एमसीबी। चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में हल्दीबाड़ी से बड़ा बाजार जाने वाली मुख्य सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस बीटी सड़क का निर्माण लगभग 1 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण के दौरान पुरानी रिटर्निंग वॉल के बेस पर ही नई दीवार बनाई जा रही है। वहीं, सड़क निर्माण में उपयोग किए जा रहे 40 एमएम बेस मटेरियल में मिट्टी मिलाने की शिकायत भी सामने आई है। निर्माण स्थल पर जिम्मेदार अधिकारियों की नियमित मौजूदगी और निगरानी क लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
पुरानी दीवार के बेस पर नई रिटर्निंग वॉल बनाने का आरोप
चिरमिरी हल्दीबाड़ी से बड़ा बाजार जाने वाली इस सड़क का निर्माण अहिंसा चौक से अग्रसेन चौक तक किया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही इसकी गुणवत्ता को लेकर आपत्तियां सामने आने लगी हैं। आरोप है कि पुरानी रिटर्निंग वॉल को तोड़ने के बाद नई दीवार का निर्माण पुराने बेस पर ही किया जा रहा है। इसके अलावा, सड़क निर्माण के लिए बिछाए जा रहे 40 एमएम बेस मटेरियल में मिट्टी मिलाकर इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

यदि इन शिकायतों की पुष्टि होती है, तो सड़क की मजबूती और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में निर्माण सामग्री की जांच और तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य कराए जाने की आवश्यकता जताई जा रही है।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन ने जांच कराने और निर्माण में सुधार की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस पहले भी आंदोलन कर चुकी है। यदि मौजूदा शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती और निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया जाता, तो कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जाएगी। साथ ही, कांग्रेस आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
निगम कमिश्नर ने जांच कराने की कही बात
मामले में चिरमिरी नगर निगम के कमिश्नर विजेंद्र सिंह सारथी ने बताया कि सड़क का निर्माण लगभग 1 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। रिटर्निंग वॉल की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवालों पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराने की बात कही है। जांच के बाद ही निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
करीब 1 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से बन रही इस सड़क से क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों ने संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में आरोपों की क्या स्थिति सामने आती है और निर्माण कार्य को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए विभाग क्या कदम उठाता है।



