प्रशासन ने सात दिवसीय अभियान शुरू किया है। पहले दिन ही कार्रवाई का असर दिखाई दिया। व्यापार विहार में जांच के दौरान 23 कार्टून में रखी 102 किलो बर्फी को सीज कर नमूना लिया गया। विभाग की कार्रवाई से मिठाई और अन्य खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है।
मिठाई के लेबल में मिली कमी, प्रकरण दर्ज
खाद्य औषधि प्रशासन की टीम ने ‘बने खाबो, बने रहिबो’ अभियान के तहत शनिचरी बाजार स्थित गुरु कृपा ट्रेडर्स की जांच की। यहां ‘मद्रास स्पेशल खस्ता मिठाई’ का नमूना लिया गया। जांच के दौरान मिठाई के लेबल में आवश्यक जानकारी नहीं होने की बात सामने आई। विभाग ने इसे मिथ्याछाप मानते हुए संबंधित फर्म के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
ठेले-गुमटी के बाद बड़े प्रतिष्ठान पर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा को लेकर अब तक कार्रवाई का दायरा अक्सर ठेले-गुमटी और छोटे खाद्य कारोबारियों तक सीमित रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। लेकिन अब विभाग ने बड़े प्रतिष्ठानों पर भी सख्ती शुरू कर दी है। पुराने हाईकोर्ट के सामने संचालित मद्रासी होटल का खाद्य लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। इस कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों के बीच भी नियमों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ी है।
त्योहार को देखते हुए जांच रहेगी जारी
रक्षाबंधन के मद्देनजर खाद्य औषधि प्रशासन ने मिठाई, पनीर, खोवा सहित अन्य खाद्य पदार्थों की जांच लगातार जारी रखने की बात कही है। ऐसे में सात दिवसीय अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों के यहां निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई और बढ़ने की संभावना है।
खाद्य सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवालों के बाद दोबारा शुरू हुआ यह अभियान एक बार फिर इस जरूरत को सामने लाता है कि कार्रवाई केवल त्योहारों तक सीमित न रहे। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सालभर नियमित निरीक्षण, पर्याप्त अधिकारियों की तैनाती और खाद्य नमूनों की समय पर जांच जरूरी है। तभी उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा हो सकेगा।



