कोरबा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 10 अक्टूबर 2026 को शासकीय इंजी. विश्वेसरैया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोरबा (छत्तीसगढ़) में नशामुक्ति युवा अभियान, पोषण जागरूकता एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो), गृह विज्ञान विभाग एवं मनोविज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पोस्टर मेकिंग, जागरूकता रैली एवं नुक्कड़ नाटक के जरिए आम नागरिकों को जागरूक किया गया। महाविद्यालय परिसर, रजगामार रोड एवं कोसाबाड़ी चौक में स्वयंसेवकों ने आउटरीच जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नशामुक्त जीवन, संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व का संदेश दिया।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों को तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन तथा मानसिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और उससे परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को प्रस्तुत किया गया। वहीं, पोस्टरों एवं रैली के माध्यम से पौष्टिक आहार, स्वस्थ दिनचर्या और नशामुक्त जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एल.एन. कंवर ने अपने संदेश में कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, जबकि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल व्यक्ति को सकारात्मक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार बनाती है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हमें यह समझने का अवसर देता है कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनके प्रति जागरूकता, सहयोग और संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार पटेल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक बनाकर उन्हें जनहित के कार्यों से जोड़ना है। नशामुक्ति, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य एक स्वस्थ समाज के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि सही खानपान, नियमित दिनचर्या, सकारात्मक सोच तथा तनाव प्रबंधन को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। साथ ही, मानसिक परेशानी होने पर परिवार, विश्वसनीय व्यक्तियों एवं योग्य विशेषज्ञों से सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाने में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती मधु कंवर के मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई। पोस्टर मेकिंग के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव, पौष्टिक आहार के महत्व एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संदेश प्रस्तुत किए गए। रैली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने, संतुलित आहार अपनाने तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व रासेयो ग्रुप लीडर एवं स्वयंसेवक दीपक प्रसाद, प्रवीण कैवर्त, मुस्कानरानी कंवर, निशा मिश्रा, आयुष वैष्णव, तरुण सारथी, भव्य सारथी एवं मंजू साहू ने किया। प्राचार्य डॉ. एल.एन. कंवर के संरक्षण एवं निर्देशन तथा कार्यक्रम अधिकारियों अजय कुमार पटेल एवं श्रीमती मधु कंवर के दिशानिर्देश और मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान ने विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, जनसेवा और स्वास्थ्य जागरूकता की भावना को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि “नशामुक्त युवा, सुपोषित शरीर और स्वस्थ मन ही सशक्त राष्ट्र की नींव हैं।” विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित इस पहल ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नशामुक्त जीवनशैली अपनाने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में युवाओं की भागीदारी को रेखांकित किया।



