आरक्षक विजय बर्खास्त

आरक्षक विजय बर्खास्त

तत्कालीन एसपी ने मामले में संज्ञान लेते हुये गिरफ्तार आरक्षक-ड्राइवर को कर दिया था निलंबित गांजा चोरी के मामले में हुआ था गिरफ्तार एसएसपी ने किया सेवा से पदच्युत दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में जब्त गांजा तस्कर की गाड़ी से गांजा चुराने वाले पुलिसकर्मी और डायल-112 के ड्राइवर समेत चार लोगों को पूर्व में दुर्ग […]

तत्कालीन एसपी ने मामले में संज्ञान लेते हुये गिरफ्तार आरक्षक-ड्राइवर को कर दिया था निलंबित

गांजा चोरी के मामले में हुआ था गिरफ्तार

एसएसपी ने किया सेवा से पदच्युत

दुर्ग।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में जब्त गांजा तस्कर की गाड़ी से गांजा चुराने वाले पुलिसकर्मी और डायल-112 के ड्राइवर समेत चार लोगों को पूर्व में दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तत्कालीन एसपी ने मामले में संज्ञान लेते हुये गिरफ्तार आरक्षक-ड्राइवर को सस्पेंड कर दिया था। अब एस मामले में जिले के नये कप्तान विजय अग्रवाल ने आरक्षक विजय धुरंधर को बर्खास्त कर दिया गया है।
दरअसल, 30 मार्च को पुरानी भिलाई के एनएसपीसीएल फ्लाई ऐस रोड पुरैना में संदिग्ध वाहन चेकिंग के दौरान एक्सयूवी 500 कार क्रमांक सीजी 22 एसी 5656 में दो बोरी गांजा पकड़ा गया था। आरोपी धीरेंद्र शर्मा निवासी जोन 1 खुर्सीपार व युवराज मेहता निवासी गायत्री नगर भिलाई 3 के विरूद्ध थाना पुरानी भिलाई में अपराध दर्ज कर रिमांड में लिया गया था।
जाँच और दोनों आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि कार में कुल तीन बोरी में गांजा रखा हुआ था, जिसमें से दो बोरी गांजा को पुलिस द्वारा कार्यवाही के दौरान जब्त किया गया। एक बोरी को जिसमें 6 किग्रा गांजा था, उसे डायल 112 में तैनात पुलिस आरक्षक विजय धुरंधर और चालक अनिल कुमार टंडन द्वारा निकालकर अपनी गाड़ी में छिपाकर ले गए थे। जाँच में सहीं पाए जाने पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
दोनों ने अपराध करना स्वीकार किया। पूछताछ में बताया कि डायल 112 के चालक अनिल कुमार टंडन के गांव ग्राम औंरी स्थित अपने मकान में छिपाकर रखा है। पुलिस ने चोरी के गांजे को जब्त कर लिया है। साथ ही दोनों के मोबाइल को पुलिस ने जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर धारा 20(B)IIB NDPS ACT के अंतर्गत अपराध पंजीबद्व कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल व्दारा निलंबित आरक्षक विजय धुरंधर क्रमांक-1654 के व्दारा पुलिस रेग्यूलेशन के पैरा 64 (2) (3) व 596 एवं म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 का स्पष्ट अवहेलना किये जाने पर भारत का संविधान के अनुच्छेद-311 के खण्ड (2) के उपखण्ड “ख” के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों के आधार पर निलंबित आरक्षक 1654 विजय धुरंधर को गंभीर कदाचरण के लिए “सेवा से पदच्युत” (Dismissal from service) किये जाने का आदेश पारित किया गया है।

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