कोरबा। जिले के उरगा थाना क्षेत्र स्थित मीरा रिसोर्ट में शुक्रवार देर रात आयोजित जन्मदिन की पार्टी उस समय खूनी संघर्ष में बदल गई, जब शराब के नशे में हुए विवाद के बाद एक युवक को कथित रूप से कैंपर वाहन से कुचल दिया गया। इस दर्दनाक घटना में दीपका निवासी उज्जवल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुषार ढांढा वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपका के गरुणनगर क्षेत्र से लगभग 20 से 25 युवक ट्रांसपोर्टर विकास कुमार हुडा का जन्मदिन मनाने के लिए उरगा स्थित मीरा रिसोर्ट पहुंचे थे। रात करीब 1:30 बजे तक पार्टी चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पार्टी में शराब का सेवन किया जा रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर युवकों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज, मारपीट और फिर हिंसक संघर्ष में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद के दौरान आरोपी तुषार ढांढा ने अपना आपा खो दिया और कथित रूप से कैंपर वाहन को तेज रफ्तार में चलाकर उज्जवल सिंह के ऊपर चढ़ा दिया। वाहन की चपेट में आने से उज्जवल गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। जन्मदिन की खुशियां कुछ ही क्षणों में मातम में बदल गईं। मौके पर मौजूद लोग भयभीत होकर इधर-उधर भागने लगे।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी तुषार ढांढा कैंपर वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस रिसोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा पार्टी में मौजूद सभी लोगों से पूछताछ कर घटना के हर पहलू की जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पिछले मात्र 15 दिनों के भीतर कोरबा जिले में यह चौथी हत्या की घटना है। लगातार हो रही हत्याओं से आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हो गए हैं कि वे खुलेआम हत्या जैसी जघन्य घटनाओं को अंजाम देकर फरार हो जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस द्वारा शाम के समय वाहन चेकिंग और औपचारिक गश्त तो की जाती है, लेकिन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण दिखाई नहीं दे रहा है। लोगों का आरोप है कि यदि संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी, रिसोर्ट और होटलों में देर रात होने वाली पार्टियों की सघन जांच तथा असामाजिक तत्वों पर समय रहते कार्रवाई की जाती, तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
शहर के सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कोरबा जैसे शांत शहर में लगातार बढ़ती हत्या, मारपीट और हिंसक घटनाएं प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी हैं। यदि समय रहते कठोर और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आम लोगों का कानून पर से विश्वास कमजोर हो सकता है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि देर रात तक चलने वाली पार्टियों में शराब के अनियंत्रित सेवन, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और नियमों की अनदेखी कई बार बड़े अपराधों का कारण बनती है। ऐसे आयोजनों पर प्रशासन की सख्त निगरानी आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं मृतक उज्जवल सिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने आरोपी के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई और शीघ्र न्याय की मांग की है।
यह घटना केवल एक युवक की हत्या नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और कानून के भय के कमजोर पड़ने का गंभीर संकेत है। लगातार हो रही हत्याओं ने कोरबा की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब आवश्यकता केवल जांच और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों में कानून का वास्तविक भय पैदा करने, सार्वजनिक स्थानों और रिसोर्टों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने की है। तभी आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर पाएंगे और ऐसी दुखद घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

