सूरजपुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सूरजपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 88 किलो 430 ग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 44 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही बोलेरो वाहन को भी जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 19 अगस्त की रात थाना प्रेमनगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की बोलेरो क्रमांक सीजी 16 सीएन 7570 में अवैध गांजा परसाकेत से बचरापोड़ी, जिला कोरिया की ओर ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम रघुनाथपुर चौक के पास नाकाबंदी कर दी। पुलिस ने बोलेरो को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक पुलिस को देखकर वाहन लेकर बस्ती की ओर भागने लगा। पुलिस ने पीछा करते हुए घेराबंदी की और ब्रम्हपुर में उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम उमरे आजम उर्फ नान्हू खान (40), निवासी ग्राम पोड़ी (बचरा), थाना बैकुंठपुर, जिला कोरिया बताया। पूछताछ में उसने बताया कि पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने के बाद उसने बोलेरो को अस्पताल परिसर में छिपा दिया और वाहन छोड़कर बाइक से लिफ्ट लेकर भाग रहा था।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस मौके पर पहुंची और बोलेरो की तलाशी ली। वाहन से 88 किलो 430 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत करीब 44 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने गांजा और परिवहन में प्रयुक्त बोलेरो वाहन को जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 20(बी)(ii)(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई में एएसआई गुड्डू कुशवाहा, सुप्रियन टोप्पो, पीएसआई पुलेश्वर ध्रुव, प्रधान आरक्षक विनय किस्पोट्टा, प्रमोद लकड़ा, आरक्षक सत्यम सिंह, हरिशचंद दास, दीपक यादव, बृजेश काशी और संतोष ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नशे के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस और आमजन के संयुक्त प्रयास से ही जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।



