
कोरबा। जिले के ग्राम पताढ़ी क्षेत्र में प्रस्तावित अडानी पावर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया उस समय रुक गई, जब प्रभावित ग्रामीणों ने रोजगार और पुनर्वास की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भारी पुलिस बल और 5 से 7 मशीनों की मौजूदगी में प्रशासन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू करने पहुंचा था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते कार्य रोकना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, अधिग्रहण क्षेत्र में कुल 795 खाताधारक हैं, जिनमें से अब तक 128 खाताधारकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, वहीं ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन ही आजीविका का मुख्य आधार है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित प्रत्येक परिवार के लिए रोजगार और पुनर्वास की स्पष्ट एवं लिखित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने साफ कहा कि केवल कुछ लोगों को रोजगार देने से वे सहमत नहीं होंगे। उनकी मांग है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित सभी 795 खाताधारकों को रोजगार दिया जाए। जब तक इस संबंध में ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक अधिग्रहण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने दी जाएगी।
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम सरोज महिलांगे और अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और सहमति के आधार पर समाधान निकालने का प्रयास किया।
समाचार लिखे जाने तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत जारी थी तथा भूमि अधिग्रहण का कार्य रुका हुआ था। प्रशासन ने क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है, जबकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग हैं। इस घटनाक्रम के बाद अडानी प्लांट के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया फिलहाल अनिश्चितता के दौर में पहुंच गई है।


