छत्‍तीसगढ़ में कल रात से बंद हो जाएंगी 200 फैक्ट्रियां

छत्‍तीसगढ़ में कल रात से बंद हो जाएंगी 200 फैक्ट्रियां

रायपुर ।   बिजली दरों में हुई 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के विरोध में उद्योगपतियों ने मोर्चा खोला दिया है। उद्योपतियों का कहना है कि महंगी बिजली के कारण उद्योगों के सामने एक बड़ा संकट पैदा हो गया है और इसके चलते 29 जुलाई की रात से सभी फैक्ट्रियां बिजली दर में बढ़ोतरी के विरोध में बंद […]

रायपुर ।   बिजली दरों में हुई 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के विरोध में उद्योगपतियों ने मोर्चा खोला दिया है। उद्योपतियों का कहना है कि महंगी बिजली के कारण उद्योगों के सामने एक बड़ा संकट पैदा हो गया है और इसके चलते 29 जुलाई की रात से सभी फैक्ट्रियां बिजली दर में बढ़ोतरी के विरोध में बंद हो जाएंगी। सोमवार रात से बंद होने वाली फैक्ट्रियों में मिनी स्टील प्लांट व फेरो एलाय फैक्ट्रियां रहेगी, इनकी संख्या करीब 200 है। उद्योगपतियों का कहना है कि सोमवार को इस मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी ने बताया कि बिजली दर में बढ़ोतरी उनके लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। इसके चलते उद्योगों की उत्पादन लागत काफी ज्यादा बढ़ गई है और हर उद्योग को 25 लाख से लेकर 2.5 करोड़ तक का ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
नचरानी ने कहा कि फैक्ट्रियां बंद होती है तो इसका प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, साथ ही बेरोजगारी पर भी पड़ेगा। सीएसपीडीसीएल का 60 प्रतिशत लोड हमारे उद्योगों द्वारा ही आता है। उन्होंने बताया कि बिजली की महंगी दर से निजात दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) को पत्र भी लिखा गया है और उसे बिजली की महंगी दर के कारण होने वाली परेशानी से अवगत भी कराया गया है।
15 दिनों से आ रही परेशानी

Korba Hospital Ad
उद्योगपतियों का कहना है कि बीते 15 दिनों से उद्योगों को यह परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस संबंध में अधिकारियों के साथ ही मंत्रियों से भी मुलाकात की जा चुकी है। इसके बाद भी केवल आश्वासन ही मिला है,इस संकट से बाहर निकलने में हमें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक राज्य

मालूम हो कि प्रदेश में करीब 850 सेज्यादा इस्पात उद्योग है। ओडिशा के बाद देश में दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक राज्य है। बिजली की दरों में बढ़ोतरी के चलते हम बाहरी राज्यों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे है। फैक्ट्रियों के बंद होने से सरकार को राजस्व का भी नुकसान होगा। इन दिनों वैसे ही स्टील उद्योग बाजार की मंदी सेजूझ रहे है और ऊपर से महंगी बिजली की दरों ने तो हालत ही खराब कर दी है।

Join Khaskhabar WhatsApp Group

About The Author

Latest News