बिलासपुर। जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत जिले में 4 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से दो बालक छात्रावासों का निर्माण कराया जाएगा। कोटा विकासखंड के हायर सेकेंडरी स्कूल बानाबेल में 50 सीटर तथा बिल्हा विकासखंड के हायर सेकेंडरी स्कूल करमा में 100 सीटर छात्रावास बनाया जाएगा। दोनों छात्रावासों के निर्माण से कुल 150 विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी।
राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ की ओर से जारी आदेश के अनुसार डीए-जेजीयूए अभियान के तहत बानाबेल छात्रावास के लिए 1 करोड़ 85 लाख रुपये तथा करमा छात्रावास के लिए 2 करोड़ 75 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। दोनों भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग, सिरपुर भवन रायपुर के मुख्य अभियंता को सौंपी गई है।
जारी आदेश में निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं तकनीकी स्वीकृति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्य स्वीकृत बजट की सीमा में चयनित स्थल पर ही कराया जाएगा। निर्माण स्थल पर कार्य से संबंधित जानकारी का बोर्ड लगाना तथा कार्य प्रारंभ होने की सूचना जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला मिशन समन्वयक कार्यालय को देना भी अनिवार्य होगा।
इसके अलावा छात्रावास भवनों को आकाशीय बिजली से सुरक्षित रखने के लिए तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) लगाना अनिवार्य किया गया है। छात्रावासों के निर्माण से जिले के आदिवासी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर आवासीय वातावरण मिलेगा और शिक्षा के अवसरों को विस्तार देने में मदद मिलेगी।



